2 करोड़ 87 लाख अपने रिश्तेदारों के खातों में कर लिए ट्रांसफर, कलेक्टर ने पांच कर्मचारियों को किया सस्पेंड
इंदौर के स्कूल शिक्षा विभाग का मामला, कलेक्टर शिवम वर्मा ने जांच में दोषी पाए जाने पर विभाग के पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 10:49 PM IST
इंदौर: प्रदेश में शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों-कर्मचारियों पर है वे खुद स्कूली बच्चों के हक की सरकारी राशि के गबन में लिप्त हैं. इंदौर में 2 करोड़ 87 लाख रुपये के गबन के ऐसे ही मामले में विभाग के पांच लोगों को निलंबित किया गया है.
दरअसल इंदौर के ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में स्कूलों की व्यवस्था और संसाधन जुटाने के लिए जो राशि राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाती थी, उसे यहां के कर्मचारी अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे. हाल ही में यह मामला उजागर हुआ तो पता चला कि विभाग के अधिकारियों ने बीते कुछ सालों में स्कूल शिक्षा विभाग की 2 करोड़ 87 लाख की राशि अपने और अपने रिश्तेदारों के खाते में ट्रांसफर की है.
शिकायत के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने दिए थे मामले की जांच के आदेश
इस मामले की शिकायत के बाद बीते दिनों कलेक्टर शिवम वर्मा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे. जांच में पता चला बीईओ ऑफिस के चपरासी सिद्धार्थ जोशी ने इस कारनामे को अंजाम दिया था जो अन्य अधिकारियों के कहने पर उनके खातों में विभाग की रकम ट्रांसफर कर देता था. दरअसल यह कर्मचारी बीईओ ऑफिस के पहले खजराना हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ था. जिसे तत्कालीन बीओ ने डीईओ डॉ सुधीर कौशल से आदेश निकलवा कर बीओ कार्यालय में अटैक करवाया था.
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इनके बाद जितने भी बीईओ आए उनके रहते भी सिद्धार्थ चपरासी होते हुए भी कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता रहा. पता चला है कि लगभग सभी बीईओ ने अपना आईडी और पासवर्ड सिद्धार्थ जोशी को दे रखा था. और सभी ट्रांजैक्शन पर ओटीपी भी बीईओ द्वारा ही दिया जाता रहा. जांच में यह भी पता चला कि उक्त ट्रांजैक्शन अन्य चार कर्मचारियों और अधिकारियों की सहमति से हुए.
जांच में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित
नतीजतन जांच में दोषी पाए जाने पर शुक्रवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबित किए गए कर्मचारियों में अकाउंटेंट दिनेश पवार, मेघना चार्ल्स, सिद्धार्थ जोशी, राहुल अहिरे एवं अतुल त्रिवेदी शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के तथ्य सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है. इस मामले के उजागर होने के बाद विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी विकासखण्ड का प्रभार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद इंदौर के प्राचार्य मनोज खोपकर को सौंपा गया है.

