CM योगी के शहर में 44 हेल्थ एटीएम 'बीमार', कैसे हो गरीब मरीजों की फ्री जांच?
मशीनें खराब होने से 2 मिनट में होने वाले टेस्ट के लिए मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार, शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 7:28 PM IST
गोरखपुर: जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 2 मिनट में खून की 59 तरह टेस्ट करने वाले स्थापित हेल्थ एटीम खुद ही 'बीमार' हो गए हैं. कोमा में जा चुके इन हेल्थ एटीएम के इलाज के जो संसाधन है, वह उपलब्ध ही नहीं है. जिले के 44 हेल्थ एटीएम की बैटरी और सिस्टम से जुड़ी अन्य तकनीक काम नहीं कर रही हैं. हेल्थ एटीएम हाथी के सफेद दांत ही साबित हो रही है. जिससे जांच प्रभावित है. हालांकि समुदायिक स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो नियमित जांच है, वह हो रही है.
6 महीने बाद ही आने लगी खराबीः गोरखपुर का खोराबार स्वास्थ्य केंद्र हो या फिर चौरी चौरा, चरगांवा, कौड़िया जंगल में हेल्थ एटीएम चालू नहीं हैं. जिले में यह एटीएम जनवरी 2024 के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित की गई थीं. जिसमें मात्र 6 माह में जुलाई 2024 से ही तकनीकी खराबियां सामने आने लगी जो अभी तक ठीक नहीं हो पाई है. हेल्थ एटीएम के संचालित होने से मरीजों को लाभ था. लेकिन अह जांच के लिए मरीजों अब मजबूरन बाहर जाना पड़ रहा है. जिला अस्पताल तक की हेल्थ एटीएम मशीन अभी तक चालू नहीं हो पाई है. मुख्यमंत्री के शहर में इस तरह की विभागीय उदासीनता है. जबकि सीएम योगी अक्सर अपने दौरे में इन व्यवस्थाओं को ठीक करने का निर्देश देते हैं.
मशीन के नहीं मिल रहे किटः मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि हेल्थ एटीएम के किट आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. जेम पोर्टल पर भी इन मशीनों के सामान उपलब्ध नहीं है. अभी समस्या कब तक बनी रहेगी कुछ कहा नहीं जा सकता. हेल्थ एटीएम में रिचार्ज की व्यवस्था है लेकिन वह भी कंपनी नहीं कर रही है. फिलहाल जिला अस्पताल केंद्र की पैथोलॉजी से जो मरीज चाहें, उसका लाभ ले सकते हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं बनी मशीनः खोराबर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओबैदुल हक ने बताया कि जनवरी 2024 में यहां पर हेल्थ एटीएम मशीन सांसद रवि किशन द्वारा स्थापित की गई थी. जुलाई 2024 में इसका स्क्रीन खराब हो गया. इसकी कई बार शिकायत की गई. मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी लिखित सूचना दी गई है लेकिन अभी इसके बनने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही.

रिचार्ज न होने के कारण बंदः चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. वी के चौधरी ने बताया कि उनके यहां के हेल्थ एटीएम मशीन में रिचार्ज न होने कारण बंद है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज के भी मशीन की यही हालत है, छह माह से वह भी खराब है. हरनहीं सीएचसी में हेल्थ एटीएम के लाइसेंस का नवीनीकरण ही नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से मशीन बंद है.
कई जगह तो ऑपरेटर न होने से मशीन बंदः कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर तो ऑपरेटर की ही तैनाती नहीं हो पाई है. इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि अनुबंध 18 फरवरी 2025 में ही समाप्त हो गया था. कोई वैकल्पिक व्यवस्था ऑपरेटर की नहीं हो पाई है, जिससे कुछ जगह की मशीन जो चालू होने की स्थिति थी वह अभी खराब हो गई. शासन को इस बात की जानकारी दी गई है. वहीं से इस संबंध में निर्णय होगा, तब जाकर यह मशीने क्रियाशील हो पाएंगी. एक हेल्थ एटीम की कीमत ढाई लाख रुपए के करीब है. जांच हेल्थ एटीएम मशीन से निःशुल्क है.

हेल्थ एटीएम से कैसे होती है जांच?
सबसे पहले मरीज हेल्थ एटीएम के सामने खड़ा होता है और टच स्क्रीन पर अपना मोबाइल और आधार नंबर या आयुष्मान कार्ड दर्ज करता है. इस मशीन में ब्लड प्रेशर, कफ, ऑक्सीजन मॉनिटर, थर्मामीटर और बॉडी मास इंडेक्स, ग्लूकोमीटर लगे होते हैं. मरीज जो जांच को चाहता है, उस पर उंगली लगाने से उसे संबंधित बीमारी की रिपोर्ट मिल जाती है. इस मशीन के जरिए जिसे टेली मेडिसिन सुविधा कहते हैं, उसका उपयोग करके डॉक्टर के साथ भी तुरंत वीडियो कॉल पर जुड़ सकता है. डॉक्टर रिपोर्ट देखकर उसे सलाह भी दे देते हैं. यही नहीं सभी मेडिकल रिकॉर्ड और रिपोर्ट इस मशीन में सेव हो जाते हैं, जो मरीज कभी भी ऐप के माध्यम से उसे देख सकता है. एक तरह यह मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट का डिजिटल स्टोरेज है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि उच्च गुणवत्ता के लिए इसमें अच्छा सेंसर का उपयोग किया गया है.

क्या जांच कराएं जब मशीन ही खराबः चौरी चौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच कराने आए जगत नारायण निषाद ने कहा कि वह हेल्थ एटीएम मशीन के बारे में जानते ही नहीं. स्वास्थ्य केंद्र में जो जांच हो जाती है मैनुअल तरीके से उसे कराते हैं. जिला अस्पताल बड़ी जांच के लिए जाते हैं. हरनही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए आईं दुर्गावती देवी ने कहा कि हेल्थ एटीएम मशीन से क्या जांच कराएं जब मशीन ही खराब है. यहां के पैथोलॉजी लैब में जो जांच हो रही है, उसको कर रहे हैं. हम मशीन के बारे में न जानते हैं न हमें कोई बताया है. यही हाल मीना देवी का भी था. वह भी दुर्गावती के साथ खून की जांच के लिए आई थीं, लेकिन हेल्थ एटीएम मशीन के बारे में कुछ नहीं जानती.

