मेरठ में सेंट्रल मार्केट के 80 भूखंडों का ध्वस्तिकरण से बचने के लिए जमा करनी होगी धनराशि, एक महीने का समय मिला
व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि नई शमन नीति के तहत सभी 80 व्यापारी जल्द से जल्द आवेदन की प्रक्रिया पूरी करेंगे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 9, 2026 at 3:57 PM IST
|Updated : March 9, 2026 at 4:21 PM IST
मेरठ: शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के 80 भूखंड स्वामियों को आवास विकास परिषद की तरफ से लैंड यूज (भू-उपयोग) बदलने की मंजूरी मिल गई है. अब व्यापारियों को 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शमन शुल्क जमा करना होगा, जिसके साथ सेटबैक छोड़ने की अनिवार्य शर्त भी रखी गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आवास विकास परिषद द्वारा दिए गए इस विकल्प से व्यापारी अब संतुष्ट नजर आ रहे हैं. इस संबंध में परिषद की ओर से नोटिस प्रेषित किए जा चुके हैं, जिससे ध्वस्तीकरण का खतरा फिलहाल टल गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मचा था हड़कंप: बीते कई महीनों से सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के चेहरे पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मार्केट के एक बड़े कॉम्प्लेक्स को जमींदोज किया जा चुका है, जिसके बाद से ही व्यापारियों में दहशत का माहौल था. कार्रवाई को टालने के लिए व्यापारी बाजार बंद कर लगातार अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगा रहे थे. अब नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत वास्तुविद नियोजक ने 80 व्यापारियों को शमन शुल्क के जरिए राहत देने का निर्णय लिया है.

निर्धारित दरों और समय सीमा का पालन: आवास विकास परिषद द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, व्यापारियों को नोटिस मिलने के एक महीने के भीतर निर्धारित धनराशि जमा करनी होगी. अलग-अलग सेक्टर और ब्लॉक के लिए दरें अलग हैं, लेकिन सेंट्रल मार्केट के लिए सबसे ज्यादा 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है. परिषद के अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार ने स्पष्ट किया है कि व्यापारियों को शमन शुल्क के साथ-साथ पार्किंग का इंतजाम भी स्वयं करना होगा. व्यापारियों को 15 मार्च तक की समय सीमा के भीतर इन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

व्यापारी नेताओं ने फैसले का किया स्वागत: व्यापारी नेता अंजनी कुमार और जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है और व्यापारियों के साथ बैठक कर विमर्श शुरू कर दिया है. व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि नई शमन नीति के तहत सभी 80 व्यापारी जल्द से जल्द आवेदन की प्रक्रिया पूरी करेंगे. गौरतलब है कि पिछले साल परिषद ने एक इमारत को ध्वस्त करने के लिए 85 लाख रुपये का ठेका दिया था, जिसे लेकर व्यापारियों में काफी रोष था. अब शुल्क जमा करने की अनुमति मिलने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है.
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