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बिहार का 'वैभव', 15 चौके और 15 छक्कों के साथ बनाए 175 रन, पिता ने छोड़ दिया था अपना काम

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 विश्व क्रिकेट कप में अपनी पारी से सबका मन मोह लिया.

Vaibhav
वैभव सूर्यवंशी (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 6, 2026 at 4:30 PM IST

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Updated : February 6, 2026 at 5:27 PM IST

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हरारे : अंडर 19 विश्व कप फाइनल मैच में भारतीय बैट्समैन वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी से तहलका मचा दिया. उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रन बना डाले. वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 55 गेंदों में शतक जड़कर दूसरा सबसे तेज शतक बनाया.

जिस समय उन्होंने शतक लगाया, उनके स्कोर में छह चौके और छह छक्के शामिल थे. वह अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में दूसरे सबसे तेज शतकवीर बन गए. उन्होंने पाकिस्तान के कासिम अकरम का रिकॉर्ड तोड़ दिया. कासिम ने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ 63 गेंदों में शतक पूरा किया था.

ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2026 में जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक बनाया था. इसके अलावा, सूर्यवंशी अंडर-19 विश्व कप इतिहास में शतक बनाने वाले सबसे तेज भारतीय खिलाड़ी बन गए.

वैभव ने राज अंगद बावा का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2022 में युगांडा के खिलाफ 69 गेंदों में शतक बनाया था. 14 वर्षीय बल्लेबाज अंडर-19 विश्व कप फाइनल में शतक बनाने वाले तीसरे भारतीय भी बन गए.

सूर्यवंशी के नाम युवा वनडे और अंडर-19 विश्व कप की एक पारी में सबसे अधिक छक्के (15) लगाने का रिकॉर्ड भी है, जो उन्होंने दिसंबर में आईसीसीए दुबई में यूएई अंडर-19 के खिलाफ बनाए गए अपने ही 14 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

बिहार के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 171 गेंदों में 150 रन बनाकर अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज पारी खेली. उन्होंने इसी मैदान पर स्कॉटलैंड के खिलाफ बेन मेयस (इंग्लैंड) द्वारा लिए गए 98 गेंदों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे (53) के साथ 142 रनों की दूसरी साझेदारी की और वेदांत त्रिवेदी के साथ 89 रनों की साझेदारी स्थापित की. अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में उनकी तूफानी पारी (80 गेंदों में 175 रन) 26वें ओवर में समाप्त हुई.

सूर्यवंशी वर्तमान में अंडर-19 विश्व कप में भारत के शीर्ष स्कोरर हैं, जिन्होंने 44 के औसत और 147.49 के स्ट्राइक रेट से 264 रन बनाए हैं. जनवरी में, उन्होंने बेनोनी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3-0 से शानदार जीत में भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी, और जूनियर राष्ट्रीय टीम के रूप में अपने पहले ही असाइनमेंट में आगे बढ़कर नेतृत्व किया था.

नौंवीं में पढ़ते हैं वैभव

वैभव ने अपनी सफलता के लिए माता-पिता को क्रेडिट दिया है. इससे पहले वह कई मौकों पर इस बात को दोहरा चुके हैं. उन्होंने मीडिया को बताया था कि उनकी मां खुद बहुत कम सोती थीं, लेकिन उसे समय पर जरूर उठा देती थीं. वह वैभव के लिए लंच तैयार करती थीं, प्रैक्टिस न छूटे, इसके लिए बार-बार उसे प्रेरित करती रहती थीं. पिता ने भी अपना काम छोड़ दिया था. घर की जिम्मेदारी बड़े भाई संभालते थे, ताकि परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े. वैभव के पिता ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बेटा पांच साल से ही क्रिकेट खेल रहा है. उसे समस्तीपुर के पटेल मैदान में खेलने के लिए भेजते थे. वैभव बिहार स्थित डॉ मुक्तेश्वर सिन्हा मॉडेस्टी स्कूल में पढ़ते हैं. वह नौंवीं के छात्र हैं.

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Last Updated : February 6, 2026 at 5:27 PM IST