ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और कोच जेलेजनी हुए अलग, दोनों ने बयान जारी कर दी जानकारी
Neeraj Chopra Jan Zelezny: नीरज चोपड़ा के सात जान जेलेजनी ने अपनी कोचिंग पार्टनरशिप खत्म कर दी है.

Published : January 10, 2026 at 8:15 PM IST
हैदराबाद: भारत के गोल्ड ब्वॉय नीरज चोपड़ा और भाला फेंक के दिग्गज जान जेलेजनी ने आपसी सहमति से अपनी कोचिंग पार्टनरशिप खत्म कर दी है. इस बारे में नीरज चोपड़ा की मैनेजमेंट टीम ने जॉइंट स्टेटमेंट भी जारी किया है. जिसमें नीरज ने बताया कि बचपन से जिस एथलीट के वो फैन थे, उससे कोचिंग मिलना कितना खास था. जेलेजनी के साथ ट्रेनिंग से उन्हें एक्सरसाइज, टेक्निकल आइडिया और नए नजरिए का एक नया टूलबॉक्स मिला, जिससे उन्हें अपने अप्रोच को बेहतर बनाने में मदद मिली.
नीरज चोपड़ा ने कहा?
शनिवार को जारी अपने ज्वाइंट बयान में चोपड़ा ने कहा, 'जान के साथ काम करने से मुझे कई नए आइडिया मिले. जिस तरह से वह टेक्निक, रिदम और मूवमेंट के बारे में सोचते हैं, वह अविश्वसनीय है, और मैंने हमारे हर सेशन से बहुत कुछ सीखा.'
बयान में उन्होंने आगे कहा, 'जिस बात पर मुझे सबसे ज गर्व है, वह है उस इंसान के साथ बनी दोस्ती जो पूरी जिंदगी मेरा आइडल रहा है. जान न सिर्फ अब तक के सबसे अच्छे जैवलिन थ्रोअर हैं, बल्कि उन सबसे अच्छे इंसानों में से एक भी हैं जिनसे मैं कभी मिला हूं.'
Neeraj Chopra splits with his coach Jan Zelenzy. pic.twitter.com/wwQcinS8Dh
— Abhijit Deshmukh (@iabhijitdesh) January 10, 2026
'नीरज में बहुत ज्यादा पोटेंशियल है'
नीरज के कोच जेलेजनी ने कहा, 'नीरज जैसे एथलीट के साथ काम करना एक शानदार अनुभव था. मुझे खुशी है कि हम मिले और साथ काम कर पाए, और मैंने उन्हें पहली बार 90-मीटर का बैरियर तोड़ने में मदद की. वर्ल्ड चैंपियनशिप को छोड़कर, वह ज्यादा से ज्यादा दूसरे नंबर पर रहे, और यह कोई बुरा रिकॉर्ड नहीं है.'
उन्होंने आगे कहा, 'आने वाले सालों के लिए उनमें बहुत ज्यादा पोटेंशियल है. हमारा रिश्ता बहुत पॉजिटिव है, इंसानी तौर पर भी, और हम संपर्क में रहेंगे, हम निश्चित रूप से किसी ट्रेनिंग कैंप में या, उदाहरण के लिए, यूरोप या भारत में अपने परिवारों के साथ छुट्टियों में मिलेंगे.'
जेलेजनी की कोचिंग में नीरज की उपलब्धियां
जेलेजनी की कोचिंग में नीरज ने की बड़ी उपलब्धियां हासिल की और अपने देश का नाम रोशन किया. नीरज ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और 2024 में पेरिस में सिल्वर मेडल जीता. इसके अलावा नीरज चोपड़ा ने अपने करियर में पहली बार 90 मीटर का निशान भी पार किया, और भाला फेंक में खेल की सबसे प्रतिष्ठित बाधाओं में से एक को तोड़ा. इस प्रदर्शन ने उन्हें तुरंत खेल के एलीट खिलाड़ियों में शामिल कर दिया, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ.

