ETV Bharat / sports

बिहार के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, भागलपुर में खुलेगा पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की पुलेला गोपीचंद से मुलाकात के बाद भागलपुर में पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी की शाखा खुलने जा रही है.

Gopichand Badminton Academy
बिहार में बैडमिंटन अकादमी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 21, 2025 at 6:16 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना: बिहार के खेल जगत में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने जा रहा है. राज्य की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की विश्व प्रसिद्ध कोच पुलेला गोपीचंद से हुई सार्थक बातचीत के बाद अब भागलपुर में प्रतिष्ठित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी (पीजीबीए) की एक शाखा खुलने जा रही है. यह निर्णय बिहार में बैडमिंटन को एक नई पहचान और गति देने वाला साबित होगा. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी है.

श्रेयसी सिंह ने पुलेला गोपीचंद से की मुलाकात: खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने गुरुवार 20 दिसंबर को हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी का दौरा किया और अर्जुन एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच पुलेला गोपीचंद के साथ लंबी चर्चा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक-सीईओ रवीन्द्रण शंकरण और उप निदेशक हिमांशु सिंह सहित अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहे.

Gopichand Badminton Academy
श्रेयसी सिंह की पुलेला गोपीचंद से मुलाकात (ETV Bharat)

बिहार के खिलाड़ियों से भी की मुलाकात: इस दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह ने अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे बिहार के होनहार खिलाड़ियों से भी मुलाकात की. उन्होंने खिलाड़ियों के हॉस्टल में जाकर उनके साथ भोजन किया और उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया को करीब से समझा. खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि ये युवा बिहार के खेल भविष्य हैं और राज्य सरकार उनकी सफलता के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.

Gopichand Badminton Academy
बिहार में बैडमिंटन को एक नई पहचान (ETV Bharat)

खेल मंत्री ने रखा प्रस्ताव: रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि पुलेला गोपीचंद से मुलाकात के दौरान चर्चा का मुख्य एजेंडा बिहार में बैडमिंटन के स्तरीय विकास के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की अकादमी की स्थापना करना था. खेल मंत्री ने कोच गोपीचंद के समक्ष भागलपुर में उनकी अकादमी की एक शाखा खोलने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस परियोजना के लिए बिहार सरकार, राज्य के खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे. प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलेला गोपीचंद ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया और आने वाले समय में भागलपुर में अपने मार्गदर्शन में एक अकादमी शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.

Gopichand Badminton Academy
बैडमिंटन अकादमी (ETV Bharat)

अकादमी परिसर का किया निरीक्षण: अपने दौरे के दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह ने हैदराबाद स्थित अकादमी परिसर का विस्तृत निरीक्षण भी किया. उन्होंने कोर्ट, जिम, खेल विज्ञान केंद्र, स्पाइनल इंजरी सेंटर, पुनर्वास केंद्र और फिनलैंड से आयातित अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों का अवलोकन किया. उनका उद्देश्य बिहार में भी ठीक इसी प्रकार की अवसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना है. मंत्री श्रेयसी सिंह के अनुसार भागलपुर में पुलेला गोपीचंद अकादमी खोलने का फैसला बिहार के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में जाना जाएगा.

Gopichand Badminton Academy
बैडमिंटन अकादमी की शाखा खुलने जा रही (ETV Bharat)

इस अकादमी से निकले हैं बड़े खिलाड़ी: इस ऐतिहासिक समझौते पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि 2004 में स्थापित पुलेला गोपीचंद अकादमी विश्व स्तर का प्रशिक्षण केंद्र है जिसने साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, किदांबी श्रीकांत, एच.एस. प्रणय और पारुपल्ली कश्यप जैसे दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं.

Gopichand Badminton Academy
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह (ETV Bharat)

इस अकादमी से बिहार में बदलाव: बिहार में इस अकादमी की शाखा स्थापित होने से न सिर्फ बैडमिंटन को बल मिलेगा, बल्कि यह एक संकेत भी है कि अब बड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएं बिहार में निवेश के लिए आगे आएंगी. रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि इसके आने वाले समय में बिहार के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. उन्हें अपने ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कोचिंग, उन्नत उपकरण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति उपलब्ध हो सकेगी.

"भागलपुर में पीजीबीए अकादमी की स्थापना का प्रस्तावित स्थल पूर्वी बिहार का एक प्रमुख केंद्र है, जो आसपास के कई जिलों की खेल प्रतिभा को आकर्षित कर सकता है. इससे न केवल बैडमिंटन, बल्कि राज्य के समग्र खेल माहौल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. यह पहल बिहार सरकार की राज्य में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की मंशा को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी."-रवीन्द्रण शंकरण, महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण

ये भी पढ़ें-

'ये लड़कियों का खेल नहीं..' सामाजिक तानों से नहीं रुके पटना की अंशु के कदम, बदले में गोल्ड जीत कर लौटी