पटना में फाइलेरिया की दवा खाते ही 38 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती
पटना के अथमलगोला में अभिभावकों के हाथ-पांव तब फूलने लगे, जब अचानक कई बच्चे बीमार पड़ गए. आगे पढ़ें पूरी खबर

Published : February 26, 2026 at 1:01 PM IST
पटना : बिहार के पटना में बड़ी घटना हुई है. अथमलगोला में फाइलेरिया की दवा खाने से 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया.
अथमलगोला के दो स्कूलों में हादसा : जानकारी के अनुसार, अथमलगोला प्रखंड के नया प्राथमिक विद्यालय और रामनगर दियारा गणपत राय टोला प्राथमिक विद्यालय में अचानक छात्रों की तबीयत खराब होने लगी. इससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई.
बच्चों को अस्पताल में कराया गया भर्ती : छात्रों की तबीयत बिगड़ते देखकर शिक्षकों ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी. आनन-फानन में ग्रामीणों द्वारा बच्चों को अथमलगोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. पीएचसी में सभी छात्रों का प्राथमिक उपचार हुआ. परिस्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन डॉक्टर योगेंद्र प्रसाद मंडल भी एक्शन में नजर आए.
क्या है पूरा मामला? : दरअसल, मिड डे मील कार्यक्रम के तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी गई थी. दवा खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. चक्कर आने लगा और उल्टी होने लगी. कुल 38 बच्चे बीमार पड़ गए.
7 बच्चों को किया गया रेफर : निरंजन, निधि, आशुतोष, शिवसंत, आरती, अमन, ज्योति, मनीषा, चांदनी, शिवानी, हंसराज, साहनी, राकी, अंगद, रौशन, लखन, अंजू सहिक कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. एहतियातन 7 बच्चों को बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया.
''क्विक रिस्पांस टीम ने अच्छा काम किया. एंबुलेंस से सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया. सभी छात्रों को समय पर उपचार मिलने से स्थिति नियंत्रण में रही. जल्द ही ज्यादातर बच्चों की हालत जल्द स्थिर हो गई.''- डॉ. अमन कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
मामले की जांच की जा रही- BEO : अथमलगोला प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी दिवा श्री ने कहा कि शिक्षक द्वारा दवा खाने से बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली थी. अस्पताल पहुंचकर जांच डॉक्टर से बात किए तो उन्होंने कहा कि घबराने की जरुरत नहीं है, सभी बच्चे सही हैं, पैनिक होने की जरूरत नहीं है. मामले की जांच की जा रही है कि आखिर ये बच्चे कैसे बीमार हुए. फ़िलहाल सभी बच्चे स्वास्थ होकर घर गए हैं.
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? : पटना के प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि एल्बेंडाजोल पेट के कीड़ों के इलाज में दी जाने वाली दवा है. जिसे आमतौर पर भोजन के बाद लेना बेहतर माना जाता है ताकि दवा सही तरीके से अवशोषित हो सके और पेट पर कम असर पड़े. अगर बच्चे को तेज पेट दर्द, बार-बार उल्टी, एलर्जी के लक्षण जैसे खुजली, सूजन या सांस लेने में परेशानी हो, या बहुत ज्यादा कमजोरी लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
''अगर बच्चा यह दवा गलती से खाली पेट ले लेता है, तो अधिकतर मामलों में कोई गंभीर खतरा नहीं होता. हालांकि कुछ बच्चों में हल्की दिक्कतें हो सकती हैं, जैसे मतली या उल्टी, पेट दर्द या मरोड़, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी या थकान महसूस होना. कुछ मामलों में हल्का दस्त भी हो सकता है. यह लक्षण आम तौर पर थोड़े समय में अपने-आप ठीक हो जाते हैं और घबराने की जरूरत नहीं होती.''- डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी
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