जयपुर रेंज में 383 नए केस, 389 पैडलर और सप्लायर गिरफ्तार, 2.86 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त
जयपुर रेंज के आठ जिलों में 15 मार्च से ऑपेरशन एंटी वेनम शुरू किया. 31 मई को इसका तीसरा चरण पूरा हुआ.

Published : June 3, 2026 at 3:59 PM IST
जयपुर: जयपुर रेंज के 8 जिलों में नशे के खिलाफ ऑपेरशन एंटी वेनम चलाया जा रहा है. इस अभियान के तीन चरण में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट से संबंधित 383 नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं. जबकि 389 पैडलर और सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है. इस मुहिम के दौरान 2.86 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं. इस मुहिम के तहत नशे की तस्करी करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के साथ ही अब पुलिस आमजन को नशे की लत से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है. इसके तहत शिक्षण संस्थाओं में युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया जा रहा है. वहीं, धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं को भी नशे का त्याग करने का संकल्प दिलाया जा रहा है.
15 मार्च से हुआ आगाज, मई में चला तीसरा चरण: जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर रेंज के 8 जिलों में 15 मार्च से ऑपेरशन एंटी वेनम शुरू किया गया था. वहीं, 31 मई तक इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं. अब तक 2.86 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं. जबकि, 383 नए मुकदमे दर्ज कर 389 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि ऑपेरशन एंटी वेनम 3.0 का आगाज 1 मई से हुआ था. इसमें 31 मई तक मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए कार्रवाई की गई है. अभियान के दौरान 60 लाख रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं. एक महीने में 73 नए मुकदमे दर्ज कर 74 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
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कहां कितने नए मुकदमे हुए दर्ज: उन्होंने बताया कि अभियान के तीसरे चरण में 106.14 ग्राम स्मैक, 76.534 किलो गांजा, 85.618 किलो डोडा-पोस्त, 41.976 किलो डोडा चूरा, 330 ग्राम अफीम और 942 ग्राम अफीम का दूध जब्त किया गया है. वहीं, गांजे के 135 पौधे, ट्रामाडोल के 1,912 कैप्सूल-टेबलेट्स और 16.79 ग्राम मेथम्फेटामाईन पाउडर और 17 सिरप की शीशी जब्त की गई है. उन्होंने बताया कि जयपुर ग्रामीण में 19, सीकर में 17, दौसा में 10, कोटपूतली-बहरोड़ में 8, खैरथल-तिजारा में 7, अलवर में 5 और झुंझुनू में तीन नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं.

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एक महीने में 74 सप्लायर पर कसा शिकंजा: उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान रेंज में 74 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें जयपुर ग्रामीण में 19, सीकर में 17, दौसा में दस, कोटपूतली-बहरोड़ में आठ, खैरथल-तिजारा में आठ, अलवर में पांच, भिवाड़ी में पांच और झुंझुनू में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उनका कहना है कि अभियान के तहत सभी जिलों के एसपी को जिला स्तर पर टीमें गठित कर मादक पदार्थ बेचने, खरीदने, नशा करने वाले और मादक पदार्थों की अवैध खेती करने वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

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तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कवायद: उन्होंने बताया कि इस अभियान के पहले चरण में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया गया. जबकि दूसरे और तीसरे चरण में इन पैडलर को नशे की सप्लाई करने वाले सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है. अनुसंधान में सप्लाई चैन के अंत तक पहुंचने की कवायद की जा रही है. जिसके आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रेंज ऑफिस से इस अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है. डिकॉय टीम भी अलग-अलग जिलों में जा रही है. जिस थाना इलाके में नशा बिकता हुआ पाया जाएगा. संबंधित थानाधिकारी पर एक्शन होगा.
धार्मिक स्थलों से भी नशा मुक्ति की अपील: उनका कहना है कि नशे के सौदागरों का मुख्य टारगेट युवा वर्ग होता है. युवा कई बार उत्सुकतावश नई-नई चीजों को ट्राई करने का प्रयास करते हैं. कई बार नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी नहीं होने पर भी युवा इसे ट्राई करते हैं. अगर सही गाइडेंस नहीं मिलता तो युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं. एक वर्ग ऐसा भी है जो परेशानी में रहता है. इसमें खास तौर पर मजदूर वर्ग आता है. मानसिक तनाव के कारण भी लोग नशे की तरफ आकृष्ट होते हैं. शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता अभियान चलाया गया है. धार्मिक स्थलों से भी नशे के खिलाफ अभियान से जुड़ने की अपील की गई है.
अब जहां नशा बिकेगा, वहां एसएचओ पर एक्शन: उनका कहना है कि सभी जिलों में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है. जो भी नशे की खरीद-फरोख्त करता पाया गया. उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. तस्करों की नशे की काली कमाई से अर्जित संपत्ति को भी कानून ले दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है. नशे की तस्करी करने वाले कई लोगों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई की गई है. उनका कहना है कि तस्करों की प्रॉपर्टी सीज करने की कार्रवाई कई जिलों में हुई हैं. रेज कार्यालय से मॉनिटरिंग कर जब्ती बढ़ाने की कवायद जारी है.

