झारखंड की दूसरी अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी अंपायर बनी नीतू कुमारी महतो, U-18 एशिया कप में करेंगी अंपायरिंग
झारखंड की बेटी नीतू कुमारी महतो अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी अंपायर बनी हैं. वह जापान में अंडर-18 एशिया कप में अंपायरिंग करेंगी.

Published : May 27, 2026 at 1:48 PM IST
रांची: झारखंड की बेटी नीतू कुमारी महतो ने हॉकी जगत में राज्य का नाम रोशन करते हुए एक नई उपलब्धि हासिल की है. रांची जिले के हरदाग की रहने वाली नीतू अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अंपायर के रूप में क्वालीफाई कर झारखंड की दूसरी महिला अंतर्राष्ट्रीय अंपायर बन गई हैं. अब वह 29 मई से 6 जून तक जापान के काकामिगाहारा में आयोजित होने वाले U18 एशिया कप 2026 में अंपायरिंग करती नजर आएंगी. बुधवार को वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए जापान रवाना हो गईं.
U-18 एशिया कप में करेगी अंपायरिंग
नीतू का हॉकी से रिश्ता बचपन से ही रहा है. उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व किया है. उनके परिवार में हॉकी सिर्फ खेल नहीं बल्कि एक विरासत की तरह है. उनकी मां दुलारी टोपनो खुद राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रह चुकी हैं और वर्तमान में हुलंडू में कोच के रूप में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं. नीतू की पहली कोच भी उनकी मां ही थी. जिन्होंने बचपन से उन्हें हॉकी की बारीकियां सिखाई. दिलचस्प बात यह है कि दुलारी टोपनो की पूर्व शिष्या खिली कुमारी भी इसी U18 एशिया कप में भारतीय टीम की गोलकीपर के रूप में हिस्सा ले रही हैं. ऐसे में यह टूर्नामेंट झारखंड के लिए और भी खास बन गया है.
झारखंड ने हॉकी के मैदान पर एक और गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। रांची जिले के हरदाग की रहने वाली नीतू कुमारी महतो अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अंपायर के रूप में क्वालीफाई कर आज जापान के काकामिगाहारा में आयोजित हो रहे *U18 एशिया कप 2026* में अंपायरिंग के लिए रवाना हो गई हैं। pic.twitter.com/uHSCdHykxc
— Manoj Konbegi (@ManojKonbegi) May 27, 2026
चार बहनों और एक भाई के परिवार में खेल का माहौल हमेशा बना रहा. नीतू समेत परिवार के चार सदस्य हॉकी से जुड़े हुए हैं. उनकी बहन कंचन कुमारी और रानी कुमारी भी हॉकी खिलाड़ी हैं. जबकि छोटे भाई विजय महतो वर्तमान में लखनऊ में हॉकी से जुड़े हुए हैं. पिता कमल महतो हरदाग में होटल चलाते हैं और बच्चों को खेल के लिए लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं.
झारखंड हॉकी ने जताई खुशी
हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों ने नीतू की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने कहा कि राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है. लेकिन सभी खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह मिल पाना संभव नहीं होता. ऐसे में हॉकी झारखंड खिलाड़ियों को कोचिंग और ऑफिशिएटिंग की ओर भी प्रेरित कर रहा है. उन्होंने कहा कि नीतू ने मेहनत और समर्पण के बल पर अंतर्राष्ट्रीय अंपायर बनकर अन्य खिलाड़ियों के लिए नई राह खोली है.
शानदार अंपायरिंग करेगी नीतू: विजय शंकर
हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि नीतू शुरू से ही बेहतरीन खिलाड़ी रही है और अब अंपायरिंग में भी शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. वहीं उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने नीतू के साथ उनकी मां दुलारी टोपनो को भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि जब नीतू का खेल करियर ढलान पर आया तो उनकी मां ने उन्हें अंपायरिंग अपनाने की सलाह दी और आज उसी का परिणाम पूरे राज्य के सामने है.
हॉकी रांची के अध्यक्ष माइकल लाल और सचिव जयंत केरकेट्टा ने भी नीतू की मेहनत और फिटनेस की सराहना की. इसक साथ ही उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी. बता दें कि इससे पहले आश्रिता लकड़ा झारखंड की पहली महिला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अंपायर बनी थी.
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