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सावधान! बुधवार को नाथपा डैम से छोड़ा जाएगा पानी, एडवाइजरी जारी

25 फरवरी को पानी छोड़े जाने को लेकर नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन ने एडवाइजरी कर दी है.

Nathpa Dam Flushing
नाथपा डैम से छोड़ा जाएगा पानी (@NathpaDamManagement)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 6:10 PM IST

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रामपुर: नाथपा डैम से बुधवार (25 फरवरी) को पानी छोड़ा जाएगा. आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है. एडवाइजरी के अनुसार 25 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक नाथपा बांध के रेडियल गेटों के रखरखाव का कार्य किया जाएगा. इस दौरान बांध से रेडियल गेटों के माध्यम से लगभग 170 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा.

25 फरवरी को नाथपा डैम से छोड़ा जाएगा पानी

परियोजना प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि, पानी छोड़े जाने के दौरान सतलुज नदी का जलस्तर अचानक और काफी हद तक बढ़ सकता है. ऐसे में नदी किनारे जाने, मछली पकड़ने, पशुओं को चराने या किसी भी प्रकार की गतिविधि करने से बचने की अपील की गई है. स्थानीय लोगों, पर्यटकों और मजदूरों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. प्रशासन ने सभी से अनुरोध किया है कि निर्धारित समयावधि के दौरान नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं.

क्या होता है 170 क्यूमेक पानी?

नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (1500 मेगावाट) प्रबंधन के प्रमुख राजीव कपूर ने कहा कि, "क्यूमेक का अर्थ है क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड (Cubic Meter per Second). यानी एक सेकंड में जितना पानी घन मीटर में बहता है, उसे क्यूमेक में मापा जाता है. 1 क्यूबिक मीटर पानी लगभग 1000 लीटर के बराबर होता है. इस हिसाब से 170 क्यूमेक का मतलब यह हुआ कि हर सेकंड 170 घन मीटर यानी लगभग 1 लाख 70 हजार लीटर पानी छोड़ा जाएगा."

स्थानीय लोगों से अपील

प्रोजेक्ट प्रमुख ने बताया कि, यदि 2 घंटे (सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक) के हिसाब से जोड़कर देखें तो यह मात्रा और भी बड़ी हो जाती है. 2 घंटे में कुल मिलाकर करोड़ों लीटर पानी नदी में प्रवाहित होगा, जिससे जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है. यही वजह है कि प्रशासन ने पहले से ही एहतियात के तौर पर बांध के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों से बांध के नजदीक न जाने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में फौरन स्थानीय प्रशासन या पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

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