बुरहानपुर में 8 साल की दिपांशी बनी थाना इंचार्ज, कुर्सी पर बैठते ही सैल्यूट मारने की मची होड़
बुरहानपुर के बहादरपुरा गांव की एक बच्ची ने अपना आठवां जन्मदिन गणपति थाने में काटकर मनाया. पुलिसकर्मियों के साथ बर्थडे मनाने की जताई थी इच्छा. सोनू सोहले की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 9:38 PM IST
बुरहानपुर: बुरहानपुर के गणपति थाने में एक अनूठा जन्मदिन समारोह देखने को मिला. जिले के बहादरपुरा गांव की एक बच्ची ने अपना आठवां जन्मदिन थाने में पुलिसकर्मियों के साथ मनाया. तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली दिपांशी ने थाने के स्टाफ के साथ केक भी काटा. पुलिसकर्मियों ने बच्ची को गिफ्ट भी दिया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की. अपने जन्मदिन के अनोखे सेलिब्रेशन से बच्ची बेहद खुश नजर आई.
बच्ची ने पिता से थाने में जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई थी
जिले के बहादरपुरा गांव निवासी 8 साल की छात्रा दिपांशी की ख्वाहिश पुलिस अधिकारी बनने की है. वह वर्दी पहनकर नागरिकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देना चाहती है. दरअसल, शुक्रवार 28 अगस्त को दिपांशी का जन्मदिन था. उसने अपने पिता विनोद लोंढे से थाने में जन्मदिन मनाने की इच्छा जाहिर की. उसके पिता ने गणपति थाना प्रभारी कमल सिंह पवार से यह बात कही. टीआई ने उनके आग्रह स्वीकार कर लिया.

दिपांशी और उसके परिजनों के लिए यादगार बना यह पल
इसके बाद दिपांशी का जन्मदिन पुलिस स्टॉफ, परिजन सहित समाजसेवी प्रियांक सिंह ने अनोखे अंदाज में मनाया. इससे पहले वह पुलिस की गाड़ी से थाने पहुंची, लेडी पुलिस के स्टाइल में गाड़ी से नीचे उतरी, और थाने में प्रवेश किया. इस दौरान थाना प्रभारी ने सैल्यूट कर बच्ची को कुर्सी पर बैठाया. एक दिन की थाना प्रभारी बनाकर दिपांशी का जन्मदिन का केक काटा. यह पल दिपांशी और उसके परिजनों के लिए बेहद खास और यादगार बन गया. पुलिस स्टॉफ, परिजनों सहित समाजसेवियों ने दिपांशी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी, साथ ही उसके उज्जवल भविष्य की कामना की.
छात्रा दिपांशी के पिता विनोद लोंढे ने बताया कि मेरी बेटी तीसरी कक्षा में पढ़ती है, वह बड़ी होकर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है, उसने अपना जन्मदिन पुलिस थाने में मनाने की इच्छा जताई, मैंने टीआई कमल सिंह पवार से आग्रह किया, उन्होंने मेरा आग्रह स्वीकार कर लिया, इसके बाद दिपांशी को एक दिन का टीआई बनाया, यह क्षण हमारे लिए यादगार बन गया.
बच्चों के मन से पुलिस को लेकर भय को निकालने के लिए कदम उठाया
थाना प्रभारी कमल सिंह पवार ने कहा, बच्चों के मन से पुलिस के प्रति भय को निकालने के लिए कदम उठाया. बच्चे पुलिस अधिकारी बनकर जनसेवा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उठाएं, इसके लिए परिजनों को आगे आकर पुलिस का सहयोग करना चाहिए. अभिभावक बच्चों को कानून की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि बच्चों के मन से पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच स्थापित हो सके.
पुलिसकर्मियों ने बच्ची को अपना सपना पूरा करने के लिए प्रेरित किया
खास बात यह है कि छात्रा कुर्सी पर बैठते ही पुलिस कर्मियों से कानून व्यवस्था और पुलिस बनने की जानकारी हासिल की, उन्होंने कहा मैं पढ़ लिखकर पुलिस अधिकारी बनूंगी, अपने परिवार सहित जिले का नाम रोशन करूंगी, अपने क्षेत्र में अपराध और गुंडागर्दी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अपराधियों को पकड़कर सलाखों के पीछे डालूंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करूंगी, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बरकरार रखूंगी, इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दीपांशी को पढ़ लिखकर अपना सपना पूरा करने के लिए प्रेरित किया, कानून की जानकारी देकर उसका हौसला बढ़ाया,
बता दें दिपांशी के पिता विनोद लोंढे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं. उनको एक बेटा और एक बेटी है. उनकी पत्नी सविताबाई गृहणी हैं. उनकी बेटी पढ़-लिखकर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है.

