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केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजे गए 10 चीतल, 500 और किए जाएंगे शिफ्ट

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 250-250 चीतल, यानी कुल 500 चीतल भेजे जाएंगे.

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजे गए 10 चीतल
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजे गए 10 चीतल (ETV Bharat Bharatpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 25, 2026 at 1:13 PM IST

2 Min Read
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भरतपुर: विश्वप्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से बुधवार को 10 चीतलों को कोटा स्थित मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना किया गया. घना में बढ़ती चीतल आबादी का दबाव कम करने और टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए मजबूत शिकार आधार तैयार करने के उद्देश्य से यह ट्रांसलोकेशन किया गया. सर्दियों के अनुकूल मौसम में बोमा तकनीक से पकड़े गए इन चीतलों को पूरी चिकित्सकीय निगरानी में सुरक्षित वाहन से भेजा गया. यह अभियान प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.

उद्यान निदेशक चेतन कुमार बी वी ने बताया कि मंगलवार रात बोमा तकनीक के जरिए करीब 10 चीतलों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया. पूरी प्रक्रिया पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न हुई, जिसके बाद उन्हें विशेष रूप से तैयार सुरक्षित वाहन में रखा गया. बुधवार सुबह स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम की देखरेख में सभी चीतलों को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया गया.

बोमा तकनीक से पकड़ गए चीतल
बोमा तकनीक से पकड़ गए चीतल (ETV Bharat File Photo)

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घना से जाएंगे 500 चीतल: निदेशक चेतन कुमार ने बताया कि घना में चीतलों की बढ़ती आबादी के कारण पारिस्थितिक दबाव महसूस किया जा रहा था. ऐसे में आबादी संतुलन बनाए रखने और अन्य टाइगर रिजर्व में शिकार आधार (प्रे-बेस) मजबूत करने के उद्देश्य से यह शिफ्टिंग की जा रही है. योजना के तहत मुकुंदरा टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 250-250 चीतल, यानी कुल 500 चीतल स्थानांतरित किए जाएंगे.

पहले भी हो चुकी है सफल शिफ्टिंग: निदेशक चेतन कुमार बी वी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब केवलादेव से चीतलों को अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया हो. इससे पहले भी कुल 543 चीतल सफलतापूर्वक शिफ्ट किए जा चुके हैं. इनमें मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 400 और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 143 चीतल शिफ्ट किए गए.

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
कुल 500 चीतल घना से शिफ्ट किए जाएंगे (ETV Bharat File Photo)

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निदेशक चेतन कुमार ने बताया कि इस शिफ्टिंग से दोहरा लाभ होगा. एक ओर घना में चीतलों की अत्यधिक संख्या से उत्पन्न दबाव कम होगा, जिससे घासभूमि और अन्य शाकीय वनस्पतियों का पुनर्जीवन संभव होगा. वहीं दूसरी ओर टाइगर रिजर्व में बाघों और अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के लिए पर्याप्त शिकार आधार उपलब्ध होगा, जिससे उनका व्यवहार और प्रजनन चक्र बेहतर होने की उम्मीद है.