कोटा की दिव्यांशी चौधरी का वुशु एशियन गेम्स में हुआ चयन, भारतीय टीम में शामिल होने के लिए 14 किलो कम किया वजन
वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी चीन के हुबेई में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही भारतीय टीम का हिस्सा बन गई है.

Published : June 23, 2026 at 7:11 PM IST
|Updated : June 23, 2026 at 7:25 PM IST
कोटा: राजस्थान के कोटा के रहने वाली वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होगी. उनका चयन भारतीय टीम में हुआ है और वह चीन के हुबेई में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही भारतीय टीम का हिस्सा बन गई है. यह राजस्थान के वुशु खेल इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी का चयन एशियन गेम्स के लिए हुआ है.
दिव्यांशी के पिता आर्मी से सेवानिवृत सुनील कुमार सुंडा हैं. वह कोटा ही रहते हैं, जबकि उनके मां शशि प्रभा कोटा शहर पुलिस में तैनात है. उसके पिता जब रिटायर होकर आए थे, तभी उन्होंने दोनों भाई बहनों ने सपना लिया था कि वह इंटरनेशनल गेम्स में भारत के टीम में शामिल होंगे. इसी लक्ष्य को लेकर रोज फील्ड में घंटे पसीना बहा रहे थे.
वह परिवार के साथ कोटा पुलिस लाइन में ही रहते हैं. कोटा महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के कोच व वुशु एसोसिएशन के महासचिव अशोक गौतम ने कहा कि वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी का चयन चीन के हुबेई प्रांत में 23 से 30 जून तक आयोजित होने वाली है. इसको शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) वुशु चैंपियनशिप के लिए भी हुआ है. भारतीय टीम के सभी चयनित खिलाड़ियों का तकनीकी सुधार और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर 1 से 31 जुलाई तक चीन में आयोजित किया जाएगा. इससे पहले दिव्यांशी 10 अप्रैल से 10 मई तक गांधीनगर (गुजरात) तथा 23 मई से 22 जून तक श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भी भाग ले चुकी हैं.
नेशनल लेवल पर है 11 गोल्ड मेडल : दिव्यांशी राष्ट्रीय स्तर पर 11 स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुकी है. राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए 12 बार स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं. इनमें चार बार सब-जूनियर, तीन बार जूनियर, दो बार स्कूल गेम्स, दो बार खेलो इंडिया और एक बार फेडरेशन कप में गोल्ड लेकर आई है. इसके साथ ही बीते साल 2025 में सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2024 में जूनियर विश्व वुशु चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. दिव्यांशी का छोटा भाई कुणाल चौधरी भी वुशु का प्लेयर है. वह जूनियर नेशनल में सिल्वर मेडल जीत चुका है.
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14 किलो वजन किया कम : राजस्थान वुशु संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया, कोटा वुशु संघ के अध्यक्ष शिव भगवान गोदारा व वुशु फेडरेशन ऑफ इंडिया के सीईओ सोहेल अहमद के सहयोग व हौसला अफजाई से दिव्यांशी को तीसरी ट्रायल में अवसर मिला. जिसका उन्होंने पूरा लाभ उठाया. दिव्यांशी का कहना है कि दिव्यांशी का वजन 74 किलोग्राम था, लेकिन एशियन गेम्स में 52 से 60 किलोग्राम के ही टीम को जाना था. इसी कारण वह पहली ट्रायल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं. बाद में कड़ी मेहनत और वजन नियंत्रण के बाद उन्होंने स्वयं को साबित किया.

एशियन गेम्स के लिए पहले ही हो चुकी है चयनित : एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 22 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में होगा. इसके लिए वुशु फेडरेशन ऑफ इंडिया ने एशियन गेम्स के लिए आयोजित ओपन ट्रायल के माध्यम से आठ खिलाड़ियों का चयन किया गया था. इसके बाद बीते साल हर दो माह के अंतराल पर पांच ट्रायल आयोजित किए गए.
अंतिम ट्रायल 5 से 8 जून तक श्रीनगर में आयोजित हुई, जिसमें दिव्यांशी ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया. दिव्यांशी ने पहले मुकाबले में मणिपुर की भूमिका देवी को पराजित किया. दूसरे मुकाबले में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित दो बार नेशनल गेम्स व अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता डीवाईएसपी रोशीबीना देवी (मणिपुर) को हराकर बड़ा उलटफेर किया. रोशीबीना का पिछले दस साल से इस भार वर्ग पर दबदबा रहा था. फाइनल मुकाबले में दिव्यांशी ने चंडीगढ़ की हिमांशी को हराकर एशियन गेम्स का टिकट पक्का किया.

