ETV Bharat / sports

खेल मंत्रालय ने 2024 के लिए तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कारों की घोषणा की

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. ये अवॉर्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रदान करेंगी.

Announcement of Tenzing Norgay National Adventure Awards
तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कारों की घोषणा (प्रतीकात्मक फोटो-@airnewsalerts)
author img

By PTI

Published : September 2, 2026 at 6:36 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली : खेल मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि पर्वतारोही बलजीत कौर को 2024 के तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार के लिए चुना गया है जो एक ही सत्र में 8,000 मीटर से ऊंचे पांच पर्वत चढ़ने वाली पहली भारतीय हैं.

ये पुरस्कार साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में व्यक्तियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं. इनका उद्देश्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम, जोखिम उठाने की क्षमता, टीमवर्क और तुरंत एवं प्रभावी निर्णय लेने की भावना को बढ़ावा देना है.

बलजीत ने यह उपलब्धि 2022 में हासिल की थी. इसके एक साल बाद 30 साल की इस पर्वतारोही ने दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी अन्नपूर्णा पर्वत पर चढ़ाई कर फिर सुर्खियां बटोरी थीं. चोटी पर पहुंचने के बाद वह लापता हो गई थीं और 19 घंटे बाद उन्हें बचाया गया था.

हिमाचल प्रदेश की पर्वतारोही बलजीत को भूमि पर साहसिक गतिविधि श्रेणी में स्कालजांग रिगजिन के साथ चुना गया है. रिगजिन बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन और शेरपा की सहायता के एवरेस्ट पर्वत पर चढ़ने वाले पहले भारतीय हैं.

चौवालिस वर्षीय रिगजिन के अभियान रिकॉर्ड में ‘माउंट ल्होत्से’ (8,516 मीटर) और ‘माउंट अन्नपूर्णा’ (8,091 मीटर) की चढ़ाई भी शामिल है.

पैरा तैराक रिमो साहा (36 साल) इस सूची में जल में साहसिक गतिविधि के एकमात्र विजेता हैं. उनका दाहिना पैर घुटने के नीचे से दिव्यांग है. उन्होंने 2004 में करियर शुरू करने के बाद से राष्ट्रीय पैरा तैराकी चैंपियनशिप में 48 स्वर्ण, 37 रजत और 17 कांस्य पदक जीते हैं. इसके अलावा उन्होंने ‘ओपन वॉटर’ प्रतियोगिताओं में 16 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं.

उत्तराखंड शीतकालीन संघ के पूर्व प्रमुख और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पूर्व डीआईजी शिव प्रसाद चमोली को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार के लिए चुना गया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी. पुरस्कार समारोह की तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रतिमा, प्रमाणपत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी.

ये भी पढ़ें- गिल और बुमराह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नीचे खिसके, पडिक्कल आगे बढ़े