बिहार में 9 साल के मासूम पर लगा SC-ST एक्ट, क्या बोली पुलिस ? सुनिए..
बिहार के रोहतास में एक मासूम बच्चे पर SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज हो गया अब दारोगा जी से जज ने जवाब मांग लिया-

Published : February 20, 2026 at 5:41 PM IST
रोहतास : बिहार के रोहतास में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दअरसल यहां थाने में एक नौ साल के मासूम पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. घटना नौहट्टा इलाके की है. इस घटना के बाद लोग इस एक्ट के दुरुपयोग की बात कर रहे हैं.
9 साल के बच्चे पर SC/ST केस : मिली जानकारी के मुताबिक जिले के नौहट्टा थाने क्षेत्र में बच्चों के आपसी विवाद में मारपीट हुई. जिसे लेकर परिजनों ने सात दिसंबर को 2025 को केस दर्ज कराया था, इस मामले में बच्चे के मां के द्वारा केस दर्ज कराया गया था. वहीं चार बच्चों समेत अन्य को आरोपित किया गया था.
किशोर न्यायालय ने जताई हैरानी : मामले को लेकर गुरुवार 19 फरवरी को एक किशोर (बोर्ड) किशोर न्याय परिषद के समक्ष पेश हुआ. बोर्ड के मजिस्ट्रेट अमित कुमार पांडेय व सदस्य तेज बली सिंह ने बच्चों की उम्र को देखकर हैरानी जताई. बोर्ड ने किशोर की उम्र 9 से 10 साल के बीच आंकी. साथ ही प्राथमिकी देखकर हैरानी भी जताई.
केस में किसी की भी नहीं दर्ज थी उम्र : बताया जाता है कि प्राथमिकी के कई कॉलम खाली मिले, किसी भी बच्चे तथा बड़े आरोपित का उम्र नहीं दर्शाया गया था. मामले में किशोर को उनके अभिभावक को सौंपने का निर्देश दिया. साथ में मामले में नोहटा थानाध्यक्ष से 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है.
थानाध्यक्ष को 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश : बताया गया की प्राथमिकी में उम्र का दर्शाना बहुत जरूरी है, ऐसे में बोर्ड ने कहा है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर मामले से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा. वहीं बोर्ड में उपस्थित लोग भी बच्चे को देखकर एससी एसटी एक्ट के दुरुपयोग की बात कह रहे थे.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष? : पूरे मामले पर नौहट्टा थानाध्यक्ष दिवाकर कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि बच्चों के बीच मारपीट को लेकर आवेदन दिया गया था, जिसमें अभिभावक तथा बच्चे का नाम भी शामिल था. मारपीट व गाली गलौज के आरोप थे, जिसे लेकर प्राथमिक दर्ज की गई. यह अनुसंधान का विषय है.
''थाने में मिले आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करना हमारी पहली प्राथमिकता है. वरीय अधिकारियों का भी साफ निर्देश है कि पीड़ित के द्वारा आवेदन देने पर त्वरित कार्रवाई हो और प्राथमिकी दर्ज हो. अनुसंधान के क्रम में किसी भी तरह की बात आती है तो वरीय अधिकारियों के निर्देश पर उचित कार्रवाई होगी.''- दिवाकर कुमार, थानाध्यक्ष नौहट्टा
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