एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में फरीदाबाद की एकता लांबा ने जीता गोल्ड, बोली- 'मेरा सपना है ओलंपिक में देश को गोल्ड दिलाना'
थाईलैंड में संपन्न एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में फरीदाबाद की एकता लांबा ने जीता गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है.

Published : December 12, 2025 at 8:14 PM IST
फरीदाबाद: बैंकॉक की राजधानी थाईलैंड में 5 से 7 दिसंबर संपन्न एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2025 में फरीदाबाद की एकता लांबा ने 58 किलो वर्ग में गोल्ड मेडल जीता. इसके आधार पर एकता अगले साल होने वाले वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी. रावल इंटरनेशनल स्कूल की 16 वर्षीय एकता ने गोल्ड जीतकर हरियाणा का नाम रोशन किया है. सभी तरफ से एकता को लगातार बधाई मिलने का सिलसिला जारी है. वहीं बेटी इस उपलब्धि पर उसके घर और स्कूल में जश्न का माहौल है.
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी एकताः ईटीवी भारत से बातचीत में एकता लांबा ने बताया कि "मेरा यह पहला इंटरनेशनल मैच था और पहले ही मैच में गोल्ड लाना हर एक खिलाड़ी का सपना होता है. मैंने भी थाईलैंड में आयोजित एशिया चैंपियनशिप में भाग लिया था. 58 किलो वर्ग भार रेसलिंग मैच में गोल्ड मेडल मिला है. यह मैच 5 से 7 दिसंबर को आयोजित हुआ था. इस गोल्ड मेडल की वजह से मैं अब वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए ट्रायल दे पाऊंगी."
मेरा पहला इंटरनेशनल मैच था जिसमें गोल्ड मिलाः एकता ने बताया कि "मेरा सपना है ओलंपिक में देश को गोल्ड दिलाना. मेरा सफर अभी शुरू हुआ है और मैं अभी 11वीं क्लास की छात्रा हूं. अब मुझे पीछे मुड़कर नहीं देखना है. देश को अलग-अलग मैच में गोल्ड दिलाना मेरा लक्ष्य है. मैंने प्रोफेशनल तरीके से 2019 से रेसलिंग की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी, लेकिन मैं स्पोर्ट्स से बहुत पहले से जुड़ी हुई हूं. रेसलिंग में अब तक मेरा स्टेट में भी गोल्ड मेडल है. इसके अलावा नेशनल में भी गोल्ड मेडल है. यह मेरा पहला इंटरनेशनल मैच था जिसमें मुझे गोल्ड मेडल मिला है."
पढ़ाई के साथ खेल में मिल रहा है स्कूल का सपोर्टः एकता लांबा ने बताया कि "मैं 11वीं कक्षा में हूं. प्रैक्टिस की बात की जाए तो मैं सुबह शाम प्रैक्टिस करती हूं और दिन में स्कूल में पढ़ाई करती हूं. सबको मैनेज करके चल रही हूं. स्कूल का सपोर्ट मुझे बहुत ज्यादा मिल रहा है. इसी वजह से मैं आज इस मुकाम पर पहुंच पाई हूं. मेरे घर में पापा भी स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा एक भाई, एक बहन और मां है. मेरे पापा ने ही मुझे रेसलिंग में डाला था. उम्मीद है सरकार से भी सपोर्ट मिलेगा. लेकिन आज के समय में घर-परिवार के अलावा सबसे ज्यादा सपोर्ट स्कूल से मिल रहा है. इस कारण मैं पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन कर पा रही हूं. खेल की बात करें तो हंड्रेड परसेंट में से 50% सपोर्ट मुझे स्कूल से मिल रहा है. यही वजह है कि मैंने खेल और पढ़ाई को एक साथ मैनेज किया है."

क्या बोले स्कूल के प्रिंसिपलः रावल इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सिवि सिंह ने बताया कि "हमारे स्कूल के लिए, हमारे राज्य हरियाणा के लिए और देश के लिए बड़े गौरव की बात है कि बेटी एकता गोल्ड मेडल जीत कर आई है. मुझे पूरी उम्मीद है की बेटी ओलंपिक सहित अन्य कंपटीशन में गोल्ड मेडल लेकर आएगी और देश का नाम रोशन करेगी. यह बच्ची शुरू से ही पढ़ाई और खेल दोनों पर फोकस करती है आई है. एकता बहुत ही डिसिप्लिन के साथ दोनों को मैनेज कर रही है, जिसका ईनाम आज इस गोल्ड मेडल के रूप में मिला है."
एकता का सपना, भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतनाः आपको बता दें फरीदाबाद की रहने वाली एकता लांबा का यह पहला इंटरनेशनल मैच था. पहले इंटरनेशनल मैच में गोल्ड मेडल लाकर एकता लांबा ने विदेश की धरती पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है. एकता लांबा ने अभी तक नेशनल मैच खेला था और नेशनल में भी वह गोल्ड लेकर आ चुकी है. इसके अलावा स्टेट में भी वह गोल्ड लेकर आई थी. एकता लांबा का सपना ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को गोल्ड मेडल दिलाना है.

