पंचायत चुनाव में छंटनी का बड़ा झटका, 742 प्रत्याशी हुए बाहर, अब चुनावी मैदान में इतने उम्मीदवार
प्रदेश में दो दिन तक चली नामांकन पत्रों की गहन छंटनी प्रक्रिया के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 13, 2026 at 10:46 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनाव में नामांकन छंटनी ने कई दावेदारों के राजनीतिक सपनों पर शुरुआती ब्रेक लगा दिया है. 'पंचायती सत्ता' की कुर्सी तक पहुंचने की उम्मीद लेकर मैदान में उतरे सैकड़ों उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया की पहली परीक्षा में ही बड़ा झटका लगा है. छंटनी के दौरान प्रदेशभर में 742 नामांकन पत्र खारिज होने से चुनावी मुकाबले की तस्वीर अब और साफ हो गई है.
प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए कुल 86,204 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी. नामांकन पत्रों की जांच के बाद 742 नामांकन रद्द कर दिए गए, जिनमें सबसे अधिक 254 नामांकन कांगड़ा जिले में अस्वीकार हुए हैं. अब चुनावी मैदान में 85,462 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे.
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के लिए 7, 8 और 11 मई को नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हुई थी. वहीं नामांकन पत्रों की जांच 12 और 13 मई को की गई. वहीं उम्मीदवार 15 मई को 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र वापस ले सकते है. इस समयसीमा के समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों की सूची तैयार कर चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे. ऐसे में अब नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद गांव की सरकार चुनने के लिए चुनावी सरगर्मियां और तेज होंगी.
किस जिले में कितने नामांकन पत्र खारिज?
प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियों के बीच नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पर्चे विभिन्न कारणों से खारिज कर दिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की गहन पड़ताल, निर्धारित नियमों की अनुपालना और आवश्यक प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान कई प्रत्याशियों के नामांकन तकनीकी त्रुटियों, अधूरे दस्तावेजों तथा नियमों के उल्लंघन के चलते अमान्य पाए गए. प्रदेशभर में नामांकन पत्रों की छंटनी के बाद सबसे अधिक नामांकन पत्र कांगड़ा जिला में 254 उम्मीदवारों के पर्चे अस्वीकार हुए. इसके अलावा ऊना जिला में 166, मंडी में 54, शिमला में 49, सिरमौर में 46, सोलन में 38, चंबा में 36 तथा हमीरपुर में 32 नामांकन पत्र निरस्त किए गए. वहीं कुल्लू जिला में 26, किन्नौर में 23, बिलासपुर में 15 और लाहौल-स्पीति में 3 नामांकन पत्र अस्वीकार हुए हैं.
चुनावी मैदान में इस जिले के सबसे ज्यादा उम्मीदवार
प्रदेश में दो दिन तक चली नामांकन पत्रों की गहन छंटनी प्रक्रिया के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है. कई प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने के बाद अब प्रदेश में कुल 85,462 उम्मीदवार चुनावी रण में डटे हुए हैं. सबसे अधिक चुनावी हलचल कांगड़ा जिले में देखने को मिल रही है, जहां 19,428 उम्मीदवार मैदान में बने हुए हैं, जबकि मंडी जिला 14,565 प्रत्याशियों के साथ दूसरे स्थान पर है. शिमला में 8,613 और चंबा में 8,443 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं बिलासपुर में 4,195, हमीरपुर में 5,343, कुल्लू में 5,791, सिरमौर में 5,924, सोलन में 5,591 और ऊना में 5,674 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में शेष हैं. जनजातीय क्षेत्रों में किन्नौर से 1,405 और लाहौल-स्पीति से 490 प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं.
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