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हरियाणा का कबड्डी हब बना कैथल का पाई गांव, घर-घर तैयार हो रहे खिलाड़ी, 250 से ज्यादा प्लेयर्स को मिल चुकी सरकारी नौकरी

कैथल का पाई गांव कबड्डी हब बन चुका है. यहां पर 250 से ज्यादा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है. मुनीष टूरन की रिपोर्ट.

Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
हरियाणा का कबड्डी हब बना कैथल का पाई गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 27, 2026 at 6:45 PM IST

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Updated : August 27, 2026 at 7:34 PM IST

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कैथल : हरियाणा के कैथल जिले में बसा पाई गांव आज पूरे देश में खेल क्रांति की एक अद्भुत मिसाल बन चुका है. लगभग 40,000 की आबादी और 5 हजार से 6 हजार घरों वाला ये गांव आज देश का एक प्रमुख कबड्डी हब बन गया है. पाई गांव में कबड्डी सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि ये यहां की संस्कृति, परंपरा और युवाओं के सपनों का आधार है. गांव के लगभग हर तीसरे-चौथे घर में एक कबड्डी खिलाड़ी तैयार हो रहा है, जिसने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है.

1980 में हुई थी शुरुआत : कबड्डी कोच शेरी ​का कहना है पाई गांव में कबड्डी के इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत वर्ष 1980 में हुई थी. शुरुआती दौर में कोच राजवीर और कोच पाला राम ने गांव के युवाओं को तराशने का बीड़ा उठाया और मिट्टी के अखाड़ों में ट्रेनिंग देना शुरू किया. उनकी लगन का ही नतीजा है कि आज यह गांव देश-विदेश में कबड्डी के लिए पहचाना जाता है. वर्तमान में पाई गांव में कबड्डी की 4 बड़ी नर्सरियां और अकादमियां चल रही हैं, जिनमें 2 लड़कों के लिए और 2 लड़कियों के लिए समर्पित हैं. इन अकादमियों में हर रोज सुबह 2 घंटे और शाम को 3 घंटे का कड़ा अभ्यास होता है, जहां 800 से लेकर 1000 लड़के और लड़कियां अपनी कला और फिटनेस को निखारते हैं.

हरियाणा का कबड्डी हब बना कैथल का पाई गांव (ETV Bharat)

प्रो कबड्डी में दबदबा : ​पाई गांव का नाम रोशन करने में यहां के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का बहुत बड़ा योगदान है. गांव के खिलाड़ी भीम सिंह को खेल के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए हरियाणा के सर्वोच्च खेल पुरस्कार भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. ​इसके अलावा गांव से 15 से 20 खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि सैकड़ों खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं. प्रो कबड्डी लीग के पहले ही सीजन से पाई गांव का दबदबा रहा है. पहले सीजन में गांव के 2 खिलाड़ी चुने गए थे, लेकिन अब हर सीजन में 5 से 10 खिलाड़ी PKL में अपनी जगह बनाते हैं. संदीप ढुल, संजय और प्रदीप जैसे बड़े नाम इसी गांव की माटी से निकलकर प्रो कबड्डी के बड़े स्टार बने हैं.

Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
कैथल का पाई गांव (ETV Bharat)

बेटियों की हुंकार : ​पाई गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां लड़कों और लड़कियों दोनों को खेल में समान अवसर और प्रोत्साहन दिया जाता है. गांव की लगभग 50 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं, जिनमें से ज्यादातर ने गोल्ड मेडल या पोजीशन्स हासिल की हैं. ​अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी पूजा नरवाल ने अपने खेल से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. वहीं युवा खिलाड़ियों में रितु (जिन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी मुकाबले में तीसरा स्थान हासिल किया) का चयन खेल कोटे से पटना रेलवे में टीटी के पद पर हुआ है. किरण जिन्होंने 6 साल की कड़ी मेहनत के दम पर ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी मुकाबले में मेडल जीता, उनका चयन SSB में हुआ है. वहीं मुस्कान रोजाना 5 घंटे पसीना बहाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए मेडल जीतने का सपना साकार करने में जुटी हैं. खिलाड़ियों का कहना है कि अब तक गांव की 15 से अधिक बेटियां स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर चुकी हैं.

Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
हरियाणा का कबड्डी हब (ETV Bharat)

स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी : ​कबड्डी केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने गांव के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है. पाई गांव के लगभग 250 से 300 खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे के तहत सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं. राज्य या केंद्र सरकार का शायद ही ऐसा कोई विभाग बचा हो, जहां पाई गांव का खिलाड़ी खेल कोटे के जरिए नौकरी ना कर रहा हो. कोच गोपाल ढुल जैसे प्रशिक्षकों का मानना है कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की सफलता से नई पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा मिल रही है. ये गांव साबित करता है कि अगर सही मार्गदर्शन, अनुशासन और लगन हो, तो गांव की माटी से निकलकर भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर परचम लहराया जा सकता है.

Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
मिट्टी के पसीने से लिखे सफलता के कीर्तिमान (ETV Bharat)

सफलता कदम चूमती है : पाई गांव की ये गाथा सिर्फ कबड्डी की कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात की जिंदा मिसाल है कि जब अनुशासन, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन एक साथ मिलते हैं, तो मिट्टी से निकला हर सपना हकीकत बन सकता है. ​सुबह-शाम मैदान में बहाया गया पसीना कभी बेकार नहीं जाता. पाई गांव के युवाओं ने ये साबित कर दिया है कि आपकी परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर आपके इरादों में दम है तो सफलता आपके कदम चूमती है.

Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
खेल क्रांति की एक अद्भुत मिसाल (ETV Bharat)
Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
हर तीसरे-चौथे घर में एक कबड्डी खिलाड़ी (ETV Bharat)
Pai village in Kaithal has become a kabaddi hub over 250 players have secured government jobs
15 से 20 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके (ETV Bharat)

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Last Updated : August 27, 2026 at 7:34 PM IST