संकष्टी चतुर्थी: पूजा के साथ मनोकामना के अनुसार आज करें इन मंत्रों का जाप, भक्तों पर बरसेगी भगवान गणेश की कृपा!
मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. बालकृष्ण शर्मा की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 7:36 AM IST
|Updated : July 3, 2026 at 7:59 AM IST
कुल्लू: सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का दर्जा दिया गया है. किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा अर्चना की जाती है. ऐसे में हर पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है और इसे संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है. संकष्टी चतुर्थी का मतलब भगवान गणेश भक्तों के सभी दुखों को दूर कर देते हैं. ऐसे में अगर छात्रों को अच्छी विद्या चाहिए या फिर बेरोजगारों को नौकरी. किसी गरीब को धन की इच्छा हो तो उन्हें संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए और उनकी कृपा पाने के लिए कुछ विशेष उपाय भी करने चाहिए.
संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
आचार्य विजय कुमार ने बताया, "चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 3 जुलाई को सुबह 11:21 मिनट पर होगा और चतुर्थी तिथि का समापन 4 जुलाई को दोपहर 12:40 मिनट पर होगा. इस तिथि के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत शुक्रवार 3 जुलाई को रखा जाएगा. ऐसे में भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए भक्त को चाहिए कि वो ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. उसके बाद पूजा स्थल को साफ करके भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. फिर भगवान गणेश को दूर्वा, अक्षत और दीप अर्पित करें."
आज के दिन इस मंत्र का करें जाप
आचार्य विजय कुमार कहते हैं, इस दौरान मोदक, लड्डू या गुड़-चने का भोग लगाएं और 'ॐ गं गणपतये नमः मंत्र' का कम से कम 108 बार जप करें. भक्त को चाहिए कि वो इस दिन व्रत रखें और भगवान गणेश का ध्यान करें. आचार्य विजय कुमार ने बताया कि, रात के समय में चंद्रमा के उदय होने पर उन्हें अर्घ्य अर्पित करें और उसके बाद भगवान गणेश की पुनः आरती करें और चंद्र दर्शन के पश्चात व्रत का पारण करें.
संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
- व्रत के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं.
- इसके बाद संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने का संकल्प करें.
- एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
- सिंदूर का तिलक लगाएं. घी का दीपक जलाएं.
- भगवान गणेश की प्रतिमा पर फूल, फल और मिठाइयां अर्पित करें.
- गणेश चालीसा का पाठ करें. अंत में बप्पा की आरती करें.
- शंखनाद से पूजा पूर्ण करें.
संकष्टी चतुर्थी पर करें ये अचूक उपाय
आचार्य विजय कुमार ने बताया कि, विद्या प्राप्ति के लिए छात्रों को चाहिए कि वो पीले वस्त्र धारण करके भगवान गणेश की पूजा करें. इस दिन भगवान गणेश को पीली चीजें और पीला रेशम का धागा अर्पित करें और 'ॐ गं गणपतये नमः' का यथाशक्ति जप करें. भगवान गणेश से विद्या बुद्धि प्राप्ति की प्रार्थना करें और अर्पित किया हुआ धागा अपनी कलाई में माता-पिता या गुरु से बंधवा लें.
मनोकामना के अनुसार करें इन मंत्रों का जाप
वहीं, संतान प्राप्ति के लिए भगवान गणेश को फलों की माला अर्पित करें और संतान गणपति स्रोत का पाठ करें. भक्त को चाहिए कि वो 'ॐ उमापुत्राय नमः' का 108 बार जाप करें और अर्पित किए हुए फलों की माला व फल बच्चों में बांट दें. वहीं, नौकरी पाने के लिए भगवान गणेश को उतने ही लड्डू चढ़ाएं जितनी आपकी उम्र है. हर लड्डू के साथ 'ॐ नमो भगवते लम्बोदराय मंत्र' का जाप करें. उसके बाद एक लड्डू स्वयं खा लें और बाकी लोगों में बांट दें.
ये भी पढ़ें: श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 अगली सूचना तक स्थगित, प्रशासन का बड़ा फैसला
ये भी पढ़ें: हिमाचल में बस खरीदने पर मिलेगी बंपर सब्सिडी! हर महीने प्रोत्साहन राशि भी देगी सरकार

