MMA रिंग में भारत के ओवैस याकूब का जलवा: 4 मिनट में बुल्गारिया के अजेय फाइटर को चटाई धूल
जैसे ही रेफरी ने मैच खत्म होने का इशारा किया, ओवैस पिंजरे (रिंग की जाली) के ऊपर चढ़कर जीत का जश्न मनाने लगे.


Published : August 2, 2026 at 8:27 PM IST
श्रीनगरः भारत के उभरते हुए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स स्टार ओवैस याकूब ने शनिवार को अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने 'ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन' (BRAVE CF 107) के 68 किलोग्राम कैचवेट मुकाबले के पहले ही राउंड में बुल्गारिया के अजेय फाइटर डेलियन जॉर्जीव को टेक्निकल नॉकआउट के जरिए हरा दिया.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले 28 वर्षीय ओवैस ने ऑक्टागन (फाइट रिंग) के भीतर जॉर्जीव को पस्त करने के लिए महज चार मिनट का समय लिया. उन्होंने बुल्गारियाई फाइटर को उनके पेशेवर करियर की पहली हार का स्वाद चखाया. साथ ही लगातार छह मुकाबले जीतने के अपने खुद के रिकॉर्ड को और आगे बढ़ा दिया. मुकाबले में 5-1 के रिकॉर्ड के साथ उतरे ओवैस ने अब अपनी जीत का रिकॉर्ड 6-1 कर लिया है.

यह जीत तमाम अनुमानों के विपरीत मिली. ओवैस ने मैच की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और 32 वर्षीय बुल्गारियाई फाइटर को संभलने का कोई मौका दिए बिना मैच रोकने पर मजबूर कर दिया. जैसे ही रेफरी ने मैच खत्म होने का इशारा किया, ओवैस पिंजरे (रिंग की जाली) के ऊपर चढ़कर जीत का जश्न मनाने लगे. कमेंटेटरों ने इस प्रदर्शन को भारतीय एमएमए के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया.
रिंग में कदम रखने से पहले ही ओवैस ने पूरे भरोसे के साथ कहा था कि वह पहले ही राउंड में मैच खत्म कर देंगे. उन्होंने सटीक प्रहारों और लगातार बनाए दबाव के बेहतरीन प्रदर्शन से अपने उस दावे को सच कर दिखाया.

कश्मीर के इस फाइटर ने पारंपरिक कश्मीरी कराकुली टोपी, काली पश्मीना शॉल पहनकर और हाथ में भारतीय तिरंगा थामे रिंग की तरफ एक यादगार वॉक की थी. ब्लू कॉर्नर से लड़ते हुए, जीत के बाद उन्होंने फैंस और अपनी टीम का शुक्रिया अदा करने के लिए रिंग की जाली पर चढ़कर आभार जताया. जीत के बाद भावुक ओवैस ने उन चुनौतियों को याद किया, जिनका सामना करके उन्होंने यह जीत हासिल की.
इस जीत ने 5-फुट-8 इंच लंबे लाइटवेट फाइटर की शानदार तरक्की को जारी रखा है, जिन्हें एमएमए सर्किट में व्यापक रूप से "प्राइड ऑफ कश्मीर" (कश्मीर का गौरव) के नाम से जाना जाता है. ओवैस ने लगातार छह मैच जीतकर अपने करियर को पूरी तरह बदल दिया है और वह भारत के सबसे तेजी से उभरते एमएमए टैलेंट में से एक बन गए हैं.

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