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ग्वालियर चंबल में लोगों को चेन पुलिंग का चस्का, घर के नज़दीक उतरने को 2500 बार रोकी ट्रेन

झांसी रेल मंडल में 1 जनवरी 2026 से 24 मई 2026 तक हुई चेन पुलिंग की 2430 घटनाएं. आरपीएफ ने दर्ज किए 782 मामले.

Gwalior Chambal train chain pulling
झांसी रेल मंडल में बढ़ रही अलार्म चेन पुलिंग की घटनाएं (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 28, 2026 at 2:50 PM IST

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Updated : May 28, 2026 at 2:55 PM IST

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ग्वालियर: चंबल अंचल में लोगों को ट्रेन की चेन पुलिंग का चस्का सा लग गया है. लोग अपने घरों के पास चेन खींच कर ट्रेन को रोक देते हैं, जिससे रेलवे को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ये बात हम नहीं बल्कि रेलवे कह रहा है. झाँसी रेल मंडल के अंतर्गत यात्रा करने वाले यात्रियों ने बीते पांच महीनों में करीब ढाई हज़ार बार चेन खींचकर ट्रेन को रोका है.

घर के पास उतरने के लिए रोक देते हैं ट्रेन

किसी आपात स्थिति में ट्रेन को रोकने के लिए हर यात्री कोच में चेन पुलिंग अलार्म दिया जाता है. लेकिन यही चेन पुलिंग अलार्म सिस्टम को लोगों ने खेल मान लिया है. रेलवे स्टेशन के नज़दीक पहुंचते ही लोग अपने घर तक पहुंचने की सुविधा के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगवा देते हैं. जबकि अनावश्यक परिस्थिति में ट्रेन की चेन पुलिंग कर रोकना दंडनीय अपराध है. इसमें जुर्माना और जेल दोनों ही सज़ाओं का प्रावधान है. ग्वालियर में भी अक्सर बिरलानगर रेलवे स्टेशन के ऑफिस पुल के पास अक्सर चेन पुलिंग की घटनाएं सामने आती हैं.

पाँच महीने में करीब ढाई हज़ार बार चेन पुलिंग

झांसी रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 24 मई 2026 तक झांसी रेल मंडल में अलार्म चेन पुलिंग की 2430 घटनाएं हुईं. आरपीएफ ने इस समय अवधि में हुई घटनाओं में 782 मामले दर्ज किए और इनमें 781 लोगों की गिरफ्तारी भी की गई. आरोपियों से करीब 2 लाख 24 हज़ार 680 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया और एक व्यक्ति को जेल भी भेजा गया. आरपीएफ ने झाँसी रेल मंडल के अलग-अलग रेलवे स्टेशन के अंतर्गत यह ये कार्रवाई की गई.

चेन पुलिंग से रेलवे और यात्री दोनों को नुक़सान

झाँसी रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है, अनावश्यक रूप से ट्रेन में चेन पुलिंग करना एक दंडनीय अपराध है. इससे रेलवे को कई तरह से नुकसान होता है. सबसे पहले तो बेवजह ट्रेन को चेन खींच कर रोकने से ट्रेन का समय प्रभावित होता है साथ ही सफर कर रहे और आने वाले स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही किसी ट्रेन के अचानक बीच में रुकने से ट्रेन यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है. महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है. इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और अचानक ट्रेन रुकने से परिचालन संबंधी जोखिम बढ़ जाता है.

किन स्थितियों के लिए है अलार्म चेन पुलिंग?

रेल अधिकारियों के मुताबिक ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग सुविधा आपात स्थितियों के लिए दी जाती है. उदाहरण के लिए अगर चलती ट्रेन में किसी यात्री की गंभीर तबीयत बिगड़ने या कोई दुर्घटना हो जाने, ट्रेन में आग लगने जैसी किसी आपातस्थिति में ट्रेन को रोका जा सकता है.

Last Updated : May 28, 2026 at 2:55 PM IST