अंतर विवि खेल महोत्सव का विवादित समापन, भेदभाव का आरोप लगा अल्मोड़ा विवि की टीम धरने पर बैठी, मेडल लौटाए
उत्तराखंड अंतर विश्वविद्यालयी खेल महोत्सव का विवाद के साथ समापन, अल्मोड़ा विवि के कोच और खिलाड़ियों ने भेदभाव का आरोप लगाया

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 27, 2026 at 12:02 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 3:30 PM IST
पंतनगर: गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर में 23 फरवरी को उत्तराखंड अंतर विश्वविद्यालयी खेल महोत्सव धूमधाम से शुरू हुआ था. राज्यपाल गुरमीत सिंह ने खेलों का उद्घाटन किया था. लेकिन 26 फरवरी को ये खेल महोत्सव विवादों में घिर गया. दरअसल चांसलर ट्रॉफी विजेता की घोषणा के साथ ही विवाद खड़ा हो गया. श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित चांसलर ट्रॉफी प्रदान की गई. सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों और कोच ने खुद को चैंपियन बताते हुए इसका विरोध किया. पहले खिलाड़ी लंबे समय तक धरने पर बैठे. फिर मेडल लौटाकर चले गए.
अंतर विश्वविद्यालयी खेल महोत्सव का विवाद के साथ समापन: एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कोच लियाकत अली खान का आरोप है कि उनकी टीम ने प्रतियोगिता में सर्वाधिक 110 अंक अर्जित किए. उनके खिलाड़ियों ने 14 स्वर्ण पदकों सहित कुल 29 पदक जीते. उनके अनुसार, जिन खिलाड़ियों ने कम पदक हासिल किए, उन्हें चैंपियन घोषित कर ट्रॉफी सौंप दी गई. कोच का कहना है कि यह सीधा-सीधा भेदभाव है और परिणाम घोषित करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई.
अल्मोड़ा विवि के खिलाड़ियों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप: विवाद उस समय और बढ़ गया जब विरोध जता रहे खिलाड़ियों के बीच ही आयोजकों ने जल्दबाजी में समापन समारोह समाप्त कर दिया. इससे आक्रोशित खिलाड़ियों ने अपने-अपने पदक मंच पर ही लौटाने शुरू कर दिए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए. खिलाड़ियों का कहना था कि जब तक परिणामों की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और अंक तालिका सार्वजनिक नहीं की जाएगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे. हालांकि आज शुक्रवार सुबह 10 बजे खिलाड़ियों ने खुद ही धरना समाप्त कर दिया.
धरने पर बैठे अल्मोड़ा विवि के खिलाड़ी और कोच: धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता के दौरान अंक गणना और परिणामों की घोषणा में पारदर्शिता का अभाव रहा. उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करेंगे. देर रात तक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

विवि प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन: फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है, लेकिन खिलाड़ियों का आक्रोश इससे शांत नहीं हुआ है. खेल महोत्सव, जो प्रतिभा और खेल भावना के उत्सव के रूप में आयोजित किया गया था, वह अंततः विवाद और विरोध के साथ समाप्त हुआ.
4 दिन चला अंतर विश्वविद्यालयी खेल महोत्सव: गौरतलब है कि ऊधम सिंह नगर के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय उत्तराखंड अंतर विश्वविद्यालयी खेल महोत्सव विवादों के साये में संपन्न हो गया. प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों की भागीदारी वाले इस महोत्सव में कुल 722 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इनमें 412 पुरुष और 310 महिला प्रतिभागी शामिल रहे.

23 फरवरी को राज्यपाल ने किया था खेल महोत्सव का उद्घाटन: खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, दौड़, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया. महोत्सव का उद्घाटन 23 फरवरी को राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने किया था. समापन समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान ने की.
श्रीदेव सुमन विवि को मिली चांसलर ट्रॉफी: चार दिन तक चले मुकाबलों के बाद समापन अवसर पर जब चांसलर ट्रॉफी देने की घोषणा हुई, तभी विवाद शुरू हो गया. घोषणा के अनुसार श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित चांसलर ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि कुमाऊं विश्वविद्यालय को रनर-अप घोषित किया गया. इस फैसले का सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों और कोच ने कड़ा विरोध किया.

क्या होता है नियम? किसी भी खेल प्रतियोगिता का ये नियम है कि जो टीम सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल जीतती है, उसे चैंपियन घोषित किया जाता है. राष्ट्रीय खेल, एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में भी ये नियम लागू हैं. दूसरी टीम चाहे मेडल टैली में ज्यादा मेडल जीत ले, लेकिन उसके गोल्ड मेडल कम हैं तो उसे विजेता घोषित नहीं किया जाता है. ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम ही ओवरऑल चैंपियन होती है.
ये भी पढ़ें: पंतनगर में उत्तराखंड राज्य विवि खेल महोत्सव का शुभारम्भ, राज्यपाल ने दिया 'विकसित भारत 2047' का संदेश

