कुरुक्षेत्र में नहर से निकला 5.5 फीट लंबा मगरमच्छ, डेरे में मचा हड़कंप, प्रगट सिंह की टीम ने टाला बड़ा हादसा
कुरुक्षेत्र में नरवाना भाखड़ा नहर से 5.5 फीट लंबा मगरमच्छ निकलने से इलाके में हड़कंप मच गया.

Published : August 18, 2026 at 8:16 PM IST
कुरुक्षेत्रः जिले के गांव दबखेड़ी के समीप उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नरवाना भाखड़ा ब्रांच नहर से निकलकर एक विशालकाय मगरमच्छ सीधे पास बने एक रिहाइशी डेरे में जा घुसा. गनीमत यह रही कि समय रहते कुत्तों की सतर्कता और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम के त्वरित रेस्क्यू से एक बड़ा हादसा होने से टल गया.

कुत्तों के भौंकने से अलर्ट हुआ परिवारः डेरे के मालिक सुखबीर ने बताया कि "वे चारपाई बिछाकर अपने पशुओं की रखवाली कर रहे थे. इसी दौरान डेरे में मौजूद कुत्ते अचानक जोर-जोर से भौंकने लगे. अनहोनी की आशंका के चलते जब वे तुरंत कुत्तों की तरफ भागे, तो सामने करीब 5.5 फीट लंबा और 50 किलोग्राम से अधिक वजनी मगरमच्छ रेंगता हुआ दिखाई दिया. मगरमच्छ को देखते ही डेरे में हड़कंप मच गया.
स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस: स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए आनन-फानन में जाल की मदद से मगरमच्छ पर शुरुआती काबू पाने का प्रयास किया, ताकि वह किसी पशु या इंसान को नुकसान न पहुंचा सके. इसके साथ ही तुरंत प्रसिद्ध गोताखोर प्रगट सिंह और वन्यजीव विभाग को मामले की सूचना दी गई.

भोर सैदां मगरमच्छ केंद्र में कराया गया सुरक्षित दाखिल: सूचना मिलते ही गोताखोर प्रगट सिंह अपनी टीम के साथ बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे. उन्होंने वाइल्डलाइफ टीम के साथ मिलकर पेशेवर तरीके से मगरमच्छ को पूरी तरह सुरक्षित काबू में कर लिया. इसके बाद रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को कुरुक्षेत्र स्थित प्रसिद्ध भोर सैदां मगरमच्छ प्रजनन केंद्र ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया है.

भोजन की तलाश में रिहाइशी इलाके का रुखः प्रगट सिंह ने बताया कि "नहरों का जलस्तर बदलने या भोजन की तलाश में अक्सर मगरमच्छ रिहाइशी इलाकों का रुख करते हैं. ग्रामीणों की तत्परता और सूचना तंत्र की वजह से इस घटना में किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ."


