रोहतक के विष्णु हत्याकांड में इनेलो के पूर्व विधायक सहित 7 दोषी करार, 27 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा
5 मई 2011 को हुई हत्या के मामले में रोहतक कोर्ट ने पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 7 को दोषी पाया.

Published : August 26, 2026 at 8:40 PM IST
रोहतकः रोहतक कोर्ट ने हत्या के एक मामले में महम विधानसभा क्षेत्र से इनेलो के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 7 आरोपियों को बुधवार को दोषी करार दे दिया. जबकि 7 आरोपियों को बरी कर दिया. मामले से जुड़े कई अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है. इन दोषियों को 27 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी. यह मामला करीब 15 साल से कोर्ट में विचाराधीन था.
1996 और 2000 में विधायक रहे हैं बलबीर सिंहः अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल राठी की कोर्ट ने पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान के अलावा मोखरा गांव निवासी सुनील कुमार, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुल्लड़ व मुकेश को दोषी करार दिया है. शिकायतकर्ता पक्ष के वकील तेजबीर अहलावत ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान मजबूती से पक्ष रखा गया. कोर्ट ने सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है. बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान वर्ष 1996 व वर्ष 2000 में महम विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं.
21 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामलाः रोहतक की अनाज मंडी में 5 मई 2011 को हुए विवाद में निगाना गांव निवासी विष्णु की गोली लगने से मौत हो गई थी. अगले दिन 6 मई को मृतक के जीजा बसाना गांव निवासी पूर्व सरपंच सीताराम की शिकायत के आधार पर महम विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 21 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 148,149 व आर्म्स एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज हुआ था. हत्या का केस दर्ज होने के बावजूद बाली पहलवान कई दिन तक गिरफ्तारी से बचता रहा. पुलिस टीम मोखरा गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने गिरफ्तारी नहीं होने दी. बाद में बाली पहलवान ने रोहतक के आईजी ऑफिस में सरेंडर किया. इसके बाद उसे सुनारिया जेल भेज दिया गया.
2013 मामला पहुंचा था हाईकोर्टः मार्च 2012 में रोहतक सेशन कोर्ट ने बाली की जमानत याचिका रद्द कर दी. 11 फरवरी 2013 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से पूर्व विधायक को जमानत मिल गई, जिसके खिलाफ शिकायतकर्ता पूर्व सरपंच सीताराम ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली. सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2013 को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करते हुए बाली को तुरंत सरेंडर करने के आदेश दिए. लेकिन पूर्व विधायक ने सरेंडर नहीं किया और बीमारी का बहाना बनाते हुए गुरुग्राम के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हो गया.
मई 2015 को हुआ था गिरफ्तारः फिर शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी. इस बीच कोर्ट ने पूर्व विधायक को भगौड़ा घोषित कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इनेलो विधायक बलबीर उर्फ बाली पहलवान ने हत्या के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए गुरुग्राम के निजी अस्पताल के दो डॉक्टर्स की मदद ली. बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप गया था. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूर्व विधायक को कोई बीमारी नहीं है. 1 मई 2015 को पुलिस ने इनेलो नेता को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल बाली पहलवान जमानत पर बाहर चल रहा था लेकिन कोर्ट के दोषी करार देते ही उसे हिरासत में ले लिया गया.

