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छत्तीसगढ़ राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में 45 अन्वेषण परियोजनाओं को दिया गया अंतिम रूप

35 क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड खनिज ब्लॉक और 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं.

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राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 20, 2026 at 2:33 PM IST

4 Min Read
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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्वेषण कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खनिज खोज कार्यक्रमों व प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया. इस दौरान विशेष सचिव एवं संचालक भौमिकी-खनिकर्म रजत बंसल और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के उप महानिदेशकअमित धरवाड़कर सहित प्रमुख केंद्रीय, राज्य एजेंसियों व निजी उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

45 अन्वेषण परियोजनाओं पर मुहर

राज्य में कुल 45 नई व जारी अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है. इनमें 35 क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड (गहन स्तर) खनिज ब्लॉक और 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं. इनमें से 25 अन्वेषण परियोजनाओं का संचालन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (रायपुर इकाई) द्वारा किया जाएगा.

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राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक (ETV Bharat Chhattisgarh)

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क के संसाधनों की पहचान व स्थापना की गई. उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की चार अन्वेषण परियोजनाएं चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी. इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म द्वारा राज्य में 11 अन्वेषण प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया है. इनमें 1 ग्रेफाइट, 2 चूना पत्थर, 4 लौह अयस्क, 2 ग्लॉकोनाइट, 1 आरईई एवं रेयर मेटल्स और 1 बॉक्साइट एवं एल्युमिनस लेटराइट युक्त महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉक शामिल हैं.

रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण

सचिव पी. दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को खनन रॉयल्टी एवं राजस्व से लगभग 16,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत एनपीईए की 9 अन्वेषण परियोजनाएं चालू वर्ष में भी जारी रहेंगी. इससे राज्य में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों के अन्वेषण को निरंतर गति मिलने के साथ-साथ राज्य के खनिज संसाधन आधार को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी.

विशेष सचिव रजत बंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025 26 के दौरान संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ द्वारा 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर संसाधन और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधन स्थापित किए गए हैं. उन्होंने इसे राज्य में खनिज अन्वेषण गतिविधियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

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45 अन्वेषण परियोजनाओं को किया गया फाइनल (ETV Bharat Chhattisgarh)

रणनीतिक एवं दुर्लभ खनिजों पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में लिथियम, ग्रेफाइट, टिन-टैंटलम-नियोबियम, आरईई (REE) एवं रेयर मेटल्स, ग्लॉकोनाइट और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के ब्लॉकों को शामिल किया गया है.

बैठक में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में खनिज अन्वेषण को तेज करने तथा अधिक गहराई में मौजूद (Deep-seated) खनिजों के सटीक आकलन के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया गया.

पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र खनिज साधन विभाग को सौंपे

इस अवसर पर GSI द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र खनिज साधन विभाग को सौंपे गए. बैठक में खनिज खोज की संभावनाओं को बढ़ाने, विभिन्न केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और राज्य में खनिज-आधारित उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार एक मजबूत रोडमैप तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया.

बैठक में प्रमुख भूवैज्ञानिक एवं खनिज क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थाओं और शासकीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इनमें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय खान ब्यूरो, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च, केंद्रीय भूजल बोर्ड, सीएमपीडीआईएल, एमओआईएल, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन शामिल थे. इसके अतिरिक्त सीजीसीओएसटी, अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों और उद्योग जगत से जिंदल स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड, डेक्कन गोल्ड एवं माइकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों और डीजीएम की एमसीटीए टीम ने भी बैठक में भाग लिया.

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