जानिए किन 3 भारतीय खिलाड़ियों ने वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में हासिल किया प्लेयर ऑफ द मैच, प्रदर्शन पर डालें नजर
आज हम आपको वनडे विश्व कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले भारतीय क्रिकेटर्स के बारे में बताने वाले हैं.

Published : November 17, 2025 at 3:25 PM IST
हैदराबाद: भारत अब तक तीन वनडे वर्ल्ड कप के खिताब जीत चुका है. देश को 2 बार भारत की पुरुष क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिलाई है, तो वहीं एक बार भारत की महिला क्रिकेट टीम खिताब अपने नाम कर चुकी है. वर्ल्ड चैंपियन तो वो सारे खिलाड़ी बन गए, जो वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे लेकिन 3 बार वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों के वो तीन खिलाड़ी महत्वपूर्ण बन गए, जिन्होंने फाइनल मैच में उम्दा प्रदर्शन कर टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण योगदान दिया.
आज हम आपको 1983 में कपिल देव की कप्तानी, 2011 में धोनी की कप्तानी और 2025 में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों के उन 3 खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड अपने नाम किया.
1 - मोहिंदर अमरनाथ
कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता. जब भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 1983 के फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर इतिहास रचा. इस फाइनल मैच में मोहिंदर अमरनाथ ने अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड हासिल किया और भारत को ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई. मोहिंदर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 80 बॉल में 3 चौकों की सहायता से 26 रनों की पारी खेली और टीम का स्कोर को 54.4 ओवर में 183 तक पहुंचाने में मदद की.

इसके बाद जब वेस्टइंडीज 183 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 52 ओवर में 140 पर ढेर हो गई तो, इसमें भी अमरनाथ का अहम योगदान रहा. उन्होंने 7 ओवर में 12 रन देकर 3 विकेट निकाले और भारतीय टीम को पहली बार वर्ल्ड कप उठाने में मदद की. ये मैच भारत ने 43 रनों से जीतकर देश को पहला वर्ल्ड कप दिलाया था.
2 - महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को 28 साल बाद फिर से वर्ल्ड चैंपियन बनाया. श्रीलंका ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 274 रन बनाए. भारतीय टीम जब इस लक्ष्य का पीछा करते हुए शून्य पर वीरेंद्र सहवाग और 31 पर सचिन तेंदुलकर का विकेट गंवा चुकी थी. तब धोनी ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर ऐतिहासिक पारी खेली.
धोनी ने 79 बॉल पर 8 चौके और 2 छक्कों के साथ नाबाद 91 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को अपने बल्ले से छक्का लगाकर विश्व कप का खिताब दूसरी बार दिलाया. इस मैच को भारत ने 6 विकेट से अपने नाम किया. इस मैच जिताऊ पारी के लिए धोनी को वनडे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

3 - शेफाली वर्मा
भारत ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में अपना तीसरा वनडे वर्ल्ड कप जीता. ये महिला क्रिकेट में भारत का पहला वर्ल्ड कप था. महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल नवी मुंबई में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुआ. इस मैच में पहले बल्ले और फिर गेंद से शानदार प्रदर्शन करने वाली शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
शेफाली वर्मा वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं थी. वो टीम से लगभग एक साल से बाहर चल रहीं थी. भारत की सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के लीग स्टेज के अंतिम मैच में चोटिल होने बाद सेमीफाइनल और फाइनल के लिए उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर चुना गया. वो सेमीफाइनल में फ्लॉप साबित हुईं, लेकिन फाइनल में उन्होंने कमाल कर दिया.
शेफाली ने फाइनल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 78 बॉल में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से 87 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को 50 ओवर में 298 तक पहुंचने में मदद की. इसके बाद जब अफ्रीका की टीम जीत के लिए मिले 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 45.3 ओवर में 246 पर ढेर हो गई तो इसमें भी शेफाली ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.
उन्होंने बॉलिंग का जिम्मा संभाला और 7 ओवर में 36 रन देकर 2 अहम विकेट चटकाए. उन्होंने जब लौरा और सुने लुस (25) की साझेदारी हो रही थी तब उस पार्टनरशिप को तोड़ा जो मैच का टर्निंग प्वाइंट बना. इसके बाद उन्होंने टीम की खतरनाक बल्लेबाज मैरिजन कैप (4) को आउट किया. वहां से भारत मैच में वापस आ गया और अंत में टीम इंडिया ने 52 रनों से मैच जीतकर वर्ल्ड चैंपियन होने का गौरव प्राप्त किया.

