बिहार में 13 किलोमीटर तक हाईटेंशन तार की चोरी, प्रशासनिक लापरवाही या संगठित खेल?
बेतिया में 88 पोल से 13.2 किमी हाईटेंशन तार की चोरी हो गई है. स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है.

Published : July 3, 2026 at 7:05 PM IST
बेतिया: पश्चिम चंपारण के मझौलिया से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि 11 केवी की चालू हाईटेंशन लाइन से करीब 13.2 किलोमीटर लंबा बिजली तार चोरी हो गया लेकिन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं हुई.
रमपुरवा महानवा पंचायत में 88 पोल से तार गायब: मामला मझौलिया थाना क्षेत्र का है, जहां 88 बिजली पोलों से लगभग 13.2 किलोमीटर हाईटेंशन तार गायब होने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह चोरी एक दिन में नहीं, बल्कि पिछले करीब एक महीने के दौरान हुई. सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति गायब होती रही लेकिन न तो बिजली विभाग को इसकी भनक लगी और न ही पुलिस प्रशासन को.

विभाग पर लगाया आरोप: मझौलिया पखंड के रमपुरवा महानवा पंचायत के मुखिया ने पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि यदि विभाग नियमित रूप से लाइन की निगरानी करता तो इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी. मुखिया के बेटे ने सवाल उठाया कि जब लगातार तार काटे जा रहे थे, तब संबंधित कनीय अभियंता और अन्य अधिकारी क्या कर रहे थे. साथ ही ये भी आरोप लगाया कि विभाग ने काफी देर बाद थाने में आवेदन देकर मामले को दबाने की कोशिश की.
"रमपुरवा महानवा पंचायत में करीब 88 पोलों से बिजली के तार काट लिए गए हैं. काफी समय से तार गायब हो रहे थे. हमने कई बार शिकायत की लेकिन विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई. ये सिर्फ गंभीर लापरवाही भर नहीं है. हमें आशंका है कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी की भी इसमें मिलीभगत है."- उपेंद्र कुमार, मुखिया के बेटे

13.2 किमी हाईटेंशन तार की चोरी: इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस लाइन से तार चोरी होने की बात कही जा रही है, वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन है. ऐसे में बिना तकनीकी जानकारी और पर्याप्त तैयारी के इतनी लंबी लाइन से तार काट लेना आसान नहीं माना जाता.
फिलहाल बिजली विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह केवल चोरी का मामला है या फिर इसके पीछे किसी बड़े गिरोह अथवा विभागीय लापरवाही की भूमिका रही है लेकिन इतना जरूर है कि 11 केवी लाइन से 13 किलोमीटर तार गायब होने की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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