चीन को भेजा गया 5 टन मखाना, इस साल दुनियाभर में 30000 टन निर्यात होने की उम्मीद
चीन को 5 टन मखाना भेजा गया है. इस साल अमेरिका समेत अन्य देशों में 30000 टन निर्यात होने की उम्मीद जताई जा रही है.

Published : February 22, 2026 at 4:03 PM IST
पटना: बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ ने 5 टन उच्च गुणवत्ता वाला मिथिला मखाना चीन की कंपनी मांजिंग रॉयल इक्विप्मेंट को निर्यात किया. यह निर्यात आईसीडी, पटना के माध्यम से किया गया है. मखाना का निर्यात पहले से ही कई देशों में किया जाता रहा है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूएई, बेल्जियम, दुबई, कतर, सऊदी अरब, लंदन और गल्फ कंट्री में मखाना भेजा जाता है. अब इसमें चीन भी शामिल हो गया है.
50 से 60 कंटेनर से मखाना निर्यात: बिहार से हर महीने 50 से 60 कंटेनर मखाना का निर्यात किया जाता है. समारोह में उपस्थित कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मखाना से भरे कंटेनर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने बताया कि यह निर्यात बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों की मेहनत और गुणवत्ता का प्रमाण है. कॉफ्फेड लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार के उत्पादों को स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. आने वाले समय में मखाना, मत्स्य उत्पाद एवं अन्य कृषि-आधारित उत्पादों का निर्यात और अधिक बढ़ाया जाएगा.
"रूट टू लीफ जो कि गुजरात की एक प्रतिष्ठित कंपनी है. जिसके सहयोग से यह संभव हो पाया है. चीन की कंपनी एवं कॉफ्फेड के बीच रूट टू लीफ ने एक अहम भूमिका निभाई है."- ऋषिकेश कश्यप, प्रबंध निदेशक, कॉफ्फेड
बिहार के मखाने की दुनियाभर में मांग: इस निर्यात से बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य की उपलब्धता, सहकारी समितियों के माध्यम से हजारों मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ, राज्य में रोजगार सृजन एवं निर्यात आधारित उद्योग को प्रोत्साहन, 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' अभियान को मजबूती मिलेगी. बिहार को मखाना निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. कॉफ्फेड से जुड़ी 880 से अधिक सहकारी समितियां और लाखों सदस्य इस पहल से लाभान्वित होंगे.

अमेरिका में 50 टन मखाना निर्यात: टेरिफ घटने के बाद मखाना निर्यात 30 टन टन पहुंचने की उम्मीद है. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में भारत से 25 हजार टन मखाना का निर्यात किया गया है. अमेरिका को ही करीब हर महीने 150 टन मखाना निर्यात हो रहा है, जो बढ़कर 250 टन पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है.
चीन में भी बड़े पैमाने पर निर्यात: वहीं दूसरी तरफ चीन में भी बड़े पैमाने पर मखाना निर्यात की संभावना है. विश्व में मखाना की डिमांड बढ़ रही है. मिथिला मखाना सुपर फूड के रूप में अब वैश्विक पहचान बन चुका है. केंद्र सरकार की ओर से मखाना क्षेत्र के विकास के लिए मखाना बोर्ड का भी गठन किया गया है, जिससे मखाना के उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और बाजार तक पहुंचाने में और मदद मिलेगी.
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