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रणजी ट्रॉफी फाइनल: BCCI और ICC चेयरमैन ने जम्मू कश्मीर को ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई

जम्मू कश्मीर ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया.

जम्मू कश्मीर ने 67 साल बाद रणजी ट्रॉफी टाइटल जीतकर इतिहास रच दिया
जम्मू कश्मीर ने 67 साल बाद रणजी ट्रॉफी टाइटल जीतकर इतिहास रच दिया (PTI)
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By ETV Bharat Sports Team

Published : February 28, 2026 at 4:37 PM IST

4 Min Read
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हुबली (कर्नाटक): रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन का फाइनल मैच जम्मू कश्मीर और कर्नाटक के बीच हुबली में खेला गया. मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ लेकिन पहली पारी में लीड लेने की वजह से जम्मू कश्मीर को विनर घोषित किया गया. इसके साथ जम्मू कश्मीर ने भारतीय घरेलू क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया और अपने पहले फाइनल में शानदार परफॉर्मेंस के साथ रणजी ट्रॉफी की जीत के 67 साल के इंतजार को खत्म कर दिया.

आठ बार के चैंपियन कर्नाटक से मुकाबला करने की मुश्किल चुनौती का सामना करते हुए, जम्मू कश्मीर ने शुरू से आखिर तक मैच पर हावी रहने के लिए बैट और गेंद से कमाल का प्रदर्शन किया. उनके टॉप के सात बैट्समैन में से छह ने हाफ-सेंचुरी लगाकर एक मजबूत नींव रखी, जिसमें शुभम पुंडीर का एक अहम शतक भी शामिल था.

गेंदबाजों ने भी उतने ही जोर से कोशिश को पूरा किया, जिसकी अगुवाई आकिब नबी डार ने की, जिनके इस सीजन के सातवें फाइव-विकेट हॉल ने कर्नाटक की बल्लेबाजों को ज्यादा देर तक क्रीज पर टिकने नहीं दिया. अकिब नें फाइनल में भी पांच विकेट लिए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 60 विकेट लेने वाली गेंदबाज भी रहे.

जय शाह ने दी बधाई
जम्मू कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत पर हर कोई उनको बधाई दे रहा है. ICC चेयरमैन जय शाह ने भी जम्मू-कश्मीर को उनकी पहली ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत के लिए बधाई दी.
जय शाह ने एक्स पर लिखा, 'हिम्मत और लगन की एक शानदार कहानी लिखने के लिए भारत में जम्मू-कश्मीर टीम को बधाई. हालांकि खिलाड़ी इस तारीफ के पूरी तरह हकदार हैं, लेकिन जम्मू कश्मीर के कोचिंग स्टाफ, मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेटर्स के योगदान को भी याद रखना चाहिए, जिन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को बनाने के लिए पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत की है.'

इस जीत के बाद जय शाह ने भरोसा जताया कि यह जीत इस इलाके के उभरते हुए क्रिकेटरों के लिए एक बूस्टर का काम करेगी. उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि यह जीत इस इलाके की आज की पीढ़ी के दिलों में भरोसा जाएगी और अगली पीढ़ी को बल्ला या गेंद उठाने के लिए प्रेरित करेगी.' उन्होंने आगे लिखा, 'हमारा खेल दुनिया भर से प्रेरणा देने वाली ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है और मुझे उम्मीद है कि इसे भी उतनी ही तारीफ मिलेगी.'

BCCI ने दी बधाई
BCCI के प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने इस ऐतिहासिक जीत का क्रेडिट इलाके के लोगों को दिया और टीम की तरक्की के लिए चल रहे इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट और स्ट्रक्चरल सुधारों को दिया. मन्हास ने टीम के बदलाव पर बात की, और इसकी कामयाबी का क्रेडिट शुरुआती कोशिशों को दिया, खासकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की लीडरशिप पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक शानदार सफर रहा है. यह जून 2021 में शुरू हुआ था. और मैं उस समय BCCI को खास तौर पर धन्यवाद देना चाहता हूं, उन्होंने हमें जो सपोर्ट दिया, खासकर जय भाई (BCCI के पूर्व सेक्रेटरी, अभी ICC के चेयरमैन). और वह उस समय पहले सेक्रेटरी थे जो 67 साल बाद जम्मू आए हमारी हालत देखी और फिर हम सभी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.'

बीसीसीआई के अध्यक्ष ने टीम के कप्तान पारस डोगरा और अनुभवी कोच अजय शर्मा की खास तारीफ की, जिनके अनुभव और लीडरशिप ने, उन्होंने कहा, एक टैलेंटेड लेकिन बढ़ती हुई टीम में स्थिरता और विश्वास लाया. जम्मू कश्मीर की जीत जम्मू कश्मीर क्षेत्र में क्रिकेट के लिए एक अहम पल है, जो एक ऐसी टीम के लगातार आगे बढ़ने का प्रतीक है जिसने अनुभवी लीडरशिप और उभरते हुए टैलेंट को मिलाकर भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे यादगार टाइटल जीत में से एक लिखी.

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