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सिरसा में निर्माणाधीन HT टावर पर चढ़े 8 किसान, 5 गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं किसान

वैदवाला गांव में HT बिजली टावर लगाने के बदले किसान कलेक्टर रेट से पांच गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

Protest Against HT Electricity Tower in Vaidwala Village
मुआवजे की राशि को लेकर निर्माणाधीन HT टावर पर चढ़े 8 किसान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 8, 2026 at 5:58 PM IST

4 Min Read
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सिरसाः जिले के वैदवाला गांव में HT बिजली टावर लगाने के बदले कम मुआवजा राशि देने के विरोध में 8 किसान टावर पर चढ़ गये हैं. वैदवाला के किसान टाॅवर लगाने के लिए इस्तेमाल की जा रही भूमि का अतिरिक्त मुआवजा मांग रहे हैं. सरकार तय शुदा मुआवजा दे रही है. इसी के विरोध में ग्रामीण 23 जून से धरने पर बैठे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. इसी के चलते आज वैदवाला गांव के आठ किसान बिजली के टाॅवर पर चढ़ गए और तारें बिछाने का कार्य रूकवा दिया.

कलेक्टर रेट से पांच गुना ज्यादा मुआवजे की मांगः सूचना मिलने के बाद बिजली निगम के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे. किसानों को मौके से हटाने का प्रयास भी किया. देखते ही देखते ग्रामीण और अलग-अलग संगठनों के किसान नेता भी मौके पर पहुंच गए. बीते पांच घंटे से आठ किसान टाॅवर पर चढ़े हुए हैं और अधिकृत की गई जमीन का कलेक्टर रेट से पांच गुना ज्यादा मुआवजा मांग रहे हैं. उधर ग्रामीणों और किसान संगठनों ने समर्थन में धरना लगा दिया है.

मुवाजे की राशि को लेकर नाराज किसान टावर पर चढ़े (ETV Bharat)

उचित मुआवजा मिलने तक जारी रहेगा आंदोलनः टाॅवर पर चढ़े किसान भूपेन्द्र वैदवाला, मैक्स साहुवाला और हरजिन्द्र संधू ने कहा कि "जब तक सरकार व प्रशासन किसानों को उचित मुआवजा नहीं देती, धरना जारी रहेगा. वैदवाला गांव के अलावा सभी गांवों में कलेक्टर रेट से पांच गुना तक मुआवजा दिया जा रहा है. वैदवाला गांव शहर के साथ लगता है और यहां सबसे कम मुआवजा राशि दी जा रही है. इसी का हमलोग विरोध कर रहे है. अगर सरकार और प्रशासन उचित मुआवजा देने पर सहमत हो जाते हैं तो धरना समाप्त कर लिया जाएगा."

क्या है परियोजनाः सिरसा शहर को ब्लैक आउट से बचाने के लिए प्रशासन ने पावर हाउस को नई लाइन से जोड़ने का फैसला लिया था. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद काम भी शुरू करवा दिया गया. सिरसा के पावर हाउस में पहले एक ही लाइन आती थी, अगर इसमें कोई फाॅल्ट आ जाए तो पूरे शहर में ब्लैक आउट हो सकता था. इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू किया गया. सिरसा शहर के पावर हाउस को नई लाइन से जोड़ने का प्रोजेक्ट पास हुआ. ग्रामीण इलाकों से होकर बिजली की मुख्य लाइन को पावर हाउस तक पहुंचाना था. इस प्रोजेक्ट का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है. खेतों में टाॅवर खड़े कर दिए गए हैं और बिजली की तारें बिछाने का कार्य जारी है. गांव वैदवाला सहित सिरसा के आधा दर्जन गांवों से लाइन निकाली जा रही है. वैदवाला गांव में कार्य अंतिम चरण में है.

'मुआवजा अधिक मांग रहे हैं किसान': बिजली निगम के एसडीओ निर्माण कुलदीप ने बताया कि "शहर को ब्लैक आउट से बचाने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. किसानों से सहमति से जमीन पर टाॅवर लगाए गए. टाॅवर लगाने के समय किसी ने विरोध नहीं किया. सभी किसानों को मुआवजा राशि भी जारी कर दी गई है. वैदवाला गांव के तीन किसानों ने कोर्ट में केस डाला था यह लोग केस भी हार गए हैं. इसी गांव में तार बिछाने का कार्य शेष रहता है, जिसे अब पूरा किया रहा है. किसानों ने आज तार बिछाने का कार्य रोका है और टाॅवर पर धरना शुरू किया है. मुआवजा अधिक मांग रहे हैं. सरकार नियमानुसार मुआवजा जारी कर रही है लेकिन यह लोग जान बूझकर मुआवजा राशि भी नहीं ले रहे हैं. फिलहाल बातचीत जारी है. शीघ्र ही समाधान होने की उम्मीद है.

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