IPL 2026 में नया रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार हैं आकाशदीप, जानिए साधारण गांव से आने वाले आकाशदीप की कहानी
गांव में खेलने के लिए मैदान नहीं थे. लोग ताना देते थे, इसलिए घर छोड़ना पड़ा था. पश्चिम बंगाल जाकर सफल क्रिकेटर बनें.

Published : January 1, 2026 at 7:12 AM IST
पटना: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप नया साल 2026 में नया रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार हैं. 16 दिसंबर अबू धाबी में आयोजित ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के लिए अपनी टीम में शामिल कर लिया. आकाशदीप का बेस प्राइज 1 करोड़ रहा.
ऐसा लगा था नहीं खेल पाएंगे: ऐसा लगा था कि आकाशदीप इसबार आईपीएल नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि ऑक्शन में वे अनसोल़्ड रह गए थे, लेकिन एक्सिलरेटेड राउंड में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहल की और आकाशदीप को अपनी टीम में आने का मौका दिया. पिछले साल लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 करोड़ के बेस प्राइज पर खरीदा था.

जीवन में संघर्ष ही संघर्ष: आईपीएल के इस ऑक्शन से सीख मिलती है कि लाइफ में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन सफलता छोटी या बड़ी नहीं होती. संघर्ष का फल जरूर मिलता है. संघर्ष की बात करें तो आकाशदीप बचपन से लेकर क्रिकेटर बनने तक सिर्फ संघर्ष ही संघर्ष किए.
बचपन से क्रिकेटर बनने का था सपना: 15 दिसंबर 1996 को रोहतास के डेहरी में जन्मे आकाशदीप के बारे में कोई नहीं जानता था कि एक दिन बड़ा क्रिकेटर बन जाएगा. आकाशदीप का बचपन से ही क्रिकेटर बनने का सपना था तो गांव में बल्ला और गेंद लेकर घूमते रहते थे. ईटीवी भारत से एक बातचीत में आकाशदीप की मां लड्डूमा देवी ने कहा था कि 'गांव में कोई खेल मैदान नहीं था. खेत में जाकर आकाशदीप खेला करता था. कहता था कि एक दिन बड़ा क्रिकेटर बनूंगा.'

लोगों का सुनना पड़ता था ताना: ईटीवी भारत से बातचीत में आकाशदीप के बचपन के दोस्त विपिन ने कहा था कि 'आकाशदीप गांव में खेलते थे, जो लोगों को पसंद नहीं था. उनके साथ और भी लड़के होते थे, जिनके परिवार के गुस्सा करते थे. लोगों को लगता था कि पढ़ाई लिखाई छोड़कर इधर, ऊधर घूमते रहता है. इसलिए गांव के लोग अपने बच्चे को समझाते थे कि आकाश के साथ नहीं रहो बर्बाद हो जाओगे.'
ट्रेनिंग के दौरान पिता का निधन: आकाशदीप 2010 में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर चले गए और अपने चाचा की मदद से एक लोकल क्रिकेट एकेडमी जॉइन की. अपने खेल के कारण जल्द ही मशहूर होने लगे, लेकिन आकाश को दुखद घटना का सामना करना पड़ा, जब दो महीने के अंदर उनके पिता रामजी सिंह का निधन हो गया. इस कारण आकाशदीप तीन साल तक खेल से दूर रहे, लेकिन कभी हार नही मानी.

फिर से खड़ा हुए आकाशदीप: दरअसल, आकाश के पिता चाहते थे कि उनका बेटा पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी करे, लेकिन पिता के मरने के बाद उनका सपना भी मर गया. फिर से आकाशदीप क्रिकेट की ओर मुड़ गए. एक बार फिर बंगाल चले गए और ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी. CAB की सेकंड डिवीज़न लीग में यूनाइटेड क्लब के साथ पहली बार खेले.
प्रोफेसनल क्रिकेटर की शुरुआत: 9 मार्च 2019 को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल टीम से T20 डेब्यू के रूप में हुई. इसके बाद 24 सितंबर 2019 को विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट A डेब्यू किया. 25 दिसंबर 2019 बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में फर्स्ट-क्लास डेब्यू, 30 अगस्त 2021 UAE इंडियन प्रीमियर लीग, 2022 एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में जगह बनायी. 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज और 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी टीम चयनित हुए.

2019 में पहली बार डेब्यू: आकाशदीप गेंदबाजी के रूप में पहचाने जाने लगे. साल 2019 में बंगाल अंडर-23 टीम में शामिल हुए. इसी साल तीनों फॉर्मेट में सीनियर डेब्यू करने का मौका मिला. दूसरे फर्स्ट-क्लास में आकाश ने गुजरात के खिलाफ 6 विकेट अपने नाम किए. इस तरह बंगाल की टीम को रणजी फाइनल तक पहुंचाए. इस पूरे मैच में आकाशदीप ने 35 विकेट अपने नाम किए.
2021 में पहला आईपीएल: आकाशदीप ने अपना पहला आईपीएल 2021 में आरसीबी के साथ खेले. 2023 आकाशदीप के लिए बेहतर साबित हुआ. बंगाल टीम से हरियाणा के खिलाफ रंणजी में 10 विकेट अपने नाम किए. मध्य प्रदेश के खिलाफ 5 विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किए.

2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स: 2024 की शुरुआत में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ इंडिया A के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे और रांची में इंग्लैंड के खिलाफ़ एक ज़बरदस्त ओपनिंग स्पेल के साथ यादगार टेस्ट डेब्यू किया. 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेले थे. इस साल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेलेंगे. अपने इस चयन से आकाशदीप काफी खुश हैं.
"काफी खुशी हो रही है कि इसबार अपने होम ग्राउंड पर खेलने का मौका मिलेगा. इसबार का सीरिज अच्छा रहेगा. टीम को जीत दिलाने के लिए जो करना होगा, हमलोग करेंगे." -आकाशदीप, भारतीय क्रिकेटर
बहन को कैंसर: सिर्फ पिता का निधन आकाश दीप के लिए बड़ा झटका नहीं था. आकाशदीप ने ईटीवी भारत से दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि जब इग्लैंड में टेस्ट मैच को लेकर यहां तैयारी चल रही थी. उसी बीच बहन अखंड ज्योति सिंह कोलन कैंसर होने का पता चला था. जब इसके बारे में पता चला था तो एक महीने तक डिस्टर्ब रहे थे.
सदमे में चले गए थे आकाश: आकाश ने बताया था कि उस वक्त क्रिकेट खेलना और खेल के नियम का पालन करना मेरे से नहीं हो पा रहा था. ऐसा लग रहा था कि दुनिया खत्म हो गयी. कुछ अच्छा भी करेंगे तो उसे सेलिब्रेट करने वाला कोई नहीं है, क्योंकि बहन कैंसर से जूझ रही थी.
बहन के लिए खेला: आकाशदीप ने कहा था कि काफी समय बाद मुझे अहसास हुआ कि बहन को खुश रखना जरूरी है. इसके लिए क्रिकेट खेलते रहना है. आकाशदीप जब इंग्लैंड गए तो खूब पसीन बहाए और 6 जुलाई 2025 को इग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच 10 विकेट अपने नाम किए. आकाशदीप ने कहा था कि 'यह ट्रॉफी बहन को समर्पित है.'
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