यूपी के 4 पुलिसकर्मियों की हरियाणा में मौत, मृतकों में 2 दरोगा और दो सिपाही शामिल, सभी जालौन में थे तैनात
नूंह में कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा. मृतकों में एक वादी भी शामिल. असंतुलित होकर पलटी कार.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 5, 2026 at 12:44 PM IST
|Updated : May 5, 2026 at 3:50 PM IST
नूंह/जालौन: मंगलवार को कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ. इस हादसे में यूपी के जालौन जिले में तैनात 4 पुलिसकर्मियों समेत 5 लोगों की मौत हो गई है. इसमें दो दरोगा और 2 आरक्षी शामिल हैं. धुलावट टोल प्लाजा के पास सुबह 10.30 बजे ये हादसा हुआ. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया. जालौन के एसपी ने बताया कि पुलिस टीम अपहरण के एक मामले में दबिश देने के लिए निकली थी.
नूंह सड़क हादसे में 5 पुलिसकर्मियों की मौत: स्थानीय लोगों के मुताबिक स्कॉर्पियो कार पलवल की ओर से आ रही थी. वाहन चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इस दौरान गाड़ी असंतुलित हो गई और सामने चल रही दूसरी गाड़ी से जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. क्षतिग्रस्त वाहन में शव बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी. मृतकों में दो दारोगा, दो सिपाही और एक वादी समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
मामले की जांच में जुटी पुलिस: तावडू सदर थाना प्रभारी शीशराम यादव के अनुसार "हादसे में मृत उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन जिले में तैनात थे. इस संबंध में जालौन, उत्तर प्रदेश के पुलिस अधीक्षक से भी संपर्क कर लिया गया है. फिलहाल मृतकों की शिनाख्त और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और ओवरटेक के दौरान वाहन का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है. प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेसवे पर सावधानी से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें."
दबिश देने निकली थी पुलिस टीम: जालौन के एसपी विनय कुमार सिंह ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि कोतवाली उरई में दर्ज अपहरण के एक मामले में पुलिस टीम हरियाणा के जींद जिले में दबिश देने जा रही थी. मंगलवार सुबह करीब 10 बजे थाना तावड़ू सदर क्षेत्र, जिला नूंह में टीम की स्कॉर्पियो कार ओवरटेक के दौरान अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे वाहन से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए.
इन पुलिसकर्मियों की मौत: हादसे में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी अशोक कुमार और वादी अमरीक सिंह की मौत हुई है. सभी पुलिसकर्मी जालौन में तैनात थे और ड्यूटी पर अपहरण के आरोपी की तलाश में जा रहे थे.
रायबरेली के प्रदीप की एक महीने पहले ही हुई थी शादी: जिन पुलिस कर्मियों की मौत हुई है, उनमें से एक प्रदीप कुमार रायबरेली के अंबेडकर नगर मौहल्ले के रहने वाले थे. परिवार में सबसे बड़े प्रदीप के पिता स्वर्गीय राम विलास भी पुलिस में तैनात थे और उनकी भी सड़क हादसे में मौत हुई थी. प्रदीप को पिता की जगह मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी. प्रदीप की एक महीने पहले ही शादी हुई थी और चार दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे. घर पर प्रदीप का छोटा भाई सौरभ, मां व एक बहन रायबरेली में रहते हैं. प्रदीप की मौत की सूचना पाकर सभी जालौन के लिए रवाना हो गए.
हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक: हादसे में उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान जवानों का इस तरह असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है. उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर सभी मृत पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके परिजनों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाया जाए. साथ ही आवश्यक प्रशासनिक और विधिक प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
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