ये हैं हजारीबाग के 15 खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस, जिसे देखने विदेशों से भी पहुंचते हैं सैलानी
हजारीबाग में 15 खूबसूरत टूरिस्ट जगहें हैं. जो विदेशी पर्यटकों को भी खूब आकर्षित करती हैं.

Published : January 1, 2026 at 9:33 AM IST
हजारीबाग: हजारीबाग को प्रकृति ने अपने हाथों से सजाया है. यहां कई ऐसे सुंदर स्पॉट है, जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं. कभी हजारीबाग नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था. बेहतर पुलिसिंग और सरकारी योजना के कारण यह समस्या समाप्त हो चुका है. यही कारण है कि सुदूरवर्ती पिकनिक स्पॉट पर सैलानियों की भीड़ हो रही है.
हजारीबाग पुलिस भी नव वर्ष के अवसर पर तमाम पिकनिक स्पॉट जो सुदूरवर्ती क्षेत्र में है, वहां भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का भरोसा दिलाया है. पुलिस का कहना है कि लोग यहां प्राकृतिक सुंदरता का दीदार करने के लिए अवश्य पहुंचे. खुशी के साथ नए साल का स्वागत करें, लेकिन सावधानी भी बरतें.
आज ईटीवी हजारीबाग के 15 जगहों के बारे में बताने जा रहा है, जहां आप पिकनिक के लिए प्लान कर सकते हैं:-
बैलगिरी झरना:- झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित एक खूबसूरत और शांत झरना है. यह कटकमदाग प्रखंड के हारम गांव के पास मंगरदाहा टोला में स्थित है, जो बैलगिरी झरना के नाम से जाना जाता है. यहां का पानी घने जंगलों के बीच से 30 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है. यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता, खासकर मानसून के दौरान, पर्यटकों को खूूब आकर्षित करता है. जहां लोग पिकनिक और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने आते हैं.

सिजुआ:- टाटीझरिया प्रखंड के सिजुआ में एक वॉटर स्पॉट है, जो धरहरा नदी पर स्थित है. आदिवासी समाज के लोग इसे जंगदरगा कहते हैं. जहां नदी अपने प्रवाह स्थल से होते हुए इस गांव से गुजरती है. जर्जर रास्ते से गुजरते हुई नदी पहाड़ के ऊपर से गिरती है, जो बेहद ही सुंदर और मनोरम लगता है.

जुलजुल पहाड़ी:- हजारीबाग की जुलजुल पहाड़ी को हजारीबाग का सोलंग वैली कहा जाता है. यहां की ठंडी हवाएं और प्राकृतिक सुंदरता सैलानियों को अपनी ओर खींच लेती है. पहाड़ी पर शानदार व्यू प्वाइंट भी है, जहां से नजारा अद्भुत दिखता है.

लारा नदी:- हजारीबाग का चुरचू प्रखंड का लारा नदी लोगों को आकर्षित करता है. यहां की सुंदरवादी अब पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो रहा है. जहां लोग दूर-दराज से पहुंचते हैं. हजारीबाग का एक ऐसा नया पिकनिक स्पॉट विकसित किया है कि कोई भी व्यक्ति जो हजारीबाग आता है एक बार यहां जरूर घूमने के लिए पहुंचता है. सफेद चट्टानों के बीच नदी की धार लोगों के मन को प्रसन्न कर देता है.

हजारीबाग झील:- हजारीबाग का झील अपनी सुंदरता के कारण लोगों को आकर्षित करता है, जो शहर के बीचों बीच है. मानव निर्मित झील के पीछे ऐतिहासिक कहानी भी है. इसी झील के मिट्टी से ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा का निर्माण हुआ है. एक ही परिसर में पांच झील और झील में नौका बिहार इसे अलग पहचान देती है. झील परिसर में ही दो कैफेटेरिया हैं. यहां भी लोगों का आना-जाना हमेशा लगा रहता है.

हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य:- बाघ, तेंदुए और हिरणों सहित विभिन्न वन्यजीवों को देखने के लिए यह एक शानदार जगह है, जहां सफारी का आनंद लिया जा सकता है. हजारीबाग से पटना जाने वाले रास्ते पर लगभग 18 किलोमीटर दूर वन्य जीव अभ्यारण है. जहां प्रकृति की गोद में सुंदरता का एहसास किया जा सकता है. घनघोर जंगल और इसके बीचों-बीच रजडेरवा आकर्षण का केंद्र बिंदु है. जहां लोग पिकनिक मनाने के लिए दूरदराज से पहुंचते हैं.

कैनरी हिल:- शहर के बीचों-बीच कैनरी हिल अपने शांत वातावरण और शानदार दृश्यों के लिए जानी जाती है. यहां एक पुराना डाक बंगला भी है. यह हजारीबाग का एक लोकप्रिय और खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो शहर से लगभग 3-5 किमी दूर है और घने जंगलों, प्राकृतिक सुंदरता, तीन झीलों और मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है. जहां से पूरे शहर और आसपास के वन क्षेत्र का विहंगम नजारा दिखता है. यहां एक वॉचटावर और गेस्ट हाउस है, जो इसे पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है. पहाड़ की चोटी पर चढ़ने के लिए वन विभाग ने अब यहां सीढ़ी भी मरम्मत करा दी है. जिससे आने जाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है. कैनरी हिल के ठीक सामने बोटैनिकल गार्डन बनाया गया है, वह भी लोगों को आकर्षित करता है.

कोनार डैम:- कोनार डैम सुंदर परिदृश्यों और शांति के लिए यह एक लोकप्रिय स्थान है, जो प्रकृति की गोद में सुकून प्रदान करता है. कोनार डैम झारखंड के बोकारो और हजारीबाग जिले की सीमा पर कोनार नदी पर बना एक बड़ा जलाशय और पर्यटन स्थल है. यह दामोदर घाटी निगम (DVC) की एक परियोजना है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली, नाव की सवारी (बोटिंग), मछली पकड़ने और ट्रैकिंग के अवसरों के कारण पर्यटकों और पिकनिक के लिए एक लोकप्रिय जगह है. खासकर सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के आने से यह और भी आकर्षक हो जाता है.

छड़वा डैम:- यह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर छड़वा डैम है. जहां आप शांति और सुकून महसूस कर सकते हैं. यह डैम हजारीबाग से चतरा जाने वाले रोड में शहर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर पर स्थित है. यहां सर्दी के समय में प्रवासी पक्षी सात समंदर पार कर पहुंचते हैं. इसके अलावा सालों भर यहां लोगों के आने-जाने का सिलसिला लगा रहता है. यह पिकनिक के लिए एक अच्छा स्पॉट माना जाता है.

सूर्यकुण्ड:- बरकट्ठा प्रखंड में एशिया का सबसे गर्म जल कुंड है. जिसे सूर्यकुंड कहा जाता है. आसपास पांच अन्य कुंड है. सूर्य कुंड का तापमान सबसे अधिक है. यह हजारीबाग का प्रमुख पर्यटक क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. जहां सालों भर लोग आना-जाना करते हैं. मकर संक्रांति के दिन यहां मेला का आयोजन होता है.

नरसिंह मंदिर:- नरसिंह मंदिर हजारीबाग के बड़कागांव रोड में स्थित ऐतिहासिक मंदिर है. जिसका इतिहास लगभग 450 साल पुराना है. शहर मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर बड़कागांव मार्ग पर कटकमदाग प्रखंड के खपरियावां स्थित ऐतिहासिक नृसिंह स्थान मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला का आयोजन किया जाता है. स्थानीय लोग इस मेले को केतारी मेला भी कहते हैं. यह मंदिर लोगों को आकर्षित करता है. जहां सालों भर लोग पूजा करने के लिए पहुंचते हैं और इसके आसपास पिकनिक भी मनाते हैं.

संस्कृति म्यूजियम:- हजारीबाग के दीपू गढ़ा में संस्कृति म्यूजियम है. जिसे पद्मश्री बुलु इमाम ने बनाया है. इसे देखने के लिए विदेश से भी लोग पहुंचते हैं. जहां खास कर सोहराय कला और हजारीबाग कला संस्कृति को संजो कर रखा है. आज के समय में यह अध्ययन केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहा है. इस म्यूजियम में कोई भी व्यक्ति बिना किसी शुल्क का प्रवेश कर सकता है. यह हजारीबाग का एक प्रमुख रमणीय स्थल है.

इसको गुफा:- हजारीबाग के बड़कागांव में 5000 साल पुराना इसको गुफा है, जो सोहराय कला को संजोए हुए हैं. आज भी इसको गुफा में जाकर इस कलाकृति को लोग देख सकते हैं. वर्तमान समय में विदेश से भी सैलानी बड़कागांव इसको गुफा देखने पहुंच रहे हैं और हजारीबाग की 5000 साल पुरानी लोक कला को नजदीक से समझ रहे हैं.

बरसों पानी:- बरसों पानी झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित एक रहस्यमयी और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. जहां चट्टानों के नीचे ताली बजाने या आवाज करने पर बारिश की बूंदों की तरह पानी टपकने लगता है. जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक आकर्षित होते हैं. यह एक प्राकृतिक अजूबा है. वैज्ञानिक भी इसका सटीक कारण पता नहीं लगा पाए हैं. लेकिन स्थानीय लोग इसे 'सिमसिम' की तरह मानते हैं.

मेगालिथ:- हजारीबाग के बड़कागांव का मेगालिथ स्थल पकरी बरवाडीह एक प्राचीन खगोलीय वेधशाला है. जहां हजारों साल पुराने बड़े पत्थर सूर्य और चांद की गतियों को ट्रैक करने के लिए स्थापित किए गए थे. जो इक्विनॉक्स और सोलस्टिस जैसी खगोलीय घटनाओं को देखने का एक प्राकृतिक कैलेंडर और वेधशाला का काम करते हैं. आज भी ये स्थल शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हैं.

ये भी पढ़ें: तापा पहाड़ी का नेचुरल पार्क, यहां डेवलप हो रहा है सनसेट पॉइंट, पहुंचने लगे हैं बड़ी संख्या में पर्यटक
सैलानियों को खूब भाता है देवघर का ये टूरिस्ट स्पॉट, नए साल से पहले लोगों की उमड़ने लगी भीड़

