ETV Bharat / state

देशभर में 200 और हिमाचल में बनीं 47 दवाओं के सैंपल फेल, बुखार, हार्ट अटैक की मेडिसिन भी शामिल

बुखार, हार्ट अटैक समेत 200 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं. इसके बाद बाजार से इनका स्टॉक वापस मंगवा लिया गया है.

कॉन्सेप्ट इमेज
कॉन्सेप्ट इमेज (IANS)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 20, 2025 at 1:23 PM IST

|

Updated : December 20, 2025 at 2:55 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

सोलन: देश में 200 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं. बुखार की दवा पैरासिटामोल, हार्ट अटैक की क्लोपिडोग्रेल और एसप्रिन, शुगर, मिर्गी के दौरे की दवा समेत 200 दवाओं के सैंपल मानकों पर सही नहीं उतर पाए हैं. हैरानी की बात ये है कि हिमाचल प्रदेश में बनी 47 दवाइयां भी इन दवाओं में शामिल हैं. नवंबर माह में सीडीएसओ ने 65 और राज्य दवा नियंत्रक ने 135 दवाओं के सैंपल लिए थे. इनमें 47 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं. इनमें सोलन जिला की 28, सिरमौर की 18 और ऊना जिला की एक दवा कंपनी शामिल है. इन कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं.

हिमाचल प्रदेश में बन रही दवाइयों के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल भी चिंता जाहिर कर चुके हैं. बार-बार जिन कंपनियों के सैंपल फेल हो रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने की बात भी कह चुके हैं और सरकार की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है.

इन दवाओं के सैंपल हुए हैं फेल

बुखार की दवा पैरासिटामोल, दिल के दौरे की दवा क्लोपिडोग्रेल और एसप्रिन, शुगर कम करने की मेटफोर्मिन, हार्ट की दवा रेमीप्रिल, मिर्गी के दौरे की दवा सोडियम वैल्प्रोएट, मांसपेशियों में जकड़न कम करने की दवा मेबेवेरिन हाइड्रोक्लोराइड आदि के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं.

इन कंपनियों के सैंपल फेल

सिरमौर जिले के कालाअंब की एथेंस लाइफ साइंस कंपनी के पांच दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं. इनमें रिमिप्रिस, ग्लेमीप्राइड, मैथाप्रिड, निसोलोन व कैटोरोलेक टेबलेट शामिल हैं. मलकूमाजरा नालागढ़ की मार्टिन एंड ब्राउन बॉयोसाइंस की जेंटामाइसिन सल्फेट इंजेक्शन, बद्दी की श्रीरमेत इंडस्ट्रीज की सेफिसाइन टेबलेट, सिरमौर की बॉयोकोलिक रेमिडीज की रेमिप्राजोल सोडियम एंड डोमप्राइड एसआर कैप्सूल, बद्दी की विंग्स बॉयोटेक की गलेमेप्राइड, बद्दी की क्योरटेक फार्मास्युटिकल्स की सेफिक साइन, भटोलीकलां बद्दी की प्लेना रेमिडीज की क्लेरिथ्रोमाइसिन शामिल हैं.

बद्दी के प्रीत रेमिडीज की मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड, मानपुरा की बनेट कंपनी की टेलमीसार्टन, पांवटा साहिब की सेफलिक्स लाइफ साइंसिस की एंब्रोक्लोस एचसीआई सिरप, बरोटीवाला के फॉर्मारूट्स हेल्थकेयर की रेमिप्रिल टेबलेट, बद्दी के शिवानी फार्मास्युटिकल की पैरासिटामोल, सोलन के घट्टी की जीएम लैबोट्री की एक्लोफैनिक एंड पैरासिटोमोल टेबलेट, सोलन के ग्लानग स्थित चिमैक हेल्थकेयर की पैरासिटामोल एंड टर्माडोल हाइड्रोक्लोराइड, ऊना की एक कंपनी की सैफिक जाइन टेबलेट मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं.

स्टॉक मंगवाया वापस

इस पूरे मामले में हिमाचल राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया है कि 'हिमाचल में जिन कंपनियों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं. उन्हें विभाग ने नोटिस जारी कर दिए हैं और बाजार से स्टॉक मंगवाने के लिए भी कहा गया है. संबंधित कंपनियों पर नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.'

ये भी पढ़ें: दवाओं के नाम पर 'जहर' का कारोबार! बिलासपुर में भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद

Last Updated : December 20, 2025 at 2:55 PM IST