छठी क्लास के बच्चे का कमाल, चेस में 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों को हराकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
तमिलनाडु के छठी क्लास के 11 वर्षीय छात्र ने फ्रीस्टाइल चेस कैटेगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.

Published : January 10, 2026 at 9:02 PM IST
|Updated : January 11, 2026 at 12:08 AM IST
हैदराबाद: विश्वनाथन आनंद, प्रज्ञानानंद, डी गुकेश जैसे शतरंज के महान खिलाड़ी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर चुके हैं. इस बीच तमिलनाडु के छठी क्लास के एक छात्र भरत कुमार ने 'फ्रीस्टाइल चेस' की मुश्किल कैटेगरी में 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों को हराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया.
फ्रीस्टाइल या चेस 960 क्या है?
नियमित शतरंज मैचों में, इस्तेमाल किए जाने वाले सभी मोहरों को एक खास क्रम में रखा जाता है. हालांकि, 'फ्रीस्टाइल शतरंज' या 'चेस 960' नाम के खेल में, सिर्फ प्यादे ही अपने क्रम में होते हैं. उनके पीछे के मोहरे - राजा, रानी, बिशप, घोड़ा और बिशप - आपस में बदल दिए जाते हैं.

कहा जाता है कि इस खेल को चेस 960 इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें मोहरों की कुल 960 अलग-अलग स्थितियां हो सकती हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व शतरंज विश्व चैंपियन, बॉबी फिशर ने सबसे पहले चेस 960 के इस खेल को पेश किया था. साथ ही, आप इसे शुरुआती चालों को याद करके नहीं खेल सकते. आपको हर बार नई रणनीतियां अपनानी होंगी. इसलिए, इसे एक बहुत मुश्किल मुकाबला माना जाता है.
भरत कुमार कौन है?
भरत कुमार तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के रहने वाला है. उसकी उम्र केवल 11 साल है और वो छठी क्लास में के छात्र है. उनके पिता सेल्वा मणिकंदन पलयानकोट्टई एक शतरंज कोच और इंटरनेशनल शतरंज आर्बिटर हैं. उनके बेटे ने 'चेस 960' कैटेगरी में 'वर्ल्ड नोबेल रिकॉर्ड' अवॉर्ड जीतकर भारत और तमिलनाडु को गर्व महसूस कराया है.

भारत कुमार का वर्ल्ड रिकॉर्ड
भरत कुमार ने इस मुश्किल खेल में एक ही समय में 50 शतरंज खिलाड़ियों के साथ मुकाबला किया. खास तौर पर, उन्होंने 50 अलग-अलग स्थितियों में रखे गए मोहरों के साथ भी लगातार 6 घंटे तक खेला और सभी खिलाड़ियों को हराकर एक बड़ी जीत दर्ज की.
हालांकि कहा जाता है कि एक खिलाड़ी के खिलाफ यह फ्रीस्टाइल चेस गेम जीतना बहुत मुश्किल है, लेकिन भरत कुमार की 6 घंटे में 50 खिलाड़ियों के खिलाफ जीत ने सभी को हैरान कर दिया है. उनकी इस शानदार प्रतिभा को पहचानते हुए, 'वर्ल्ड नोबेल रिकॉर्ड' संगठन ने हाल ही में भरत कुमार को वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है.

वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतने का लक्ष्य
इस जीत के बारे में ईटीवी भारत से बात करते हुए भरत कुमार ने कहा, 'मैं तीन साल की उम्र से चेस खेल रहा हूं, और अब तक 100 से ज्यादा नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका हूं. चेस 960 के लिए पिछले 6 महीनों से कड़ी ट्रेनिंग ली. जिसमें मेरे पिता और कोच सेल्वा मणिकंदन का बड़ा रोल है, उन्होंने मुझे अच्छी ट्रेनिंग दी. भरत ने ये भी स्वीकार किया कि शुरुआत में थोड़ा नर्वस था, लेकिन जीत मिलने के बाद खुश हूं और अब मेरा अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियन बनना है.'
पिता को गर्व
अपने बेटे की उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, इंटरनेशनल चेस आर्बिटर और कोच सेल्वा मणिकंदन ने गर्व से कहा, 'नॉर्मल चेस मैचों में, शुरुआती चालें तय होती हैं. लेकिन चेस 960 में, एक बार गेम शुरू होने के बाद, यह मिडिल गेम जितना मुश्किल हो जाता है. भरत कुमार ने 50 अलग-अलग स्थितियों में 6 घंटे तक संघर्ष करने के बाद यह जीत हासिल की. यह वर्ल्ड रिकॉर्ड पहचान छह महीने की कड़ी मेहनत के बाद मिली है.'
भारत की इस सफलता पर लोग उनको बधाई और भविष्य में और भी सफलता मिलने की शुभकामनाएं दे रहे हैं. खेल प्रेमी उनकी तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें और भी उपलब्धियां हासिल करते रहना चाहिए और दुनिया के मंच पर भारत और तमिलनाडु का नाम रोशन करना चाहिए.

