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बिहार के DMCH में डॉक्टरों ने निकाला महिला का 10 किलो का ट्यूमर, 4 घंटे तक चला ऑपरेशन

DMCH में महिला की चार घंटे तक चली सर्जरी के बाद 10 किलो का ट्यूमर निकाला गया. ट्यूमर की लैब में जांच होगी.

Tumor Removed at DMCH
DMCH में महिला की सर्जरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : July 4, 2026 at 2:04 PM IST

3 Min Read
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दरभंगा: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. टीम ने एक महिला मरीज के बाएं स्तन से करीब 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर को निकालकर नई मिसाल कायम की है. इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को डॉ. ए.के. झा की यूनिट ने शुक्रवार को पूरा किया.

मरीज को लंबे समय से परेशानी: महिला मरीज लंबे समय से बाएं स्तन में तेजी से बढ़ रही गांठ और उससे होने वाली दर्द व परेशानी से जूझ रही थी. शुरुआत में पेट में दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया गया था, लेकिन जांच के दौरान स्तन संबंधी समस्या सामने आई। परिवार ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू कराया.

सीटी स्कैन से हुआ ट्यूमर का पता: डीएमसीएच में सीटी स्कैन जांच के बाद डॉक्टरों को मरीज के बाएं स्तन में विशाल ट्यूमर होने की पुष्टि हुई. चिकित्सकीय मूल्यांकन और जरूरी जांचों के बाद ऑपरेशन का फैसला लिया गया. मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी विभाग की टीम ने तैयारी शुरू कर दी.

सफल रहा 10 किलो वाले ट्यूमर का ऑपरेशन: ऑपरेशन के दौरान सर्जरी टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए करीब 10 किलोग्राम वजन के फाइलोड्स ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकाल लिया. यह ऑपरेशन काफी जटिल था क्योंकि ट्यूमर का आकार बहुत बड़ा था. टीम ने पूरी सतर्कता से प्रक्रिया को पूरा किया.

इन डॉक्टरों का सराहनीय योगदान: इस सफल सर्जरी का श्रेय डॉ. ए.के. झा के मार्गदर्शन में काम करने वाली टीम को जाता है। टीम में डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. मंजरी सिंह, डॉ. अनीता, डॉ. रवि, डॉ. सानू, डॉ. प्रियंका, डॉ. हर्ष, डॉ. विपिन और डॉ. अनन्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयास से ऑपरेशन सफल हुआ.

“यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण सर्जरी थी. 10 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सुरक्षित निकालना टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.”-डॉ. ए.के. झा

जांच के लिए भेजा गया सैंपल: सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है. वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है और पोस्ट ऑपरेटिव केयर चल रहा है. निकाले गए ट्यूमर के सैंपल को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए लैब भेज दिया गया है ताकि आगे की स्थिति का पता चल सके.

डॉक्टरों की अपील- समय पर जांच कराएं: इलाज में शामिल डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ, दर्द, सूजन या असामान्य बदलाव को कभी नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है. परिजनों ने भी डॉक्टरों की टीम को धन्यवाद दिया है.

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