कैनोपी लगा जारी करते लोगों के नाम से 3-4 सिम, मोटे दामों में बेचते साइबर ठगों को, 3 गिरफ्तार
जिन लोगों के नाम ये सिम कार्ड जारी होते, उन्हें न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ते.

Published : August 30, 2026 at 6:14 PM IST
कोटा: जिले की ग्रामीण पुलिस ने साइबर ठगों की मदद करने वाले गिरोह का रविवार को खुलासा किया. यह लोगों की आईडी से सिम को एक्टिवेट कर लेते और इन सिम को महंगे दामों पर साइबर ठगों को उपलब्ध करा देते थे. इस सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बनाते थे.
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि बपावर थाना पुलिस ने सूचना पर झांसी रानी चौराहे बपावर के नजदीक एक कार को चेक किया. इसमें तीन लोग सवार थे. उनके पास से अलग– अलग कंपनियों के 190 सिम कार्ड मिले थे. इसके साथ ही चेक बुक, एटीएम कार्ड और तीन मोबाइल भी मिले. इन लोगों से प्रारंभिक पूछताछ में संतुष्टपूर्ण जवाब नहीं मिलने पर इन्हें गिरफ्तार किया गया. आरोपियों में मध्य प्रदेश के गुना निवासी दिलीप अहीरवाल, अजय अहीरवाल और कृष्ण पाल अहीरवाल शामिल हैं. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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एक आईडी पर जारी कर लेते थे कई सिम: थानाधिकारी सुरेश मीणा ने बताया कि यह लोग कैनोपी लगाकर सिम कार्ड बेचने का काम करते हैं. इस दौरान ये कई ग्राहकों का फोटो और डिटेल साफ नहीं आने का कहकर फिंगरप्रिंट स्कैन कर लेते हैं. इसके नाम से तीन से चार सिम जारी कर लेते हैं. एक सिम ग्राहक को देते हैं, बाकी सिम साइबर ठगी वाले लोगों को महंगे दाम पर बेच देते हैं. उक्त तीनों व्यक्ति इंदौर में अपनी कैनोपी लगाकर सिम बेचने का काम करते थे. इनके पास 200 से 300 सिम इकट्ठी हो जाती थी, तब यह लोग हरियाणा जाकर साइबर ठगों को महंगे दामों पर बेचते थे.
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सिम जिसके नाम, वह चढ़ता था पुलिस के हत्थे: साइबर ठग इन सिम कार्ड के जरिए भोले वाले लोगों को अपना शिकार बना लेते थे. उन्हें लूट लेते और करोड़ों का चूना लगा देते थे. दूसरी तरफ जिन लोगों के नाम यह सिम कार्ड जारी होते, उन्हें न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. पुलिस थानों में भी इन लोगों को जाना पड़ता था, क्योंकि सिम उनके नाम बोलती थी. अधिकांश मामलों में सामने आ रहा है कि कम पढ़े-लिखे लोगों के साथ यह ठगी हो रही थी. दूसरी तरफ गिरफ्तार आरोपी कम पढ़े–लिखे और गरीबों के खातों को भी किराए पर लेते थे. उनके खातों में साइबर ठगी से आने वाली राशि का ट्रांजैक्शन किया जाता था.

