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हरियाणा में बढ़ते क्राइम पर लगाम लगाने की चुनौती, विपक्ष के सवालों के बीच ऑपरेशन ट्रैक डाउन के बाद ‘ऑपरेशन हॉट स्पॉट डोमिनेशन’ जारी

हरियाणा में बढ़ते अपराध पर नकेल कसने के लिए डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर राज्य में लगातार नये-नये ऑपरेशन किये जा रहे हैं.

TRACKING DOWN CRIMINALS IN HARYANA
ऑपरेशन ट्रैक डाउन की सफलता (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 5, 2025 at 2:58 PM IST

16 Min Read
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पंचकूलाः 44,212 वर्ग किलोमीटर में फैला हरियाणा देश के विकसित राज्यों में से एक है. 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की 25,351,462 जनसंख्या थी. 2026 तक जनसंख्या 31,409,000 होने का अनुमान है. राज्य के 22 जिलों में से ज्यादातर जिले एनसीआर में शामिल है. बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र, महंगी जमीन, खेती और रोजगार के बेहतरीन अवसर, आलीशान जीवन शैली के बीच राज्य में अपराध की प्रकृति अन्य राज्यों के अपेक्षा थोड़ी भिन्न है.

Tracking down criminals in Haryana for 22 days
पुलिसकर्मियों के नाम डीजीपी की चिट्ठी (Haryana Police)

पैसा और पावर के बीच हरियाणा में अपराध का अलग ट्रेंडः राज्य में अपराध की बात करें तो ड्रग्स और नशा का बड़ा सिंडिकेट मौजूद है. कई गैंगस्टर विदेशों में बैठकर अवैध वसूली और हत्या का नेटवर्क चला रहे हैं. साइबर अपराधी लोगों के पास जमा पूंजी में डिजिटल अरेस्ट और अन्य तरीके से आम लोगों की बचत में चपत लगाते हैं. संपत्ति और अचानक से होने वाले विवाद के कारण नशे में परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों की हत्या का अलग ट्रेंड है. हरियाणा में लिंगानुपात में अंतर के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध के कई मामले देखने को मिल जाते हैं.

हरियाणा में अपराध नियंत्रण बड़ी चुनौती (Etv Bharat)

22 दिवसीय ऑपरेशन ट्रैक डाउन, मिली बड़ी सफलताः अपराध की रोकथाम और ग्राफ को नीचे लाने के लिए हरियाणा के वर्तमान डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिसिंग में थोड़ा बदलाव किया. इसके लिए सबसे पहले अपराध कर जेल से बाहर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए थाने स्तर पर टारगेट को फिक्स किया गया. इसके लिए 22 दिन (5 नवंबर से 27 नवंबर) का ऑपरेशन ट्रैक डाउन चलाया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में फरार अपराधी और आरोपी पकड़े गए. ऑपरेशन ट्रैक डाउन के पीछे डीजीपी का उद्देश्य फरार अपराधी कोई नया अपराध न कर पायें. इसके अलावा सख्ती से वाहन जांच सहित अन्य कदम उठाए जा रहे हैं.

भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामदः हरियाणा पुलिस ने 5 नवंबर से 27 नवंबर तक अपराधियों के खिलाफ प्रदेश भर में ट्रैक डाउन अभियान चलाया. इस अभियान के तहत साढ़े सात हजार से अधिक अपराधियों/आरोपियों को काबू किया गया. विभिन्न जिलों में अपराधियों से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए. साथ ही अपराधियों द्वारा गैरकानूनी ढंग से अर्जित संपत्ति का पता लगाकर उसे जब्त/कुर्क किया गया. इसके अलावा जमानत पर छुटे कई अपराधियों की बेल रद्द करवाकर उन्हें वापस जेल भी भेजा गया. लेकिन पुलिस के इस व्यापक अभियान के बावजूद कांग्रेस ने नायब सरकार पर हरियाणा में जंगलराज कायम होने के आरोप लगाए हैं. जबकि भाजपा ने इस व्यापक अभियान के सही दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है.

'हरियाणा जंगलराज में तब्दील': कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि "नायब सिंह सैनी की सरकार में हरियाणा जंगलराज में तब्दील हो गया है." इसके पीछे उन्होंने चंडीगढ़ में देश भर के डीजीपी की हुई उस बैठक का हवाला दिया, जिसमें उनके अनुसार यह माना गया कि हरियाणा में वर्तमान में भी 85 गिरोह सक्रिय हैं. सुरजेवाला ने कहा कि "हरियाणा के किसी शहर में ऐसा कोई डॉक्टर, वकील, उद्योगपति या फैक्ट्री का मालिक नहीं बचा, जिससे फिरौती की कॉल न की गई हो या फिरौती न ली गई हो."

'सुरक्षा देने में विफल साबित हुई है सरकार': सुरजेवाला ने आरोप लगाए कि "पुलिस हरियाणा के लोगों को सुरक्षा देने में विफल साबित हुई है." उन्होंने कहा कि "हरियाणा में कानून का शासन न होकर अपराध का शासन है." उन्होंने प्रदेश सरकार की आलोचना करते कहा कि "इस सबके बावजूद प्रदेश सरकार आंख मूंदे रजाई ओढ़कर सोई हुई है." उन्होंने कहा कि "यह सब कुछ देखकर ऐसा जान पड़ता है कि प्रदेश सरकार को राज्य के ढाई करोड़ से अधिक लोगों से कोई लेना-देना नहीं है और हरियाणा का शासन अपराध और माफिया को सौंप दिया गया है."

गैंगस्टर कल्चर को पर सख्ती जरूरी: हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैक डाउन के बारे भाजपा नेता सह हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने पुलिस विभाग और प्रदेश सरकार के प्रयास सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर डीजीपी ओपी सिंह कार्यभार संभालने के बाद से अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं." उन्होंने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत हजारों अपराधियों को जेल में डालकर उनकी संपत्ति को जब्त किए जाने की बात कही. हालांकि, उन्होंने इस अभियान को अल्प काल के लिए जारी न रखते हुए स्थाई तौर पर जारी रखने की बात कही. क्योंकि अपराधियों में यह डर रहना आवश्यक है कि यदि वे कानून तोड़ेंगे तो पुलिस उन्हें बख्शेगी नहीं.

अपराधियों के लिए सख्त कानून बने: भाजपा नेता ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि "बार-बार अपराध में लिप्त रहने वाले अपराधियों के लिए सख्त कानून बनने चाहिए, ताकि वे दोबारा किसी अपराध को अंजाम न दे सकें." उन्होंने दुबई का उदाहरण देते हुए कहा कि "वहां कोई अपराध के बारे में सोचता नहीं है और ऐसा ही अनुशासन लोगों में आना चाहिए. मेहनत कर जीवन जीने वाले लोगों को प्रोत्साहन देना चाहिए, पुलिस विभाग में भी सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन देना जरूरी है. वहीं, उन्होंने कई मामलों में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता मिलने की बात भी कही. ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अनुशासन में लाने की आवश्यकता बताई."

हरियाणा में उत्तर प्रदेश से ट्रैवल हुआ गैंगस्टर कल्चर: हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि "जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तभी से ऐसा लगता है कि वहां से गैंगस्टर कल्चर हरियाणा में ट्रैवल कर गया है, जिसे काफी सख्ती से रोकने की आवश्यकता है." उन्होंने कहा कि "पुलिस विभाग द्वारा हरियाणा में गैरकानूनी हथियारों की बरामदगी के लिए व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जाना चाहिए. पुलिस द्वारा अपराधियों को सरेंडर करने और उनके पास मौजूद हथियारों को पुलिस के पास जमा करवाने के लिए चंद दिनों का समय देना चाहिए. लेकिन इसके बाद भी ऐसा नहीं करने वाले और गैरकानूनी हथियार जमा नहीं करवाने वालों को अत्यंत कठोर सजा देने की आवश्यकता है. हरियाणा पुलिस के अभियानों और कार्यशैली को देखते हुए ज्ञानचंद गुप्ता ने पुलिस विभाग को 10 में से सात अंक देते हुए कहा कि पुलिस सही दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें अभी और कामयाबी मिल सकती है."

अभियान के तहत कुल 7587 आरोपी पकड़े: हरियाणा पुलिस ने अपने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत 22 दिनों में कुल 7587 आरोपी/अपराधी काबू किए. डीजीपी ओपी सिंह ने दावा किया कि "तीन सप्ताह के अभियान से हत्या की 92 योजनाओं को विफल किया गया. दो में तो पूरे परिवार को उड़ाने की योजना की गई थी. बताया कि यह सभी लोग 141 कुख्यात अपराधियों के निशाने पर थे. दबोचे गए इन अपराधियों से 97 गैरकानूनी हथियार और 237 कारतूस बरामद किए गए. गिरफ्तार 7587 आरोपियों में स्वयं को हाई-प्रोफाइल समझने वाले 3066 हथियारबंद एवं गिरोहबंद अपराधी शामिल हैं. इनसे कुल 322 गैरकानूनी हथियार (161 देसी कट्टा/देसी पिस्टल, 146 पिस्टल, 6 रिवाल्वर, 9 बंदूक), 537 गोलियां एवं 17 मैगजीन बरामद की गई. अपराध में लिप्त अन्य 4521 आरोपी भी इस ऑपरेशन के दौरान काबू किए गए."

22 दिन में साढ़े सात हजार आरोपी गिरफ्तार: हरियाणा पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ 5 नवंबर से 27 नवंबर 2025 तक चलाए गए अभियान ट्रैक डाउन के तहत करीब साढ़े सात हजार आरोपियों को गिरफ्तार कर, उनसे भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए. गिरफ्तार आरोपियों में तीन हजार से अधिक कुख्यात अपराधी बताए गए हैं. इनमें से जमानत पर छूटे कई आरोपियों की बेल रद्द करवाकर उन्हें दोबारा जेलों में डाला गया है. इस अभियान के तहत भारी मात्रा में नशा भी बरामद किया गया. साथ ही अपराधियों द्वारा गैरकानूनी कमाई से अर्जित संपत्ति को भी पुलिस कानूनी जब्त और ध्वस्त करने की प्रक्रिया जारी है. इस अभियान के पूरा होते ही पुलिस ने नशा तस्करों, सट्‌टेबाजों और अन्य आपराधिक प्रवृति के लोगों के खिलाफ हॉटस्पॉट अभियान चलाया हुआ है. इस अभियान के तहत मुख्य रूप से उन जगहों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है, जिन जगहों को अपराधी अपना स्थायी ठिकाना बनाकर आपराधिक कृत्य या नशा तस्करी करते हैं.

जेलों में हर साल पचास हजार कैदी रखे जाते हैंः इसके अलावा पुलिस विभाग की विभिन्न यूनिट्स अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए समय समय पर अलग अलग ऑपरेशन/अभियान चलाती है. इन अभियानों और सामान्य दिनों में पुलिस हर साल हजारों अपराधियों को गिरफ्तार करती है. डीजीपी जेल आलोक राय ने बताया कि "हरियाणा की जेलों में प्रत्येक वर्ष करीब पचास हजार कैदी रखे जाते हैं और करीब पचास हजार कैदियों को रिहा भी किया जाता है."

इन जिलों से इतने आरोपी गिरफ्तार: गुरुग्राम पुलिस ने पकड़े 304, फरीदाबाद ने 138, सोनीपत ने 106 और झज्जर ने 90 और यमुनानगर पुलिस ने 86 हथियारबंद-गिरोह बंद अपराधी काबू किए. इनमें से 235 के खिलाफ संगठित अपराध संबंधी सख्त धाराएं लगाकर उन्हें जेल में डाला गया. इसके अलावा जेल से जमानत पर छुटे 124 अपराधियों की जमानत रद्द करवा उन्हें दोबारा जेल भेजा गया. जबकि 946 को नेक-चलनी के लिए बाउंड डाउन किया गया. वहीं 901 नई हिस्ट्रीशीट बनाई और 1436 की हिस्ट्रीशीट को अपग्रेड किया गया.

169 करोड़ की अवैध संपत्ति चिन्हित: हरियाणा पुलिस ने बताया कि 201 अपराधियों की लगभग 169 करोड़ की अवैध सम्पत्ति चिन्हित की गई है. इस संपत्ति को नियमानुसार जब्त/ध्वस्त किया जा रहा है. साथ ही केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया जा रहा है.

अब पुलिस का हॉटस्पॉट से निशाना: डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि "अकसर शिकायत आती है कि गांव-गांव, शहर-शहर नशेड़ी, जुआरी, सटोरियों और आवारागर्दी के अड्डे हैं." उन्होंने कहा कि "वह चाहेंगे कि दिसंबर में पुलिस ‘ऑपरेशन हॉट स्पॉट डोमिनेशन’ चलाए. ऐसे अड्डों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाएं, सवेरे-शाम गस्त भेजें, सिविल प्रशासन को वहां साफ सफाई के लिए कहें. अंधेरे रास्ते में, जहां से मां-बहनों का आना-जाना होता है, लाइट लगवाएं और गश्त भेजें. सर्दी का मौसम है, हर किसी के पास घर-कंबल नहीं होता. ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो उनकी सहायता करने को उद्धत रहते हैं. दोनों के बीच में संपर्क स्थापित करें. सरकार की भी योजनाएं हैं, इनको उससे भी जोड़ने बारे कहा. साथ ही कहा, संकल्प लें कि आपके इलाके में कोई सर्दी से ठिठुरे और भूखा न सोए."

समग्र अपराध दर: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में अपराध दर (प्रति एक लाख जनसंख्या पर दर्ज मामले) देश में चौथे स्थान पर है. इस रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 739.3 मामले दर्ज किए गए, जो राष्ट्रीय स्तर पर चौथी सबसे ऊंची दर है. राज्य में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और विशेष और स्थानीय कानूनों के तहत कुल 2.24 लाख मामले दर्ज किए गए.

महिला अपराध के मामले में हरियाणा चौथे स्थान पर: महिलाओं के खिलाफ अपराध दर के मामले में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर रहा. वहीं, मामलों के पंजीकरण में हरियाणा आगे जरूर है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में प्रदेश की चार्जशीट दर सबसे कम (56%) में से एक थी. इसके पीछे हरियाणा पुलिस का तर्क है कि उच्च रैंकिंग का कारण मामलों को शत-प्रतिशत दर्ज करने की पारदर्शी नीति है, न कि वास्तव में अपराध की उच्च दर. दर्ज किए गए कई मामले बिजली/पानी की चोरी या गुमशुदा व्यक्तियों संबंधी बताए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार 2023 में हरियाणा में 2,24,216 एफआईआर दर्ज की गई. विपक्ष ने इस रिपोर्ट पर सवाल भी उठाए हैं.

महिला अपराध, अपहरण और हत्या के आंकड़े: हरियाणा में वर्ष 2021 में महिला अपराध संबंधी 16,658 एफआईआर दर्ज की गई. वर्ष 2022 में 16,743 और वर्ष 2023 में 15,758 एफआईआर दर्ज की गई. यदि अपहरण के दर्ज मामलों की बात करें तो वर्ष 2021 में 3554, वर्ष 2022 में 3891 और वर्ष 2023 में 4149 एफआईआर दर्ज की गई हैं. जबकि हत्या के दर्ज मामले वर्ष 2021 में 1112, वर्ष 2022 में 1020 और वर्ष 2023 में 1042 मामले दर्ज हैं.

भ्रष्टाचार में हरियाणा की स्थिति: भ्रष्टाचार के मामलों में हरियाणा में वृद्धि हुई है. इससे हरियाणा भ्रष्टाचार के मामलों में सातवें स्थान पर पहुंच चुका है. राज्य में पांच वर्षों (जनवरी 2021 से अगस्त 2025 तक) भ्रष्टाचार के मामलों में 78.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इस अवधि में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत 779 केस दर्ज हुए. इनमें वर्ष 2023 तक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट-2023 के आंकड़े हैं. वर्ष 2024 और वर्ष 2025 में अगस्त तक के मामलों की संख्या राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एनसीआरबी रिपोर्ट-2023 के अनुसार देश में पहले स्थान पर महाराष्ट्र (312 मामले), दूसरे पर राजस्थान (316 मामले) और तीसरे पर पंजाब (287 मामले) हैं. चौथे स्थान पर मध्य प्रदेश (262 मामले), पांचवें पर केरल (211 मामले) और छठे पर गुजरात और हरियाणा (206 मामले) हैं.

हरियाणा में विभागवार भ्रष्टाचार
विभागभ्रष्टाचार (प्रतिशत में)
पुलिस विभाग 33
राजस्व विभाग 17
स्वास्थ्य विभाग 07
शहरी स्थानीय निकाय04
खाद्य एवं उपभोक्ता मामले 04
आबकारी एवं कराधान विभाग 04
परिवहन विभाग 03
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 02
पंचायती राज 02
श्रम विभाग 02
खजाना-लेखा02
शिक्षा विभाग02

वन, खाद्य निगम

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

सिंचाई और न्यायिक विभाग

जैसे अन्य विभागों को मिलाकर

12
स्रोतः एनसीआरबी 2023

साइबर अपराध को सजा दिलाने के मामले में 10वें स्थान पर: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट-2023 के अनुसार देशभर में साइबर अपराधियों को सजा दिलाने में हरियाणा पुलिस 10वें स्थान पर है. उत्तराखंड 65 फीसदी सजा दिलाने की दर के साथ पहले नंबर पर, दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश पुलिस 54.6 फीसदी और 50 फीसदी सजा दिलाने की दर के साथ बिहार पुलिस तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों को सजा दिलाने की दर 2023 में तीन फीसदी बढ़ी है.

वर्ष 2024 में साइबर अपराध में 5156 आरोपी गिरफ्तार: हरियाणा पुलिस ने 2023 में साइबर अपराध संबंधी लगभग 1900 गिरफ्तारियां की, जो 2024 में बढ़कर 5156 हो गई. 2023 में हरियाणा में लगभग 602 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए. 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 980 करोड़ रुपये हो गया. इन मामलों में वसूली गई राशि 2023 में लगभग 76 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 2024 में 268 करोड़ रुपये हो गई. हरियाणा पुलिस को साइबर ठगी के पैसे की रिकवरी में देश में नंबर-1 स्थान हासिल करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मानित किया है. वहीं, गौर करने वाली बात यह है कि रिपोर्ट के अनुसार देशभर में साइबर अपराध के लंबित मामलों वाले राज्यों में हरियाणा का 13वां स्थान है. प्रदेश में 96.6 फीसदी मामले लंबित हैं.

पुलिसकर्मियों के 20 हजार से ज्यादा पद खालीः अपराध नियंत्रण में पुलिस के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ऐसे में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों से पुलिसिंग पर प्रभावित होता है. हरियाणा पुलिस की कुल स्वीकृत संख्या 77,004 है. जबकि वर्तमान में 56,747 पुलिसकर्मी सेवारत हैं. स्वीकृत पदों में विभिन्न पद शामिल हैं, जिनमें राजपत्रित अधिकारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हैं.

पदों का विवरण: स्वीकृत पदों में 500 राजपत्रित अधिकारी (गजटेड पोस्ट), 1292 निरीक्षक (इंस्पेक्टर), 4012 उप निरीक्षक (एसआई), 6745 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), 13592 हेड कांस्टेबल और 50863 कांस्टेबल शामिल हैं.

राज्य में पुलिस जिलों की संख्या 24 हैः हरियाणा में 24 पुलिस जिले हैं और यह सभी पांच रेंज और पांच ही कमिश्नरेट में समाहित हैं. पांच रेंजों में अंबाला, हिसार, करनाल, रोहतक और साऊथ रेंज, जिसमें रेवाड़ी, पलवल, महेंद्रगढ़ और नूंह शामिल हैं. जबकि पुलिस कमिश्नरेट में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और झज्जर पुलिस कमिश्नरेट हैं. वर्तमान में पुलिस बल के महानिदेशक ओपी सिंह हैं, जो 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. डीजीपी और पुलिस के अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों के कार्यालय पंचकूला सेक्टर-6 स्थित पुलिस मुख्यालय में ही है. जबकि अन्य गजटेड पुलिस अधिकारी सभी रेंज और कमिश्नरेट में सेवारत हैं.

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 15 फीसदी बढ़ाने का फैसला: हरियाणा पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की कुल संख्या 56747 के कुल पुलिस बल का 10 प्रतिशत है. लेकिन सरकार ने भविष्य में महिला पुलिसकर्मियों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है. नतीजतन समय-समय पर महिला सिपाहियों की भर्ती की जाती है.

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