जूनियर हॉकी विश्व कप ट्रॉफी का रांची में भव्य अनावरण, राज्य भर के खिलाड़ियों में दिखा उत्साह
रांची में जूनियर हॉकी विश्व कप ट्रॉफी का अनावरण किया गया. मौके पर खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सहित झारखंड के हॉकी खिलाड़ी मौजूद रहे.

Published : November 17, 2025 at 6:30 PM IST
रांची: जूनियर हॉकी विश्व कप की बहुप्रतीक्षित ट्रॉफी का सोमवार को झारखंड की राजधानी रांची में बेहद भव्य तरीके से अनावरण किया गया. मोरहाबादी स्थित हॉकी स्टेडियम में आयोजित इस विशेष समारोह में झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार ने ट्रॉफी का अनावरण किया. ट्रॉफी के आगमन के साथ ही स्टेडियम तालियों, नारों और खेल प्रेमियों की उमंग से गूंज उठा. रांची में इस ट्रॉफी का प्रदर्शन होना राज्य के लिए गर्व का पल माना जा रहा है.
यह प्रतिष्ठित FIH जूनियर हॉकी विश्व कप ट्रॉफी देश के अनेक राज्यों का भ्रमण करते हुए सोमवार को झारखंड पहुंची. स्टेडियम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आम खेल प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसे देखकर यह साफ झलक रहा था कि झारखंड के लोगों में हॉकी के प्रति कितना गहरा लगाव है. ट्रॉफी की एक झलक पाने के लिए बच्चे, युवा खिलाड़ी और स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए. कई खिलाड़ियों ने कहा कि इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय ट्रॉफी को करीब से देखना अपने आप में एक प्रेरणादायक क्षण है.
16 किलो सोना से बनी ट्रॉफी
सबसे खास बात यह रही कि यह ट्रॉफी 16 किलो सोने से बनी है, जो इसे बेहद आकर्षक और अनोखा बनाती है. स्टेडियम की रोशनी में जब यह ट्रॉफी जगमगाई तो वहां मौजूद हर किसी की नजर उसी पर ठहर गई. युवा खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवाए और भविष्य में इसे अपने प्रदर्शन से देश के लिए जीतने का संकल्प भी लिया.

28 नवंबर से 10 दिसंबर तक होगा टूर्नामेंट
बता दें कि 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित होने वाला जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 इस बार तमिलनाडु की मेजबानी में होगा. दुनिया भर की बेहतरीन जूनियर टीमें भारत में जुटेंगी और खिताब के लिए संघर्ष करेंगी. भारतीय टीम भी टूर्नामेंट की मजबूत दावेदारों में शामिल है और घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रखती है. ट्रॉफी के देशभर में भ्रमण का उद्देश्य भी यही है कि खिलाड़ियों में जागरूकता और उत्साह बढ़ाया जा सके.
हॉकी प्रतिभाओं की जन्मस्थली है झारखंड
झारखंड में हॉकी का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है. सिमडेगा, खूंटी, रांची और आसपास के क्षेत्र हॉकी प्रतिभाओं की जन्मस्थली माने जाते हैं. यहां की मिट्टी से कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं, जिन्होंने देश का नाम रोशन किया है. यही वजह है कि रांची में ट्रॉफी के आगमन से पूरे राज्य में हॉकी के प्रति पुराने दिनों जैसा उत्साह फिर से जाग उठा है. समारोह में मौजूद खिलाड़ियों ने कहा कि इस ट्रॉफी को देखने से उनके भीतर बड़ा टूर्नामेंट खेलने का सपना और मजबूत होता है.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य में खेल संरचनाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने यह भी बताया कि हॉकी के विकास के लिए राज्य में नए मैदान और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके.
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