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विश्व कुश्ती चैंपियनशिप: हांसी की रेसलर तुन शर्मा ने जीता सिल्वर, पिता से बोली- 'जहाज में बैठकर आ रही हूं, स्वागत करना'

रेसलर तनु शर्मा ने अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, फोन पर पिता से बोली- 'जहाज में बैठकर आ रही हूं, स्वागत करना'.

HANSI WRESTLER TANU SHARMA
HANSI WRESTLER TANU SHARMA (SAI and ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 21, 2026 at 8:08 PM IST

3 Min Read
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हांसी: भकलाना गांव की बेटी तनु शर्मा ने स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 72 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है. तनु ने चैंपियनशिप में भारत को पहला पदक दिलाया. उनकी इस उपलब्धि के बाद भकलाना गांव सहित पूरे हांसी क्षेत्र में खुशी की लहर है. जीत के बाद रेसलर तनु शर्मा ने कहा "काफी खुशी हो रही है. देश के लिए खेलना और देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है."

अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में तनु शर्मा ने जीता सिल्वर मेडल: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनु शर्मा ने कुश्ती में पहला पदक जीता है. इससे पहले वो नेशनल स्तर पर पांच पदक अपने नाम कर चुकी हैं. खेलो इंडिया में भी तनु ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप: हांसी की रेसलर तुन शर्मा ने जीता सिल्वर (ETV Bharat)

पिता ने बताया दिलचस्प किस्सा: मेडल विजेता बेटी ने एक दिलचस्प बात भी साझा की. पिता ने बताया कि "नेशनल स्तर पर पदक जीतने के बाद भी तनु ने बड़ा स्वागत नहीं करवाया. तनु कहती थी कि जब विदेश से जीतकर लौटूंगी और जहाज का सफर तय करके आऊंगी, तब मेरा स्वागत करना. अब विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद तनु ने फोन पर कहा कि पापा अब मैं जहाज में बैठकर आऊंगी, मेरा स्वागत करना. 23 अगस्त को बेटी आ रही है. उनकी तैयारियों के लिए हम लग गए हैं."

बेटी की उपलब्धि पर गर्व है. हरियाणा की मिट्टी और यहां के दूध-दही से पहलवान तैयार होते हैं. बेटी ने जिस तरह मेहनत की है, उस पर पूरे परिवार को गर्व है. अब हम उसके स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं -तनु की मां सुमन लता

तनु के पिता वीरेंद्र शास्त्री सरकारी विद्यालय में संस्कृत अध्यापक हैं, जबकि मां सुमन लता गृहिणी हैं. परिवार ने हमेशा तनु का हौसला बढ़ाया और उसकी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया.

मेरी पोती ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. तनु भविष्य में और बड़े मुकाबले जीतेगी और ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेगी. विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर तनु शर्मा ने साबित कर दिया है कि छोटे गांवों की बेटियां भी अपनी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर विश्व मंच पर देश का परचम लहरा सकती हैं. -तनु के दादा मंगत राम शर्मा

बचपन से ही तनु को खेलों में रूची थी: तनु के पिता वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि "तनु को बचपन से ही खेलों में विशेष रुचि थी. कुश्ती के प्रति उसकी प्रतिभा को देखते हुए चाचा और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त नरेंद्र शर्मा ने उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. सातवीं कक्षा से तनु ने कोच संजय सिहाग के मार्गदर्शन में कुश्ती का प्रशिक्षण शुरू किया. तनु ने करीब 10 साल तक लगातार कड़ी मेहनत की है. वो कभी एक दिन भी मैदान से दूर नहीं रही. कुश्ती के शुरुआती प्रशिक्षण के बाद हिसार स्पोर्ट्स सेंटर के कोच सुनील ढुल और राजेश नांदल ने भी तनु की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नियमित अभ्यास, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर तनु ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी तिरंगा लहरा दिया."

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