गुमनाम ई-मेल ने खोला सिरोही हॉस्टल का काला राज, बच्चों को खिलौनों का लालच देकर करता था शोषण, पोक्सो एक्ट में वार्डन गिरफ्तार
मासूम बच्चों से यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद वार्डन को हिरासत में लेकर पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई है.

Published : July 4, 2026 at 8:16 AM IST
सिरोही: जिले से एक दिल दहला देने वाला और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे एक निजी हॉस्टल में 6 मासूम बच्चों के साथ कथित तौर पर यौन शोषण की गंभीर घटना हुई है. इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद जिला प्रशासन, पुलिस महकमे और बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हॉस्टल के वार्डन को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सर्किल ऑफिसर (CO) मुकेश चौधरी ने बताया कि मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है. उन्होंने कहा, "जांच पूरी होने के बाद जो भी तकनीकी और कानूनी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं जिला प्रशासन और बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियां भी बच्चों की सुरक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था में जुटी हुई हैं.
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को मिली एक गुमनाम ई-मेल शिकायत के आधार पर बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त टीम ने हॉस्टल में अचानक निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर हॉस्टल संचालक एवं वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. वार्डन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सावित्री आनंद ने बताया की हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की उम्र 5 से 11 वर्ष के बीच है. जांच टीम ने बच्चों से गोपनीय तरीके से बातचीत की, जिसमें 6 बच्चों ने यौन शोषण की शिकायत की. इसके बाद पुलिस ने सभी 30 बच्चों को निगरानी में लिया है. एक पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है, जबकि बाकी बच्चों का भी मेडिकल कराया जा रहा है. पुलिस ने हॉस्टल से दो कंप्यूटर और पिछले एक सप्ताह की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी.
प्रारंभिक जांच में हॉस्टल के संचालन को लेकर भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. जांच टीम को इस हॉस्टल का कोई वैध रजिस्ट्रेशन (Valid Registration), यहां तक कि बच्चों की फीस की रसीदें, अटेंडेंस रजिस्टर और स्टाफ की सैलरी का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला. यह हॉस्टल पूरी तरह अवैध रूप से चलाया जा रहा था. पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वार्डन उन्हें अपनी गिरफ्त में लेने और मुंह बंद रखने के लिए ऑनलाइन घड़ियां, क्रिकेट किट और खिलौनों का लालच देता था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है. पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में डीएसपी और संबंधित थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं तथा सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.

