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नागौर में डेंगू के 35 मरीज, मौसमी बीमारियों के मामले बढ़े, ओपीडी में मरीजों की संख्या हुई दोगुनी

मौसम में बदलाव के चलते मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं. इसके कारण अस्पतालों में ओपीडी में कतारें नजर आ रही हैं.

Patients waiting in line
कतार में लगे मरीज (ETV Bharat Nagaur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : November 12, 2025 at 3:33 PM IST

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नागौर: मौसम में बदलाव के साथ ही जिले में मौसमी बीमारियों ने जोर पकड़ लिया है. डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस जैसे रोगों के साथ सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इस बार अधिक बारिश और जगह-जगह पानी के ठहराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है, जिससे इन बीमारियों में और इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में डेंगू के 35, मलेरिया के 7 और स्क्रब टायफस के 5 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं चिकनगुनिया के केवल 3 मामलों की पुष्टि हुई है.

जांच में चिकनगुनिया की पुष्टि नहीं: सीएमएचओ डॉ जुगल सैनी ने बताया कि जिले के नागौर, मुंडवा और खींवसर क्षेत्र में चिकनगुनिया जैसे लक्षणों वाला वायरल फैला हुआ है, लेकिन एलाइजा जांच में चिकनगुनिया की पुष्टि नहीं हो रही है. इसलिए इसे सामान्य वायरल ही माना जा रहा है. मरीजों को कई दिनों तक शरीर में जकड़न और जोड़ों के दर्द की शिकायत बनी रहती है.

नागौर में ये है मौसमी बीमारियों का हाल (ETV Bharat Nagaur)

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बढ़ रहे मामले: सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. हालांकि इस सप्ताह डेंगू और चिकनगुनिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल बुखार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. जेएलएन अस्पताल में मरीज के साथ पहुंचे परिवार के सदस्य कमलेश भाटी ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से अस्पताल आया है, लेकिन 11 बजे तक उसका नंबर ओपीडी में पर्ची लेने के लिए नहीं लगा है. अस्पताल में भर्ती करने के बजाय डॉक्टर सीधा वायरल बता कर घर भेज रहे हैं.

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बुखार से पीड़ित मरीज प्रकाश आसोपा का कहना है कि कल वह 12 बजे अस्पताल आए थे. 2 बजे तक उनकी पर्ची बनी. उसके बाद डॉक्टर को दिखाने में ही 3 बज गए. डॉक्टर ने जांच और कुछ दवाइयां लिखी, लेकिन दवाइयां बाहर से लेनी पड़ी. आज फिर जांच के लिए आया हूं, लेकिन आज तो कल से ज्यादा भीड़ है.