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बिहार कैबिनेट की बैठक में 25 एजेंडों पर लगी मुहर, देखें किसको मिलेगा लाभ

सोमवार को पटना में सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. पढ़ें खबर

SAMRAT CHOUDHARY
सम्राट चौधरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 8, 2026 at 6:16 PM IST

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पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक बुलाई गई. इस बैठक में 25 एजेंडों पर मुहर लगी. मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हाल में बैठक हुई. जिसमें सभी मंत्री उपस्थित रहे.

नामांकन के बाद कैबिनेट मीटिंग : विधान परिषद के 10 सीटों पर चुनाव प्रक्रिया चल रही है. नॉमिनेशन के बाद कैबिनेट की बैठक बुलाई गई. कैबिनेट की बैठक को लेकर कैबिनेट विभाग की ओर से लेटर जारी कर दिया गया था. सम्राट चौधरी जब से मुख्यमंत्री बने हैं, हर बुधवार को कैबिनेट की बैठक कर रहे थे, लेकिन इस बार सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई है.

रैयती जमीन की मापी शुल्क बढ़ाने की स्वीकृति : सम्राट चौधरी की की कैबिनेट ने रैयती जमीन की मापी शुल्क बढ़ाने की स्वीकृति दी है. नगर निगम नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में अवस्थित रैयती जमीन की मापी प्रति खेसरा 2000 एवं अधिकतम 8000, ग्रामीण क्षेत्र में प्रति खेसरा 1000 एवं अधिकतम 4000 मापी शुल्क निर्धारित किए जाने की स्वीकृति दी गई है. वहीं शहरी क्षेत्र में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा ₹4000 एवं अधिकतम 16000 रुपए मापी शुल्क निर्धारित किए जाने की स्वीकृति दी गई है. ग्रामीण क्षेत्र में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसर 2000 अधिकतम 8000 माह प्रति खेसरा निर्धारित किए जाने की भी स्वीकृति दी गई.

सरकार ने खोला खजाना : वित्तीय वर्ष 2026-27 में बाढ़ प्रबंधन कार्य के लिए 400 करोड़ 66 लाख, भू अर्जन मद में 250 करोड़ रुपए सीमा क्षेत्र में नदी प्रबंधन गतिविधि के लिए 120 करोड़ रुपए के निकासी की स्वीकृति दी गई है. मुंगेर जिला के खरगपुर में मनी नदी एवं सिंधवारणी नदी के संगम स्थल पर गेटेड बियर के निर्माण और उच्च स्तरीय मुख्य नहर की लंबाई 9.66 किलोमीटर में पुनर्स्थापना कार्य किए जाने के लिए 125 करोड़ से बढ़ाकर राशि 196.89 करोड़ करने की स्वीकृति दी गई. 671 हेक्टेयर क्षेत्र में इससे सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

हाजीपुर में जलापूर्ति परियोजना के लिए 131 करोड़ 88 लाख 40241 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. वहीं बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण के लिए 375 करोड़ 86 लाख 61872 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. सहरसा जलापूर्ति योजना के लिए 127 करोड़ 45 लाख 52 हजार 59 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.

सासामुसा चीनी मिल खुलने जा रहा है : विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन विकसित भारत, जी रामजी योजना की स्वीकृति दी गई है. यह 1 जुलाई से लागू होगा. गोपालगंज के सासामुसा चीनी मिल के पुनः परिचालन और गन्ना किसानों के बकाया के भुगतान के लिए 42 करोड़ 99 लाख 9095 रुपए की स्वीकृति दी गई है. चीनी मिल के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा. 15 वर्ष से पुरानी सरकारी वाहनों को निबंधन या स्क्रेपिंग करने पर मोटर क्रय में छूट या लाभ नहीं मिलेगा. गैर सरकारी वाहनों के स्क्रेप किए जाने पर नए वाहनों की खरीद पर छूट जारी रहेगा.

पेंशन योजना की अग्रिम स्वीकृति दी गई : 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लिए 3662 करोड़ 97 हजार रुपए की अग्रिम स्वीकृति दी गई है. मई, जून और जुलाई के पेंशन के लिए राशि की स्वीकृति दी गई है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और बिहार विकलांग पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना सरकार डीबीटी के माध्यम से राशि देती है.

लिए जा रहे हैं कई बड़े फैसले : पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडों पर फैसला लिया था. राज्य के मरीजों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से ढाई लाख की सीमा को बढ़ाकर 4 लाख करने का बड़ा फैसला लिया था. गरीब मरीजों के लिए यह राहत वाला फैसला लिया गया था. दरभंगा में बन रहे एम्स के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया. निकटवर्ती नदियों के उड़ाही से प्राप्त मिट्टी और गाद से एम्स की गड्ढे वाली जमीन को भरने और समतलीकरण करने पर मोहर लगी. वहीं विभिन्न विभागों में पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई.

दीपक प्रकाश को लेकर चर्चा तेज : वैसे सोमवार का दिन काफी गहमा-गहमी वाला रहा. एनडीए की तरफ से 9 उम्मीदवारों ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. विपक्ष की ओर से आरजेडी से सुनील सिंह ने पर्चा भरा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एनडीए की ओर से जिन 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया उसमें जेडीयू-बीजेपी के 4-4, एलजेपीआर के एक उम्मीदवार रहे. हालांकि इसमें आरएलएम की ओर से दीपक प्रकाश उम्मीदवार नहीं बने, जिससे प्रदेश की राजनीति गर्म है.

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