यूपी के इस शहर में 20 'नमो शक्ति रथ' की शुरुआत, मुफ्त होगी महिलाओं की जांच
सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मलाइटिक्स का उपयोग किया जायेगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 6:46 PM IST
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान के तहत महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है. इसके तहत 'नमो शक्ति रथ' का संचालन किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर की जल्दी पहचान और मुफ्त घर-घर स्क्रीनिंग के माध्यम से समय रहते उपचार सुनिश्चित करना है.
290 ग्राम पंचायतों से होगी शुरुआत : मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि 'नमो शक्ति रथ' पहल में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का उपयोग किया जायेगा. यह नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री और बिना संपर्क की जांच पद्धति है. इस पहल को सबसे पहले वाराणसी के 290 ग्राम पंचायतें, नगर निगम के 92 वार्डों एवं गंगापुर के 12 वार्डों में शुरू किया जा रहा है. इसके तहत लगभग 7.50 लाख महिलाएं 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की हैं, जिन तक पहुंच बनाकर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग किया जाना है. इसके लिए 20 'नमो शक्ति रथ' का संचालन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 'नमो शक्ति रथ' का संचालन मंडलायुक्त एस. राजलिंगम एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के दिशा-निर्देशन में किया जाएगा.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और पंचायत कर्मियों के सहयोग से समुदाय में जागरूकता एवं महिलाओं को निर्धारित स्थलों पर स्क्रीनिंग कराने जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य किये जाएंगे. इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि वैन शेड्यूलिंग, रूटिंग और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है. नमो शक्ति रथ पहल से महिलाओं में कैंसर की समय पर पहचान, बेहतर फॉलोअप, गुणवत्तापूर्ण उपचार और सामुदायिक विश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है. यह कार्यक्रम न केवल वाराणसी बल्कि प्रदेश और देश के लिए महिला-केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है. इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये अधिकारियों के स्तर पर बैठकें कर कार्य योजना बनाई जा चुकी है.

