एलिवेटेड की मदद से महज 5 मिनट में पार कर पाएंगे गोपालपुरा बायपास, लेकिन व्यापारियों को ऐतराज
जयपुर के गोपालपुरा बायपास पर 2.1 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी. इससे यात्रा का समय 25 मिनट से घटकर 5 मिनट हो जाएगा.

Published : October 24, 2025 at 7:47 PM IST
|Updated : October 24, 2025 at 8:35 PM IST
जयपुर: जेडीए ने गोपालपुरा बायपास पर एलिवेटेड रोड निर्माण का काम शुरू कर दिया है. गुर्जर की थड़ी के पास बैरिकेडिंग लगाई जा चुकी है. पहले चरण के कार्य के दौरान यहां यातायात डायवर्ट किया जाएगा. जेडीए ने इस काम को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, यानी अप्रैल 2028 तक यह एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो जाएगी. इसके बाद गोपालपुरा बायपास को पार करने में 15 से 20 मिनट की जगह महज 5 मिनट लगेगी.
गोपालपुरा बायपास पर बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर्स मौजूद हैं. इसके चलते इस रोड पर हर समय यातायात का दबाव और जाम की समस्या बनी रहती है. जेडीए के इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने के बाद जाम से राहत मिलेगी. इस प्रोजेक्ट को देख रहे जेडीए के अधिशासी अभियंता मदनलाल ने बताया कि त्रिवेणी नगर पुलिया से गुर्जर की थड़ी अंडरपास तक पहुंचने में करीब 20 से 25 मिनट का समय लगता है. चार ट्रैफिक सिग्नल और भारी वाहन के दबाव के कारण ये मार्ग अक्सर जाम में फंसा रहता है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद यही सफर सिर्फ 5 मिनट में पूरा हो सकेगा. रिद्धि-सिद्धि चौराहा और त्रिवेणी जंक्शन जैसे ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स पर यातायात का दबाव कम करना इस प्रोजेक्ट का प्रमुख उद्देश्य है.
इन्हें मिलेगा फायदा: मानसरोवर, न्यू सांगानेर रोड, आतिश मार्केट, निर्माण नगर और अजमेर रोड की दिशा में जाने वाले करीब 1.50 लाख वाहनों को इस एलिवेटेड रोड से सीधा कनेक्शन मिलेगा. सिग्नल-रहित कॉरिडोर बनने से इन इलाकों के लिए यात्रा का समय घटेगा. इससे निचली सड़कों पर भीड़ का दबाव स्वतः कम होगा.

एलिवेटेड रोड : एक नजर
- कुल 2.1 किलोमीटर लम्बाई
- चार लेन की एलिवेटेड रोड
- त्रिवेणी आरओबी से गुर्जर की थड़ी अंडरपास तक
- 218.8 करोड़ का प्रोजेक्ट बजट
- 30 माह निर्माण अवधि (अप्रैल 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य)
- रोजाना 1.5 से 2 लाख वाहन गुजरते हैं
- 25 मिनट से घटकर 5 मिनट में पार होगा गोपालपुरा बायपास
कारोबार कम होने का डर: हालांकि, एलिवेटेड रोड बनने से बाजार में ग्राहकी कम होने का अंदेशा जताया जा रहा है. गोपालपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पवन गोयल ने कहा कि पहले सड़क को 160 फीट तक चौड़ा किया गया, अब उसके ऊपर पुल बनाया जा रहा है. यहां रोजाना करीब सवा लाख विद्यार्थी आते हैं, जिनका रूट नीचे से गुजरता है. एलिवेटेड रोड के बाद वे सीधे निकल जाएंगे, इसका व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा. गोयल ने कहा कि पहले कोचिंग सेंटर्स को शिफ्ट करने का वादा किया गया था, पर अब तक कोई कदम नहीं उठा.

स्थानीय व्यापारियों की प्रमुख मांगें :
- कोचिंग संस्थानों को प्रताप नगर कोचिंग हब में स्थानांतरित किया जाए.
- ठेलों और अस्थायी अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए.
- ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित कर उनके निर्धारित स्टॉप बनाए जाएं.
- ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और सिग्नल प्रबंधन सुदृढ़ किया जाए.
- करतारपुरा नाला और गुर्जर की थड़ी चौराहे का चौड़ीकरण किया जाए.
- सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाए.
- एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार किया जाए.
- करीब 50 हजार परिवारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर वैकल्पिक समाधान खोजे जाएं.
- छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग माहौल सुधारने के लिए उन्हें बाजार क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए.
बहरहाल, गोपालपुरा बायपास जयपुर का वो इलाका है, जहां रोजाना डेढ़ से दो लाख वाहनों की आवाजाही होती है और समानांतर रूप से ये कोचिंग सेंटर्स और बाजार का केंद्र भी है. एलिवेटेड रोड यातायात को ऊपर उठा सकता है, पर व्यापारियों के कारोबार के लिए चुनौती जरूर रहेगी.

