रांची में राष्ट्रीय पुस्तक मेला के जरिए सजेगी अक्षरों की दुनिया, 26 दिसंबर से जुटेंगे पुस्तक प्रेमी
रांची में 26 दिसंबर से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और सांसद महुआ माजी मिलकर करेंगे.

Published : December 24, 2025 at 8:28 PM IST
रांची: स्थानीय जिला स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले दस दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला में अक्षरों की खूबसूरत दुनिया और उत्सवों की धूम रहेगी. यहां 26 दिसंबर से 4 जनवरी तक एक ही छत के नीचे हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत की नई एवं पुरानी बेइंतहा पुस्तकें पाठकों को आकर्षित करेंगी.
इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन संयुक्त रूप से रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और महुआ माजी करेंगे. समय इंडिया, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस पुस्तक मेले में राजपाल एंड संस, प्रकाशन संस्थान, समय प्रकाशन समूह, योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया, क्राउन पब्लिकेशन, झारखंड झरोखा, श्री कबीर ज्ञान प्रकाशन केंद्र, बोधिकृति प्रकाशन, त्रिदेव बुक्स कलेक्शन, सस्ता साहित्य मण्डल, उपकार प्रकाशन, ए-आलम ओल्ड स्टोरी बुक, दा गिदोंस इंटरनेशनल इन इंडिया, किक्स एजूकेशन गेटवे प्राइवेट लिमिटेड, एस. चांद आदि प्रमुख हैं.
पुस्तक प्रेमियों के लिए किताब घर की पुस्तकें होंगी उपलब्ध
इसके अतिरिक्त वाणी प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, गीता प्रेस, मनोज पब्लिकेशन, किताब घर की पुस्तकें भी पुस्तक प्रेमियों के लिए उपलब्ध रहेंगी. मेले में भारतीय मंडप एक ऐसा अनूठा स्टॉल बनाया जा रहा है, जिस पर अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें पाठकों के आकर्षण का केन्द्र होगी. यहां बेस्ट सेलर सीरिज की पुस्तकें आप खरीद सकेंगे.
AI थीम पर आयोजित होगा पुस्तक मेला
इस पुस्तक मेले की मुख्य थीम होगी: ‘ए–आई के दौर में पुस्तकें’ मौजूदा दौर में ए-आई का प्रयोग जीवन के विभिन्न हिस्सों में चुनौती बनकर सामने खड़ा है. उसके बीच किताबों को अपनी जगह बनाने के लिए अपनी तकनीक और शिल्प में खास परिवर्तन करना पड़ रहा है. इन बदलावों के बावजूद किताबों की जगह जीवन में बनी रहेगी क्योंकि किताबें बेहतर दोस्त है.
मेले को लेकर प्रकाशक एवं पुस्तक विक्रेताओं में उत्साह
समय इंडिया के प्रबंधक न्यासी चंद्रभूषण के अनुसार, इस पुस्तक मेले में भागीदारी को लेकर प्रकाशक एवं पुस्तक विक्रेताओं के बीच खासा उत्साह है और वे अपने साथ ला रहे हैं, नई–पुरानी पुस्तकों की सौगात. पुस्तके बोलेंगी, बातें करेंगी और ऐसी दुनिया में ले जायेंगी जहां आप थोड़ा और संवेदनशील और मानवीय होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्देश्य समाज में पुस्तकों के प्रति पनप रही उदासीनता की भावना को खत्म करना और किताबों के करीब पुस्तक प्रेमियों को लाना है.
चंद्रभूषण ने बताया कि स्कूली एवं महाविद्यालयों के छात्र–छात्राओं को पुस्तक मेला में पुस्तकों के करीब लाने के लिए संस्था की ओर से विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. मेले अवधि के दौरान सोमवार से शुक्रवार तक छात्र–छात्राएं सुबह: 11 से 2 बजे के बीच अपना आई कार्ड दिखाकर फ्री प्रवेश पा सकते हैं. इस बार पुस्तक मेले में झारखंड के 28 क्रांतिकारियों, 24 जिलों, 25 जनजातियों और 8 आदिम जनजातियों और पर्यटन समग्र, इतिहास, परंपरा, कला और संस्कृति पर केंद्रित पुस्तक लोकार्पित होकर पाठकों के लिए उपलब्ध रहेगी.
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