पंतनगर में उत्तराखंड राज्य विवि खेल महोत्सव का शुभारम्भ, राज्यपाल ने दिया 'विकसित भारत 2047' का संदेश
उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल महोत्सव में भाग ले रहे हैं 722 खिलाड़ी, चार दिन तक चलेगी प्रतियोगिता

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 2:43 PM IST
रुद्रपुर: उत्तराखंड की देवभूमि में युवाशक्ति का उत्साह उस समय चरम पर दिखाई दिया, जब राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया. इस अवसर पर उन्होंने 800 मीटर पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया.
पंतनगर में उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल महोत्सव शुभारम्भ: पंतनगर स्थित जीबी पंत यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी में खेल मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए लगभग 722 खिलाड़ियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में 10 विश्वविद्यालयों की सहभागिता रही, जिससे परिसर में खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. 800 मीटर पुरुष वर्ग की दौड़ में एसएसजे अल्मोड़ा के अंकित नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. श्रीदेव सुमन विवि टिहरी गढ़वाल के आसिफ द्वितीय और एसएसजे अल्मोड़ा के ललित सिंह तृतीय स्थान पर रहे.
The Uttarakhand State University Sports Competition at Govind Ballabh Pant University of #Agriculture and #Technology, Pantnagar, brought together young athletes from across the state in a four day celebration of endurance and teamwork. I felicitated the winners of the 800 metre… pic.twitter.com/WgxHLsq4w4
— LT GEN GURMIT SINGH, PVSM, UYSM, AVSM, VSM (Retd) (@LtGenGurmit) February 23, 2026
ये रहे 800 मीटर दौड़ के चैंपियन: महिला वर्ग की 800 मीटर दौड़ में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल की नीतू ने प्रथम, संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार की चांदनी ने द्वितीय तथा एसएसजे अल्मोड़ा की शीतल भट्ट ने तृतीय स्थान हासिल किया. राज्यपाल ने सभी विजेताओं को मेडल एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाशक्ति, अनुशासन, संकल्प और राष्ट्रभावना का उत्सव है. उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि यह भूमि आस्था, तप, त्याग और पराक्रम की है, किंतु आज वे इसे युवाशक्ति की भूमि के रूप में देख रहे हैं. हिमालय की ऊंचाइयां युवाओं को ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देती हैं.

उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन हैं. मैदान में विकसित अनुशासन, समर्पण और टीम भावना ही आगे चलकर “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना को सुदृढ़ करती है. उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा और खेल के संतुलित विकास पर बल देते हुए कहा कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण के लिए दोनों आवश्यक हैं.

राज्यपाल ने समझाया फिट इंडिया मूवमेंट का महतेव: राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें खेल और सह-पाठ्य गतिविधियों को मुख्यधारा में स्थान देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि “फिट युवा, सशक्त भारत” का संकल्प तभी साकार होगा जब विश्वविद्यालय खेलों को प्राथमिकता देंगे.

बेटियां बदलेंगी राष्ट्र की दिशा: उन्होंने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि खेल सकारात्मक ऊर्जा का सबसे प्रभावी माध्यम है. महिला खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब बेटियां खेल में आगे बढ़ती हैं, तो राष्ट्र की दिशा बदलती है.

राज्यपाल ने अंत में खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय स्तर से आगे बढ़कर ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों को लक्ष्य बनाएं और उत्तराखंड की धरती से ऐसे खिलाड़ी निकलें जो विश्व पटल पर भारत का तिरंगा ऊंचा करें. उन्होंने विकसित भारत 2047 के संकल्प को युवाशक्ति की आधारशिला बताते हुए महोत्सव की सफलता की शुभकामनाएं दीं.
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