बोधगया के महबोधि मंदिर पहुंचे 74 देशों के नौसैनिक अफसर
बुद्ध की नगरी बोधगया ने फिर दुनिया को अपनी आध्यात्मिक ताकत का अहसास कराया. अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम के तहत 74 देशों के अफसर पहुंचे.

Published : February 20, 2026 at 4:34 PM IST
गया : बिहार के बोधगया में 20 फरवरी को 74 देशों के कुल 327 नेवी अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में दर्शन किए. सभी का परंपरात तरीके से स्वागत किया गया. अधिकरियों ने पवित्र बोधि वृक्ष के भी दर्शन किए, जिसके नीचे बैठकर सभी ने ध्यान लगाया, भगवान बुद्ध के उपदेशों को जाना.
बताई गई मंदिर की खासियत : पूरे डेलिगेशन को मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कराए गए और उसके महत्व, उसके इतिहास के बारे में बताया गया. डेलिगेशन को मंदिर प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों के द्वारा जानकारी दी गई.

मंदिर प्रबंधन समिति ने किया स्वागत: बौद्ध मंदिर में डेलिगेशन का स्वागत महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव डॉ महाश्वेता महारथी की अगुवाई में बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा किया गया. सभी को पारंपरिक तरीके से खादा भेंट की गई.
''नेवी के अधिकारियों का डेलिगेशन मंदिर परिसर और पवित्र बोधि वृक्ष का दर्शन किये हैं. उन्हें भगवान बुद्ध के जीवन, ज्ञान की अहमियत, शांति, दया और साथ रहने को बढ़ावा देने, बौद्ध भिक्षुओं की दुनिया भर में विशेषताओं के बारे में बताया गया.''- डॉ महाश्वेता महारथी, मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव

दौरे को आध्यात्मिक रूप से बेहतर बनाने को दिखे इच्छुक : सभी अधिकारी बोधि वृक्ष के महत्व और उसके इतिहास, रख रखाव और चिकित्सा का ख्याल कैसे रखा जाता है उसके बारे में जानने को इच्छुक थे. डेलिगेशन अपने दौरे को आध्यात्मिक रूप से बेहतर बनाने को इच्छुक नजर आये.
बुद्ध की धरती से शांति का संदेश : दौरे के बाद विदेशी प्रतिनिधियों ने अनुभव को 'आध्यात्मिक और यादगार' बताया. उन्होंने कहा कि बोधगया आकर भारत की सांस्कृतिक गहराई को करीब से समझने का मौका मिला. सभी समुद्र से जुड़े वैश्विक योद्धा बुद्ध की धरती से शांति का संदेश लेकर लौटे.

IFR और MILAN-26 के तहत हो कार्यक्रम: दरअसल इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू IFR और MILAN-26, के तहत विशाखापट्टनम में कार्यक्रम होना है,भारतीय नेवी 1995 से विशाखापट्टनम में हर दो साल में होने वाला मल्टी लेटरल समुद्री इवेंट करता है, कार्यक्रम का आयोजन इसी महिने होने जा रहा है. जिसमें शामिल होने के लिए ही 74 देशों से अधिकारी भारत पहुंचे हैं.
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