अबू धाबी में खेलो मास्टर फाउंडेशन के खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, फिटनेस का दिया संदेश
ओपन मास्टर्स गेम्स अबू धाबी 2026 में खेलो मास्टर फाउंडेशन से जुड़े 50 प्लस आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, छाए उत्तराखंड के खिलाड़ी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 3:57 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड के 50 प्लस खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने जज्बे और खेल भावना से प्रदेश का परचम लहराया है. अबू धाबी और दुबई में आयोजित 'इंटरनेशनल ओपन मास्टर गेम्स 2026' में शानदार प्रदर्शन कर साबित किया है, कि उम्र नहीं, हौसला मायने रखता है.
उत्तराखंड के लिए यह गर्व का क्षण है कि खेलो मास्टर फाउंडेशन से जुड़े 50 प्लस आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया. हाल ही में अबू धाबी और दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 'इंटरनेशनल ओपन मास्टर गेम्स 2026' में हिस्सा लेकर इन खिलाड़ियों ने न केवल अपने खेल कौशल का परिचय दिया, बल्कि उत्तराखंड का नाम भी वैश्विक मंच पर रोशन किया.
फाउंडेशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन सालों से यह टीम राष्ट्रीय स्तर पर लगातार स्वर्ण और रजत पदक जीतती आ रही है. इसी कड़ी में जनवरी महीने में दिल्ली में 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश भर से 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया. कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद आसिफ अली, डॉ. वीर सिंह रावत, गोपाल रावत समेत चार खिलाड़ियों का चयन 50+ आयु वर्ग में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए हुआ.
ऐसा रहा उत्तराखंड की टीम का सफर: बीती 5 से 15 फरवरी तक आयोजित इस फुटबॉल प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा देशों की टीमों ने हिस्सा लिया. उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा. पहला मुकाबला वियतनाम की टीम से हुआ, जिसमें टीम को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, इस मैच में डॉ. वीर सिंह रावत ने शानदार गोल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

दूसरा मुकाबला इराक के खिलाफ खेला गया, जो 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ. इस मैच में आसिफ अली ने बेहतरीन गोल दागकर टीम को बराबरी दिलाई. तीसरे मुकाबले में अबू धाबी की टीम के खिलाफ संघर्षपूर्ण खेल देखने को मिला, लेकिन टीम 2-1 से पराजित हो गई.
इस मैच में गोपाल रावत ने शानदार असिस्ट देकर टीम के प्रदर्शन को मजबूती दी. हालांकि, टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. खिलाड़ियों का कहना है कि इस आयु वर्ग में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना ही, उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है.
50 प्लस आयु में दिखे चुस्त दुरुस्त: खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 50 प्लस आयु वर्ग के खिलाड़ियों का इस तरह सक्रिय रहना और देश-प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना युवाओं के लिए प्रेरणा है. खिलाड़ियों ने ये संदेश दिया कि खेल के प्रति समर्पण और जुनून हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती.

प्रतियोगिता के समापन पर खिलाड़ियों को उनके जज्बे और खेल भावना के लिए खेलो मास्टर गेम्स की ओर से सम्मानित भी किया गया. प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए यह उपलब्धि नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बनकर सामने आई है. खिलाड़ियों की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाएं किसी भी मंच पर खुद को साबित करने का माद्दा रखती हैं.
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