संघर्ष से सफलता तक: दिव्यांगता को नहीं आने दिया आड़े, अब जुबेर खां श्रीलंका में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
पढ़िए खैरथल-तिजारा के जुबेर खां की कहानी, जिन्होंने दिव्यांगता को मात देकर अपने सपनों को सच कर दिखाया है. पीयूष पाठक की रिपोर्ट...

Published : May 1, 2026 at 7:33 AM IST
|Updated : May 1, 2026 at 10:01 AM IST
खैरतल-तिजारा : जिले के किशनगढ़ बास के गांव बगथला निवासी जुबेर खां ने अपनी मेहनत के दम पर भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में अपना स्थान पक्का कर पूरे जिले सहित प्रदेश का नाम रोशन किया. जुबेर खां ने अपने उस सपने को सच कर दिखाया, जो उन्होंने दिव्यांग होने के बावजूद देखा. दिव्यांगता के चलते ही लोगों ने उन्हें क्रिकेट से दूर रखने की कई कोशिश की, लेकिन जुबेर ने हार नहीं मानी. आज भारतीय टीम में उनका चयन होने से वह अन्य ऐसे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं, जो खुद में किसी कमी के चलते खेल से दूर हो जाते हैं. अब जुबेर खां आगमी मई में श्रीलंका में आयोजित होने वाली सीरीज में भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे.
परिवार के लोगों ने भी किया मना : भारतीय टीम में चयन होने के बाद जुबेर खां ने बताया कि 2016 में उन्होंने अपने क्रिकेट के सपने की शुरुआत की. बचपन में जब वह गांव में क्रिकेट खेलते हुए बच्चों को देखते ओर उनके साथ खेलने जाते, तब उन्हें दिव्यांग होने के चलते क्रिकेट नहीं खेलाया जाता. इससे मायूस होकर दूर बैठकर बच्चों को खेलता देखते ओर अफसोस करते थे. बच्चों के नहीं खेलाने के बाद वह खुद घर पर अपनी प्रैक्टिस करते और खेल को निखारते रहे.
घर की छत पर बेटे ने करवाई प्रैक्टिस : जुबेर ने बताया कि इस सपने को सच करने के लिए उनके बेटे उमर ने उनका साथ दिया. उमर हर समय पर खड़ा रहा. वह घर की छत पर नेट लगाकर प्रैक्टिस करते, तो उमर उन्हें बॉलिंग करवाता. उमर ने उन्हें प्रैक्टिस करवाई, जिससे उनकी क्रिकेट स्किल भी मजबूत हुई. इसका उनके खेल को लाभ मिला. वहीं, जब उनके परिवार को खेल के जुनून के बार में पता था तो परिवार के लोग भी इस खेल से मुंह मोड़ लेने की जोर देने लगे. परिवार के लोग कहते जब इस खेल में अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों का नंबर नहीं आता, तो उनका कैसे आ सकता है?

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दोस्त ने दी ट्रायल की सूचना : परिजनों व अन्य लोगों के मना करने के बाद भी हार नहीं मानी और अपनी प्रैक्टिस जारी रखी. एक दिन उनके दोस्त ने उन्हें अलवर टीम के ट्रायल की सूचना दी, जिस पर वह ट्रायल देने के लिए पहुंचे और उनका खेल देखकर सिलेक्टरों ने उन्हें अलवर की टीम में चयनित कर दिया. इसके बाद उनका सफर शुरू हुआ. जुबेर खान ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह राजस्थान की टीम के लिए सिलेक्ट हुए. यहां उन्होंने कई सालों तक राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर कई अहम मैच में अपनी टीम को जीत दिलवाने में भूमिका निभाई. आज उनके अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उनका नाम भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में आया है.
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पाक-भारत मैच से संजोए भारत के प्रतिनिधित्व के सपने : जुबेर ने कहा कि अगर वह लोगों की बात सुनकर इस खेल को छोड़ देते तो आज वह इस मुकाम तक नहीं पहुंचते. जो लोग उन्हें क्रिकेट से दूर रहने की बात करते थे, आज वहीं उन्हें बधाई दे रहे हैं. जुबेर खां ने बताया कि जब भारत व पाकिस्तान का मैच होता था और वह टीवी पर मैच देखते तो मन ही मन सोचते कि एक दिन वह भी भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत में अहम भूमिका निभाएं. आखिरकार आज यह सपना सच हो गया, इससे उनका परिवार भी काफी खुश है. उनके दृढ़ निश्चय से ही भारत के प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. वह इस मौके को भुनाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत को सीरीज जिताने की कोशिश करेंगे.

श्रीलंका में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व : उन्होंने बताया कि उनका चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में हुआ है. यह टीम आगामी मई में श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित होने वाली तीन T20 सीरीज के लिए जाएगी. इस टीम में जुबेर खान ऑलराउंडर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसके लिए जुबेर खान 25 मई को चेन्नई में रिपोर्ट करेंगे.


